facebookmetapixel
Advertisement
Stock Split: निवेशकों की मौज! एक शेयर के बदले मिलेंगे 10 शेयर, नोट कर लें इन 2 कंपनियों की रिकॉर्ड डेटनील कट्याल कौन हैं? ट्रंप के टैरिफ पर ऐतिहासिक फैसले के पीछे का बड़ा नामनई जीडीपी सीरीज में बड़ा बदलाव, अब बदलेगी विकास दर की तस्वीर‘बजट के आंकड़ों से आगे बढ़ना जरूरी’, एक्सपर्ट्स ने बताया 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने का असली फॉर्मूलाUS-India Trade Deal: सुप्रीम कोर्ट के झटके के बाद ट्रंप का पलटवार, भारत समझौते पर कायम रुखUPI साइन-अप में होगा बड़ा बदलाव: अब बिना SMS के संभव होगी डिवाइस बाइंडिंग की सुरक्षित प्रक्रियाUS Tariffs: सुप्रीम कोर्ट की रोक के बाद ट्रंप का पलटवार, 10% ग्लोबल टैरिफ का ऐलानपरोपकार की नई मिसाल: 540 अरब डॉलर पहुंचा भारत का दान बाजार, छोटे परिवारों ने भी पेश की नजीरमोदी-लूला के बीच होगी ऐतिहासिक वार्ता, विमानन और फार्मा क्षेत्र में होंगे कई बड़े द्विपक्षीय समझौतेविनोद खोसला की खरी-खरी: जोखिम लेने से डरता है भारतीय VC समुदाय, नवाचार के बजाय मुनाफे पर है जोर

UPI के बाद अब RBI लाने जा रहा LPSS पेमेंट सिस्टम, जानें इसमें क्या होगा खास

Advertisement
Last Updated- May 31, 2023 | 9:55 AM IST
repo rate

RBI Annual Report: UPI की सफलता के बाद अब केंद्रीय बैंक एक नया पेमेंट सिस्टम लाने की योजना बना रहा है। RBI की वार्षिक रिपोर्ट के मुताबिक प्रस्तावित नए पेमेंट सिस्टम का नाम ‘लाइट वेट एंड पोर्टेबल पेमेंट सिस्टम’ (LPSS) होगा। नया पेमेंट सिस्टम पारंपरिक टेक्नोलॉजी से पूरी तरह से अलग होगा और इसे बहुत ही कम कर्मचारी कहीं से भी ऑपरेट कर सकेंगे।

प्राकृतिक आपदाओं में भी आसानी से हो सकेगा पेमेंट

LPSS पेमेंट सिस्टम इसलिए भी खास होगा क्योंकि इसके माध्यम से किसी भी परिस्थिति में पेमेंट सेटलमेंट किया जा सकेगा। यह पेमेंट सिस्टम RTGS, NEFT और UPI जैसी मौजूदा भुगतान प्रणालियों से पूरी तरह से स्वतंत्र होगा। RBI ने अपनी वार्षिक रिपोर्ट में कहा कि प्राकृतिक आपदाओं और युद्ध जैसी भयावह घटनाओं में ये प्रणालियां अस्थायी रूप से बंद हो सकती हैं। इसी बात को ध्यान में रखते हुए LPSS पेमेंट सिस्टम को तैयार करने की परिकल्पना की गई है।

जरूरत के समय एक्टिव किया जा सकेगा LPSS पेमेंट सिस्टम

रिपोर्ट में कहा गया कि मौजूदा पारंपरिक पेमेंट सिस्टम को निरंतर बड़ी मात्रा में भुगतान करने के लिए डिजाइन किया गया है। नतीजतन, ये सिस्टम्स उन्नत IT इंफ्रास्ट्रक्चर और जटिल तारों के नेटवर्क पर निर्भर हैं। जबकि इसके विपरीत LPSS को भुगतान प्रणालियों में ‘बंकर समतुल्य’ के रूप में देखा जाता है और यह ऐसे लेनदेन को संसाधित करेगा जो अर्थव्यवस्था की स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण हैं, जैसे कि सरकार और बाजार से संबंधित लेनदेन।

RBI ने कहा कि LPSS के बुनियादी हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर पर काम करने की उम्मीद है और इसे केवल जरूरत के आधार पर सक्रिय किया जाएगा। एक नई प्रणाली लाने का RBI का निर्णय ऐसे समय में आया है जब हाल के वर्षों में डिजिटल लेनदेन में लगातार वृद्धि देखी गई है।

Advertisement
First Published - May 31, 2023 | 9:55 AM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement