facebookmetapixel
Advertisement
CBSE ने छात्रों को दी बड़ी राहत: अब सिर्फ ₹100 में होगा रीचेकिंग, अंक बढ़ने पर फीस होगी वापसPM मोदी की नीदरलैंड यात्रा में हुए 17 ऐतिहासिक समझौते, सेमीकंडक्टर और ग्रीन एनर्जी पर हुआ सौदाहोर्मुज संकट पर संयुक्त राष्ट्र में भारत ने रखा अपना पक्ष, कहा: जहाजों पर हमला पूरी तरह अस्वीकार्यइबोला के दुर्लभ वायरस ने बढ़ाई पूरी दुनिया की चिंता, WHO ने घोषित किया वैश्विक स्वास्थ्य आपातकालSukhoi Su 57 बन सकता है वायु सेना का ब्रह्मास्त्र! स्क्वाड्रन की भारी कमी के बीच IAF के पास एकमात्र विकल्पवीडियोकॉन समूह को लेकर NCLAT का बड़ा फैसला: दोनों कंपनियों की दिवाला प्रक्रिया अब चलेगी अलग-अलगअंबुजा सीमेंट के विस्तार में देरी पर करण अदाणी ने माना: समूह की उम्मीदों पर खरी नहीं उतरीं परियोजनाएंम्यूचुअल फंड में फिर लौटा निवेशकों का भरोसा, कमोडिटी ETF को पछाड़ आगे निकले ऐक्टिव इक्विटी फंडडिजिटल लेनदेन पर अब मिलेगा ‘रिस्क स्कोर’, साइबर ठगी और ‘म्यूल अकाउंट’ पर नकेल कसने की तैयारीरुपये पर दबाव जरूर मगर अभी 100 पार नहीं! जानकारों का दावा: अभी इसकी संभावना न के बराबर

हरियाणा में बिजली हुई महंगी

Advertisement

हरियाणा विद्युत विनियामक आयोग (HERC) का आदेश मंगलवार देर रात जारी किया गया।

Last Updated- April 02, 2025 | 4:58 PM IST
electricity consumption

हरियाणा विद्युत विनियामक आयोग (एचईआरसी) ने 2025-26 के लिए नयी बिजली दरों की घोषणा की है जिसके तहत घरेलू और औद्योगिक श्रेणियों के लिए शुल्क में पिछले वर्ष की तुलना में 20 से 30 पैसे प्रति किलोवाट/केवीएएच तक की बढ़ोतरी की गई है। एचईआरसी का आदेश मंगलवार देर रात जारी किया गया।

घरेलू उपभोक्ताओं के लिए एचईआरसी ने बिजली की दर में 20 पैसे प्रति किलोवाट की बढ़ोतरी की है। शून्य से 50 यूनिट के स्लैब में दर दो रुपये प्रति किलोवाट से बढ़ाकर 2.20 रुपये कर दी गई है। इसी तरह, 51-100 यूनिट स्लैब में भी दर 2.50 रुपये प्रति किलोवाट से बढ़ाकर 2.70 रुपये की गई है। प्रति माह 100 यूनिट से अधिक खपत वाले उपभोक्ताओं को शून्य से 150 यूनिट के स्लैब में अब 2.75 के बजाय 2.95 रुपये प्रति किलोवाट के हिसाब से भुगतान करना होगा।

एक आधिकारिक बयान के अनुसार, वित्त वर्ष 2020-21 में श्रेणी-एक के लिए शुल्क 2.70 रुपये प्रति यूनिट से घटाकर दो रुपये (0-50 यूनिट प्रति माह) कर दिया गया था और 51 से 100 यूनिट स्लैब में शुल्क 4.50 रुपये प्रति यूनिट से घटाकर 2.50 रुपये किया गया था, जिन्हें अब नवीनतम आदेश में 2.20 रुपये और 2.70 रुपये प्रति यूनिट तय किया गया है।

बयान में कहा गया, ‘‘इसके अलावा, बिजली दरों का यह नया ढांचा न्यूनतम मासिक शुल्क (एमएमसी) के बोझ को खत्म करके लोगों को तत्काल राहत प्रदान करता है। हालांकि, दो तरह की शुल्क व्यवस्था शुरू की गई है, जिसमें 300 यूनिट तक मासिक बिजली खपत वाले घरेलू उपभोक्ताओं पर कोई निर्धारित शुल्क नहीं लगाया जाएगा।’’

आधिकारिक बयान में कहा गया, ‘‘श्रेणी-एक के घरेलू उपभोक्ताओं के लिए शुल्क अभी भी पड़ोसी राज्यों की तुलना में सबसे कम है।’’ इस बीच, 151-300 यूनिट के स्लैब के लिए दर 5.25 रुपये, 301 से 500 यूनिट तक के लिए 6.45 रुपये और 500 यूनिट से अधिक की खपत के लिए 7.10 रुपये प्रति किलोवाट होगी। एचईआरसी ने पांच किलोवाट से अधिक लोड वाले उपभोक्ताओं के लिए एक नयी श्रेणी भी बनाई है। शून्य से 500 यूनिट स्लैब के लिए दर 6.50 रुपये, 501 से 1,000 यूनिट के लिए 7.15 रुपये और 1,000 यूनिट से अधिक के लिए 7.50 रुपये प्रति किलोवाट होगी। इसके अलावा, 301 से 500 तथा 500 यूनिट से अधिक स्लैब में 50 रुपये प्रति किलोवाट का निर्धारित शुल्क लगाया गया है।

औद्योगिक उपभोक्ताओं के लिए, 11 केवीएएच आपूर्ति श्रेणी में दर 6.65 रुपये प्रति केवीएएच (किलोवोल्ट-एम्पीयर घंटा) से बढाकर 6.95 रुपये कर दी गई है। इसके अलावा, इस श्रेणी में निर्धारित शुल्क 165 रुपये प्रति केवीए (किलोवोल्ट एम्पीयर) प्रति माह से बढ़ाकर 290 रुपये कर दिया गया है। किसानों को राहत देने के लिए मीटर कनेक्शन वाली कृषि श्रेणी के शुल्क में कमी की गई है। लोड के अनुसार, न्यूनतम मासिक शुल्क प्रति बीएचपी सालाना 200 रुपये प्रति केवीए से घटाकर 180/144 रुपये कर दिया गया है।

मशरूम कम्पोस्ट और स्पॉन, अत्याधुनिक हाइड्रोपोनिक्स, एरोपोनिक्स और शीत भंडारण जैसे उभरते क्षेत्रों को प्रोत्साहित करने के लिए कृषि उद्योग/एफपीओ के वास्ते 20 किलोवाट से ऊपर का एक नया स्लैब बनाया गया है जिसके लिए शुल्क 6.50 रुपये प्रति यूनिट तय किया गया है। अभी 20 किलोवाट से अधिक लोड वाले एफपीओ का बिल एलटी आपूर्ति श्रेणी के शुल्क के अनुसार दिया जा रहा था।

(एजेंसी इनपुट के साथ) 

 

Advertisement
First Published - April 2, 2025 | 4:58 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement