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गिरावट से उबरी अर्थव्यवस्था

Last Updated- December 12, 2022 | 7:46 AM IST

कोरोनावायरस महामारी के बीच भारत के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में चालू वित्त वर्ष में लगातार दो तिमाही में गिरावट के बाद तीसरी तिमाही (अक्टूबर-दिसंबर) में 0.4 फीसदी की वृद्धि हुई है। राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय द्वारा आज जारी आंकड़ों से अर्थव्यवस्था में सुधार के संकेत दिख रहे हैं। हालांकि पूरे वित्त वर्ष में जीडीपी में 8 फीसदी गिरावट आने का अनुमान लगाया गया है। पहले 7.7 फीसदी गिरावट का अनुमान जताया गया था।
वित्त मंत्रालय ने कहा, ‘पहली तिमाही में लॉकडाउन के कारण तेज गिरावट के बाद दूसरी तिमाही में सुधार के संकेत के बाद यह आंकड़ा अर्थव्यवस्था में तेज सुधार को प्रतिबिंबित करता है।’ पहली तीन तिमाहियों के आंकड़ों के हिसाब से पूरे साल के अनुमान का आकलन करें तो चालू वित्त वर्ष में जीडीपी में 1.1 फीसदी गिरावट आने का अंदेशा है। अगर चौथी तिमाही में जीडीपी में संकुचन आता है तो सरकार को अपना वास्तविक व्यय 29 फीसदी बढ़ाने की जरूरत होगी। दूसरी और तीसरी तिमाही में सरकार के व्यय में कमी आई है, जबकि निजी और अनौपचारिक क्षेत्र अभी भी महामारी की मार से उबर नहीं पाए हैं। इससे संकेत मिलता है कि वी-आकार के सुधार में देरी हो सकती है।
देश की अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने वाला प्रमुख घटक उपभोक्ता व्यय में तीसरी तिमाही के दौरान 2.4 फीसदी की गिरावट आई है। हालांकि निवेश में उम्मीद से ज्यादा तेजी आई है। सकल पूंजी सृजन में पहली तिमाही के दौरान खासी गिरावट आई थी लेकिन तीसरी तिमाही में यह 2.6 फीसदी बढ़ा है।
कोविड-19 की वजह से सेवा क्षेत्र पर सबसे अधिक असर हुआ था। हालांकि इस खंड का जीवीए पिछले वर्ष तीसरी तिमाही के स्तर पर पहुंच गया। तीसरी तिमाही में विनिर्माण में जरूर तेजी आई लेकिन यह मामूली ही रही। चौथी तिमाही में मोटे अनुमान के अनुसार सेवा क्षेत्र वास्तविक वृद्धि दर के मामले में विनिर्माण के बराबर पहुंचता दिख रहा है।
आलोच्य अवधि में वित्तीय सेवा एवं रियल एस्टेट में सकल मूल्य में खासा सुधार दर्ज हुआ। आंकड़ों के अनुसार इस दौरान इनमें जीवीए 6.6 प्रतिशत रहा। इसी तरह, निर्माण गतिविधियां भी आगे रहीं और तीसरी तिमाही में इस सेगमेंट का जीवीए 6.2 प्रतिशत रहा।
2020-21 में अर्थव्यवस्था में निवेश दर सुधर कर जीडीपी का 26.7 प्रतिशत रह सकती है। पहले अग्रिम अनुमान में यह आंकड़ा 24.4 प्रतिशत रहने की बात कही गई थी। चालू वित्त वर्ष में निवेश दर पहली तिमाही के 20.6 प्रतिशत से सुधकर तीसरी तिमाही में जीडीपी का 27.7 प्रतिशत हो गई। चौथी तिमाही में यह जीडीपी का 29.5 प्रतिशत तक पहुंच जाने का अनुमान है। चौथी तिमाही में जीडीए सुधर कर कर 2.5 प्रतिशत के स्तर पर पहुंच सकता है। चौथी तिमाही में जीडीपी में संभावित गिरावट तिमाही आंकड़ों में संशोधन के बाद थम सकती है।

First Published - February 26, 2021 | 11:09 PM IST

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