भारतीय उद्योग जगत को लगता है कि कारोबारी सुगमता को बढ़ाने और जीएसटी प्रशासन में सुधार के अगले चरण के लिए सही समय आ गया है। Deloitte survey में मंगलवार को यह बात कही गई।
Deloitte survey में उद्योग जगत ने मौजूदा कर विवादों के समाधन के लिए एक माफी योजना लाने की अपील भी की। सर्वेक्षण में कहा गया कि एक जुलाई, 2017 को जीएसटी की शुरुआत के बाद से इसके प्रशासन में जबरदस्त बदलाव आया है। सर्वेक्षण में पता चला कि सरलीकृत कर व्यवस्था के लिए स्वीकृति बढ़ रही है और 88 प्रतिशत एमएसएमई ने अनुकूलित आपूर्ति श्रृंखलाओं के साथ माल और सेवाओं की लागत में कमी की बात कही।
प्रतिभागियों में 80 प्रतिशत ने कहा कि कारोबारी सुगमता बढ़ाने और जीएसटी प्रशासन में सुधार के अगले चरण के लिए सही समय आ गया है। डेलॉयट इंडिया में पार्टनर और लीडर (अप्रत्यक्ष कर) महेश जयसिंह ने कहा कि भारतीय कंपनियां जीएसटी व्यवस्था से हुए बदलावों को लेकर काफी सकारात्मक है।