facebookmetapixel
₹4,675 का दांव, ₹8,075 तक कमाई का मौका! Torrent Power पर एक्सपर्ट की बुल स्प्रेड स्ट्रैटेजीStocks to Watch today: Bharti Airtel से लेकर Hero MotoCorp और LIC तक, शुक्रवार को इन 10 स्टॉक्स पर रखें नजरStock Market Today: गिफ्ट निफ्टी से सुस्त संकेत, एशियाई बाजारों में गिरावट; RBI के फैसले पर फोकसब्याज दरों पर बड़ा ऐलान आज, RBI MPC मीटिंग कहां और कब देखें?BS Exclusive: खास घटना नहीं व्यापक बुनियाद पर बना है बजट- वित्त मंत्री निर्मला सीतारमणभारत-जीसीसी मुक्त व्यापार समझौते की दिशा में बड़ी प्रगति, FTA वार्ता के लिए शर्तों पर हुआ करारIOCL Q3 Results: बेहतर रिफाइनिंग मार्जिन और सरकारी मुआवजे से मुनाफा 6 गुना उछला, ₹13,502 करोड़ पर आयाजमीन से आमदनी बढ़ाने की कवायद में LIC, मुनाफा 17% बढ़कर ₹12,958 करोड़ रहासरकारी बैंकों का मुनाफा बढ़ा, मजबूत ट्रेजरी यील्ड ने नेट इंटरेस्ट इनकम की कमी पूरी कीIndia-US Trade Deal: कृषि के लिए नहीं खोला गया बाजार, बोले कृषि मंत्री चौहान किसानों के हित सुरक्षित

कच्चा तेल इस साल पहली बार 90 डॉलर पर, भारत में पेट्रोल, डीजल कीमतों में बदलाव की उम्मीद घटी

रूस के साथ सऊदी अरब की अगुवाई वाले ओपेक प्लस द्वारा दिसंबर के अंत तक वैश्विक बाजार में आपूर्ति में 10 लाख बैरल प्रतिदिन की कटौती जारी रखने का निर्णय लिया गया।

Last Updated- September 06, 2023 | 9:08 PM IST
Crude Oil

सऊदी अरब और रूस द्वारा अपने कच्चा तेल उत्पादन और निर्यात में स्वैच्छिक कटौती को वर्ष के अंत तक बढ़ाए जाने से कच्चे तेल की कीमतें 10 महीने के उच्चतम स्तर लगभग 90 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गई हैं। भारत अपनी कच्चे तेल की 85 प्रतिशत जरूरत आयात से पूरा करता है। ऐसे में इसके दाम चढ़ने का मतलब है कि भारत को इसके लिए अधिक खर्च करना होगा। ऐसे में आने वाले दिनों में पेट्रोल, डीजल की बाजार आधारित कीमत की ओर लौटने की संभावना और कम हो गई है।

पिछले सप्ताह ब्रेंट कच्चे तेल की कीमतें 6.5 प्रतिशत बढ़ी

रूस के साथ सऊदी अरब की अगुवाई वाले ओपेक प्लस द्वारा दिसंबर के अंत तक वैश्विक बाजार में आपूर्ति में 10 लाख बैरल प्रतिदिन की कटौती जारी रखने का निर्णय लेने के बाद पिछले सप्ताह ब्रेंट कच्चे तेल की कीमतों में लगभग 6.5 प्रतिशत की वृद्धि हुई। इसके साथ ही, रूस ने हाल के महीनों में अपने निर्यात में स्वैच्छिक कटौती की है। इस कदम से मंगलवार को ब्रेंट इस साल पहली बार 90 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गया। बुधवार को यह 89.67 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा है।

Also read: Crude Oil Imports: रूस से भारत के कच्चे तेल के आयात में 9 महीने में पहली बार आई गिरावट

कच्चे तेल का औसत मूल्य इस महीने 89.81 डॉलर प्रति बैरल रहा

पेट्रोलियम मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, भारत द्वारा आयातित कच्चे तेल का औसत मूल्य इस महीने 89.81 डॉलर प्रति बैरल है, जबकि अगस्त में यह 86.43 डॉलर था। मई और जून में भारत के लिए तेल का मूल्य 73-75 डॉलर प्रति बैरल के दायरे में मंडरा रहा था, जिससे बाजार आधारित मूल्य निर्धारण की वापसी और पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कमी की उम्मीद फिर से जगी थी। लेकिन जुलाई में कीमतें बढ़कर 80.37 डॉलर प्रति बैरल हो गईं और अब 90 डॉलर के करीब पहुंच गई हैं।

First Published - September 6, 2023 | 9:08 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

संबंधित पोस्ट