facebookmetapixel
Advertisement
पेपर लीक के खिलाफ कानून में संशोधन को केंद्रीय मंत्रिमंडल की मंजूरी, सोमवार को संसद में पेश होगा विधेयकभारी बारिश और बाढ़ का कहर: गुजरात में सेना ने संभाला मोर्चा, असम-महाराष्ट्र में भी हालात गंभीरचार साल के निचले स्तर पर पहुंची निजी कारोबारी गतिविधियां, महंगाई और पश्चिम एशिया तनाव से सुस्त पड़ी रफ्तारफ्रंट-रनिंग मामले में ऐक्सिस MF के पूर्व डीलर वीरेश जोशी पर 7 साल का प्रतिबंध, 3 करोड़ का जुर्माना भीरसायन क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए सरकार का बड़ा कदम, 3,030 करोड़ रुपये की ‘भव्य-रसायन’ योजना मंजूरCBDT को वित्त मंत्री की सख्त हिदायत, कहा: अभी भी 5.4 लाख अपीलें लंबित, मुकदमेबाजी रणनीति की करें समीक्षाUS Tariff on India: अमेरिका ने भारतीय वस्तुओं पर लगाया 10% टैरिफ, धारा 301 के तहत हुई कार्रवाईUpcoming IPO: देश का सबसे बड़ा हेल्थकेयर IPO ला रही मणिपाल हेल्थ, 29 जुलाई से खुलेगा इश्यूHindustan Zinc Q1 Results: दोगुने से ज्यादा बढ़ा मुनाफा, 5,469 करोड़ रुपये पर पहुंचा आंकड़ाबिना इंटरनेट चलने वाले Bitchat ऐप पर सरकार का शिकंजा, GitHub से कोड हटाने का दिया निर्देश

नोटबंदी के प्रभाव का आकलन

Advertisement
Last Updated- January 02, 2023 | 10:44 PM IST
500 Old note
PTI

सर्वोच्च न्यायालय ने सोमवार को यह फैसला दिया कि नोटबंदी अतार्किक नहीं थी। यह ‘आनुपातिकता के परीक्षण’ पर खरी उतरती है। बिज़नेस स्टैंडर्ड ने 8 नवंबर, 2016 की आधी रात से 500 और 1000 रुपये के नोटों को अमान्य करार देने के सरकार के फैसले के प्रभाव का विश्लेषण किया।

  • साल 2017-18 और 2021-22 के बीच डिजिटल भुगतान हर साल औसतन 66 फीसदी बढ़ा।
  • नकद का इस्तेमाल बढ़ा है। यह औसत 14 फीसदी है जबकि 2011 से 2016 के दौरान औसत बढ़ोतरी 12.2 फीसदी थी।
  • नोटबंदी नहीं होने की स्थिति में नकदी का प्रवाह वर्तमान स्तर से 10 फीसदी अधिक होता।
  • नकदी प्रवाह जीडीपी या सभी सामान और सेवाओं के मूल्य के अनुपात में अधिक हुआ। अप्रैल, 2016 की तुलना में अप्रैल, 2022 में नकदी प्रवाह अधिक था।
  • बीते छह सालों के दौरान उच्च मूल्य के नोटों की हिस्सेदारी बढ़ी : मार्च, 2016 में कुल मात्रा में 500 और 1,000 रुपये मूल्य के नोटों की हिस्सेदारी 24.4 फीसदी थी जबकि मार्च, 2022 में 500 और 2,000 रुपये की हिस्सेदारी 36.5 फीसदी थी।
  • नकदी के प्रवाह में उच्च मूल्य के नोटों की हिस्सेदारी बढ़ी। मार्च, 2022 में कुल नकदी प्रवाह में उच्च मूल्य के नोटों की हिस्सेदारी 87.1 फीसदी थी। मार्च, 2016 में यह 86.4 फीसदी थी।
  • 2011-12 से 2015-16 के दौरान डिजिटल भुगतान में 44 फीसदी की औसत बढ़ोतरी हुई।

Advertisement
First Published - January 2, 2023 | 10:43 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement