facebookmetapixel
Advertisement
उदारीकरण के 35 साल: सुधार के इंतजार में ‘पूरब का शेफील्ड’; क्या डबल इंजन सरकार लौटाएगी औद्योगिक गौरव?वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच घरेलू सुधारों पर जोर, रणनीतिक बढ़त के लिए तेज नीतिगत फैसलों की जरूरत: वित्त मंत्रालयE20 विवाद के बीच बढ़ी Ethanol-Free Fuel की मांग, प्रीमियम पेट्रोल की बिक्री दोगुनी से ज्यादा हुईQ1 Results: अदाणी एंटरप्राइजेज को ₹1,160 करोड़ का घाटा, जानें आयशर मोटर्स, एशियन पेंट्स समेत अन्य कंपनियों का कैसा रहा रिजल्ट SML Mahindra ने M&M के ट्रक-बस कारोबार का ₹525 करोड़ में अधिग्रहण मंजूर, CV मार्केट में बढ़ाएगी पकड़L&T का ऑटो कंपोनेंट सेक्टर में बड़ा दांव, EV टेक्नोलॉजी पर ₹5,000 करोड़ करेगी निवेशसार्वजनिक वितरण प्रणाली को अब खाद्य नहीं, पोषण सुरक्षा की ओर बढ़ना होगाITR Filing 2026: HRA, होम लोन और 80C-80D डिडक्शन क्लेम में अब देनी होगी ज्यादा जानकारी, जानें नए नियमनीट केवल परीक्षा नहीं, सामाजिक बदलाव का माध्यम भी हैEditorial: राज्यों का बढ़ता कर्ज और घाटा अर्थव्यवस्था के लिए क्यों है चिंता का विषय?

EFTA: भारत ने यूरोपीय एफटीए संघ के रिसर्च से जुड़े आंकड़ों को बाहर रखने की मांग को किया खारिज

Advertisement

वाणिज्य सचिव सुनील बर्थवाल ने कहा कि ऐसा कोई मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) नहीं है जिसमें भारत जेनेरिक दवा उद्योग के खिलाफ जाएगा।

Last Updated- February 15, 2024 | 5:57 PM IST
India US trade

भारत ने गुरुवार को कहा कि उसने यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ (EFTA) के साथ प्रस्तावित एफटीए में शोध से जुड़े आंकड़ों को बाहर (डाटा एक्सक्लूसिविटी) रखने के प्रावधान की मांग को खारिज कर दिया है। उसने कहा कि यह घरेलू जेनेरिक दवा उद्योग के हितों की रक्षा के लिए जरूरी है।

वाणिज्य सचिव सुनील बर्थवाल ने कहा कि ऐसा कोई मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) नहीं है जिसमें भारत जेनेरिक दवा उद्योग के खिलाफ जाएगा। यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ (ईएफटीए) के सदस्य आइसलैंड, लीशटेंस्टीन, नॉर्वे और स्विट्जरलैंड हैं। यह समूह भारत के साथ व्यापार समझौते पर बातचीत कर रहा है।

बर्थवाल ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘वे चाहते हैं कि मुक्त व्यापार समझौते में ‘डाटा एक्सक्लूसिविटी’ शामिल हो। हमने उनकी मांग को खारिज कर दिया। हम अपने जेनेरिक दवा उद्योग के साथ हैं।’’ ‘डाटा एक्सक्लूसिविटी’ अपने उत्पादों की उपयोगिता साबित करने के लिए नवप्रवर्तक कंपनियों द्वारा उत्पन्न तकनीकी आंकड़ों को सुरक्षा प्रदान करती है।

औषधि क्षेत्र में, दवा कंपनियां अपनी नई दवा की क्षमता और सुरक्षा साबित करने के लिए महंगे वैश्विक ​​​परीक्षणों के माध्यम से आंकड़े सृजित करती हैं। इन आंकड़ों पर विशेष अधिकार प्राप्त करके, अनुसंधान से जुड़ी कंपनियां निर्धारित अवधि के दौरान अपने प्रतिद्वंद्वी कंपनियों को कम लागत वाली दवाओं के लिए विपणन लाइसेंस प्राप्त करने से रोक सकती हैं।

बर्थवाल ने कहा, ‘‘भारतीय जेनेरिक उद्योग के लिए इस समझौते से खतरे की कोई बात नहीं है। वास्तव में, जेनेरिक दवा उद्योग को फलता-फूलता देखना हमारा प्रमुख उद्देश्य है।’’ सचिव ने कहा कि उद्योग भारत के निर्यात में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है और यह बढ़ भी रहा है। स्विट्जरलैंड में दुनिया की कुछ प्रमुख दवा कंपनियां हैं और इनमें नोवार्टिस और रोशे शामिल हैं। इन दोनों कंपनियों की भारत में मौजूदगी है।

भारत का जेनेरिक दवा उद्योग लगभग 25 अरब डॉलर का है और देश उत्पादन का 50 प्रतिशत निर्यात करता है। एक विशेषज्ञ ने कहा कि ‘डाटा एक्सक्लूसिविटी’ डब्ल्यूटीओ (विश्व व्यापार संगठन) के तहत बौद्धिक संपदा अधिकार (ट्रिप्स) समझौते के व्यापार संबंधी पहलुओं के प्रावधानों से परे है।

भारत और ईएफटीए आर्थिक संबंधों को बढ़ावा देने के लिए जनवरी, 2008 से समझौते पर बातचीत कर रहे हैं। इसे उन्होंने आधिकारिक तौर पर व्यापार और आर्थिक भागीदारी समझौता (टीईपीए) नाम दिया है। व्यापार और आर्थिक भागीदारी समझौते पर बातचीत का 21वां दौर जनवरी में यहां हुआ था।

बातचीत वस्तु व्यापार, उत्पत्ति के नियम, व्यापार और सतत विकास, बौद्धिक संपदा अधिकार और व्यापार सुविधा सहित विभिन्न मुद्दों पर हुई। वाणिज्य मंत्रालय के मुताबिक, फिलहाल बातचीत अंतिम चरण में है। ईएफटीए के कनाडा, चिली, चीन, मेक्सिको और दक्षिण कोरिया सहित 40 भागीदार देशों के साथ 29 मुक्त व्यापार समझौते हैं।

Advertisement
First Published - February 15, 2024 | 5:57 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement