facebookmetapixel
Advertisement
कहीं आपका LPG नंबर पुराना तो नहीं? एक गलती से रुक सकती हैं गैस से जुड़ी जरूरी सेवाएंईंधन कीमतों की सीमित बढ़ोतरी घरेलू बजट पर बहुत बड़ा असर नहीं डालेगी: ICRAसोलर सेक्टर में धमाका! इनॉक्स क्लीन एनर्जी ने अमेरिकी कंपनी से 3 गीगावॉट क्षमता हासिल कर बढ़ाया ग्लोबल दबदबामुनाफे पर दबाव के बीच एयरटेल की नई रणनीति, एआरपीयू बढ़ाने की तैयारीSUV और EV की मजबूत डिमांड से चमकी Tata Motors PV, ब्रोकरेज को शेयर में 39% तक तेजी की उम्मीदसंजय कपूर की संपत्ति विवाद में नया मोड़, सुप्रीम कोर्ट ने बोर्ड मीटिंग रोकने से किया इनकारअब हर यूजर बनेगा क्रिएटर! Myntra का नया फीचर बदल देगा ऑनलाइन शॉपिंग का तरीकाNEET-UG 2026 री-एग्जाम डेट फाइनल! पेपर लीक विवाद के बाद 21 जून को होगी परीक्षा; 14 जून तक आएंगे एडमिट कार्ड5G और टैरिफ बढ़ोतरी से Airtel की कमाई बढ़ने की उम्मीद, 33% तक तेजी का अनुमानमहाराष्ट्र में बनेगा ऊर्जा का नया गेमचेंजर! न्यू एरा क्लीनटेक लगाएगी 3 अरब डॉलर, कोयले से बनेगा गैस फ्यूल

देशों को विकास लक्ष्यों के लिए 4.5 लाख करोड़ डॉलर की जरूरत: उदय कोटक

Advertisement

कोटक ने उद्योग मंडल CII द्वारा आयोजित B-20 शिखर सिम्मेलन में कहा, 'अगले 7-10 वर्षों में लगभग 4.5 लाख करोड़ डॉलर की जरूरत है

Last Updated- August 25, 2023 | 8:49 PM IST

वैश्विक आर्थिक सुधार के लिए वित्त पोषण पर B-20 इंडिया कार्य बल के अध्यक्ष उदय कोटक ने शुक्रवार को कहा कि देशों को अपने विकास लक्ष्यों को वित्तपोषित करने के लिए अगले 7-10 साल में लगभग 4.5 लाख करोड़ डॉलर की जरूरत होगी।

कार्य बल ने अपनी सिफारिश में कंपनियों के लिए वित्त पोषण के तरीके भी सुझाए। इसने एक ‘वैश्विक कोष’ स्थापित करने का सुझाव दिया, जिसमें वैश्विक स्तर पर प्रत्येक कंपनियां अपने लाभ का 0.2 प्रतिशत सामाजिक विकास लक्ष्यों के लिए योगदान दें।

कोटक ने उद्योग मंडल CII द्वारा आयोजित B-20 शिखर सिम्मेलन में कहा, ‘अगले 7-10 वर्षों में (विकास लक्ष्यों की प्राथमिकताओं को पूरा करने के लिए) लगभग 4.5 लाख करोड़ डॉलर की जरूरत होगी।’

कोटक ने कहा, ‘हम जो प्रस्ताव दे रहे हैं वह यह है कि प्रत्येक कंपनी दुनिया के लिए सामाजिक विकास लक्ष्यों (SDG) में लाभ का 0.2 प्रतिशत योगदान दे। यह दुनिया के लिये प्राथमिकता वाला क्षेत्र है। उन्होंने कहा कि भारत में हर कंपनी अपने लाभ का दो प्रतिशत कॉरपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) में योगदान करती है।

कोटक ने कहा, ‘CSR के लिए दो प्रतिशत में से 0.2 प्रतिशत उस वैश्विक कोष में हमारा योगदान हो सकता है, जिसमें हर देश को कंपनियों से योगदान करने का एक तरीका खोजना चाहिए।’

‘वैश्विक निधि’ के उपयोग के लिए प्राथमिकता वाले क्षेत्र जलवायु परिवर्तन, ऊर्जा, जैव विविधता और महासागर प्रदूषण हो सकते हैं।

कोटक ने कहा, ‘यह पासा पलटने वाला साबित हो सकता है। मैं जी-20 देशों को उन तरीकों का पता लगाने की सलाह दूंगा जिनके द्वारा कंपनियां स्वेच्छा से या विनियमन के माध्यम से, इन महत्वपूर्ण परिवर्तन लक्ष्यों के लिए लाभ का 0.2 प्रतिशत योगदान कर सकते हैं।’

Advertisement
First Published - August 25, 2023 | 8:49 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement