facebookmetapixel
Advertisement
PNB Q1 Results: मुनाफे में तीन गुना से ज्यादा का बंपर उछाल, आंकड़ा ₹5,253 करोड़ के पारICICI Bank Q1 Results: मुनाफे में 13.9% का तगड़ा उछाल, ₹15,440 करोड़ पर पहुंचा नेट प्रॉफिटYes Bank Q1 Results: मुनाफे में 33.7% का बंपर उछाल, ₹1,071 करोड़ के पार पहुंचा नेट प्रॉफिटHDFC Bank Q1 Results: मुनाफा 5% की बढ़त के साथ ₹19,060 करोड़ के पार, NII में 6.7 फीसदी की तेजीAxis Bank Q1 Results: मुनाफा 22% बढ़कर ₹7,632 करोड़ के पार, NII में 8.6 फीसदी की बढ़ोतरीप्राइवेट रॉकेट ‘विक्रम-1’ की उड़ान के साथ अंतरिक्ष में बड़ी कामयाबी हासिल, क्या भारत बनेगा दुनिया का नया स्पेस हब?Stock Split: शेयर बाजार में कमाई का मौका! अगले हफ्ते इन 3 कंपनियों के एक शेयर के बदले मिलेंगे कई शेयरDividend Stocks: अगले हफ्ते एबॉट-हॉकिन्स समेत 75 से अधिक कंपनियां बांटेंगी बंपर मुनाफा, देखें पूरी लिस्टभारत में ग्रीन एनर्जी की बड़ी छलांग; पहली छमाही में 25% बढ़ी नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता: प्रल्हाद जोशीधोखाधड़ी पर लगाम और फटाफट क्लेम: AI और मशीन लर्निंग इंश्योरेंस सेक्टर में क्या बदलाव ला रही है?

देशों को विकास लक्ष्यों के लिए 4.5 लाख करोड़ डॉलर की जरूरत: उदय कोटक

Advertisement

कोटक ने उद्योग मंडल CII द्वारा आयोजित B-20 शिखर सिम्मेलन में कहा, 'अगले 7-10 वर्षों में लगभग 4.5 लाख करोड़ डॉलर की जरूरत है

Last Updated- August 25, 2023 | 8:49 PM IST

वैश्विक आर्थिक सुधार के लिए वित्त पोषण पर B-20 इंडिया कार्य बल के अध्यक्ष उदय कोटक ने शुक्रवार को कहा कि देशों को अपने विकास लक्ष्यों को वित्तपोषित करने के लिए अगले 7-10 साल में लगभग 4.5 लाख करोड़ डॉलर की जरूरत होगी।

कार्य बल ने अपनी सिफारिश में कंपनियों के लिए वित्त पोषण के तरीके भी सुझाए। इसने एक ‘वैश्विक कोष’ स्थापित करने का सुझाव दिया, जिसमें वैश्विक स्तर पर प्रत्येक कंपनियां अपने लाभ का 0.2 प्रतिशत सामाजिक विकास लक्ष्यों के लिए योगदान दें।

कोटक ने उद्योग मंडल CII द्वारा आयोजित B-20 शिखर सिम्मेलन में कहा, ‘अगले 7-10 वर्षों में (विकास लक्ष्यों की प्राथमिकताओं को पूरा करने के लिए) लगभग 4.5 लाख करोड़ डॉलर की जरूरत होगी।’

कोटक ने कहा, ‘हम जो प्रस्ताव दे रहे हैं वह यह है कि प्रत्येक कंपनी दुनिया के लिए सामाजिक विकास लक्ष्यों (SDG) में लाभ का 0.2 प्रतिशत योगदान दे। यह दुनिया के लिये प्राथमिकता वाला क्षेत्र है। उन्होंने कहा कि भारत में हर कंपनी अपने लाभ का दो प्रतिशत कॉरपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) में योगदान करती है।

कोटक ने कहा, ‘CSR के लिए दो प्रतिशत में से 0.2 प्रतिशत उस वैश्विक कोष में हमारा योगदान हो सकता है, जिसमें हर देश को कंपनियों से योगदान करने का एक तरीका खोजना चाहिए।’

‘वैश्विक निधि’ के उपयोग के लिए प्राथमिकता वाले क्षेत्र जलवायु परिवर्तन, ऊर्जा, जैव विविधता और महासागर प्रदूषण हो सकते हैं।

कोटक ने कहा, ‘यह पासा पलटने वाला साबित हो सकता है। मैं जी-20 देशों को उन तरीकों का पता लगाने की सलाह दूंगा जिनके द्वारा कंपनियां स्वेच्छा से या विनियमन के माध्यम से, इन महत्वपूर्ण परिवर्तन लक्ष्यों के लिए लाभ का 0.2 प्रतिशत योगदान कर सकते हैं।’

Advertisement
First Published - August 25, 2023 | 8:49 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement