facebookmetapixel
Advertisement
होर्मुज को ईरान ने फिर किया बंद, तो अमेरिका ने कई ईरानी शहरों पर बरसाए बम; ट्रंप ने खत्म किया सीजफायरवॉट्सऐप यूजरनेम विवाद के बाद सरकार ने कसी कमर, सभी मैसेजिंग ऐप्स के लिए आ सकते हैं एक जैसे नियमनरोत्तम मिश्रा का टिकट कटने के बाद दतिया में बड़ा हंगामा, सामने आया पहला बयान: पार्टी फोरम में बात रखेंअमेरिका के एकतरफा 12.5% टैरिफ प्रस्ताव पर भारत सख्त, कहा: बातचीत से सुलझाएं व्यापारिक मुद्देइंडियन टोनर्स का बड़ा फैसला: 1 शेयर के होंगे 5 टुकड़े, 17 जुलाई को तय हुई स्टॉक स्प्लिट की रिकॉर्ड डेट1 के बदले 2 फ्री बोनस शेयर! फॉर्मा कंपनी ने जबरदस्त मुनाफे के बाद लुटाया प्यार, रिकॉर्ड डेट अगले हफ्तेनिवेशकों के लिए खुशखबरी! मिनोल्टा फाइनेंस के 1 शेयर पर 4 नए शेयर खरीदने का मौका, रिकॉर्ड डेट फिक्सUN Women की रिपोर्ट में खुलासा: संकटग्रस्त इलाकों में 10 लाख से अधिक महिलाओं तक नहीं पहुंच रही मददट्रंप की ईरान को खुली चेतावनी, कहा: मुझ पर हमला हुआ तो 1000 मिसाइलों से तबाह कर देंगेसरकारी बैंकों की बंपर कमाई के बाद शेयरों में जबरदस्त उछाल, इंडियन बैंक-बैंक ऑफ महाराष्ट्र में बड़ी तेजी

EPFO और ई-श्रम के आंकड़े को जोड़ा जाएगा; असंगठित, संगठित क्षेत्र में श्रमिकों पर नजर रखने में मिलेगी मदद

Advertisement

मंत्रालय असंगठित क्षेत्र के और 20 करोड़ श्रमिकों को ई-श्रम पोर्टल में शामिल कर इस केंद्रीय आंकड़े को बढ़ाने की प्रक्रिया में है।

Last Updated- September 22, 2024 | 9:49 PM IST
Employment in India

केंद्रीय श्रम मंत्रालय कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) के आंकड़ों और ई-श्रम पोर्टल के आंकड़ों के एकीकरण के लिए तैयार है। अधिकारी ने बिज़नेस स्टैंडर्ड को बताया कि इसका उद्देश्य देश में कार्यबल के औपचारीकरण रुझान को मापना व आकलन करना है।

अधिकारी ने बताया, ‘इन दो आंकड़ों के एकीकरण से वास्तविक समय के आधार पर असंगठित और संगठित क्षेत्र में श्रमिकों की परस्पर आवाजाही पर नजर रखने में मदद मिलेगी। इससे श्रमिकों के कल्याण के लिए लक्षित कल्याणकारी योजनाएं बनाई जा सकेंगी।’

फिलहाल श्रम मंत्रालय 30 करोड़ असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के ई-श्रम के मजबूत आंकड़ों को केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं से जोड़ रहा है। इसे सामाजिक सुरक्षा के उपायों पहुंच के लिए तक सिंगल विंडो या वन स्टॉप सोल्यूशन की तरह विकसित करने का लक्ष्य है।

अधिकारी ने बताया, ‘देश के करोड़ों श्रमिकों के लिए ई-श्रम को सहजता से पहुंचने लायक एकल खिड़की जैसा विकसित करने का इरादा है। हम इससे सभी कल्याण योजनाओं को जोड़ने का प्रयास करेंगे। अगले चरण में औपचारीकरण के पैमाने का वास्तविक समय के आधार पर आंकड़ा एकत्रित किया जाएगा। यदि कोई श्रमिक ई-श्रम पर पंजीकृत है और उसका ईपीएफओ का विशिष्ट खाता नंबर (यूएएन) भी है तो वह दिखाई देगा और इसे औपचारीकरण के रूप में माना जाएगा।’

केंद्रीय श्रम मंत्री मनसुख मांडविया ने बीते सप्ताह संवाददाताओं को बताया था कि मंत्रालय ने केंद्रीय सरकार की 10 योजनाओं को सफलतापूर्वक ई-श्रम डेटाबेस से जोड़ दिया है। इस कार्य को नई सरकार के पहले 100 दिन के भीतर पूरा किया गया है।

पोर्टल से जोड़ी गई 10 योजनाएं हैं – राशन कार्ड, पीएम स्ट्रीट वेंडर आत्मनिर्भर निधि , महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी (मनरेगा), प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण (पीएमएवाई-जी), पीएमएमवाई-शहरी, नैशनल करियर सर्विस पोर्टल, पीएम श्रम योगी मानधन, राष्ट्रीय विकलांगता पेंशन, राष्ट्रीय विधवा पेंशन, पीएम मत्स्य संपदा योजना और स्किल इंडिया डिजिटल हब।

मंत्रालय असंगठित क्षेत्र के और 20 करोड़ श्रमिकों को ई-श्रम पोर्टल में शामिल कर इस केंद्रीय आंकड़े को बढ़ाने की प्रक्रिया में है। अनुमानों के अनुसार देश में कुल श्रमबल करीब 65 करोड़ है और इसमें से अभी 10 करोड़ संगठित क्षेत्र में है।

ई-श्रम का आंकड़ा करीब 50 करोड़ लोगों के आंकड़े पर स्थिर होने का अनुमान है। इससे पहले जुलाई में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने केंद्रीय बजट में घोषणा की थी कि श्रमिकों को रोजगार और कौशल सहित कई तरह की सेवाएं मुहैया कराई जाएंगी।

Advertisement
First Published - September 22, 2024 | 9:49 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement