facebookmetapixel
Advertisement
Mcap: शेयर बाजार में सुस्ती से रिलायंस समेत 7 कंपनियों के डूबे ₹1.54 लाख करोड़, HDFC को भी बड़ा झटकाअमेरिका-ईरान शांति समझौते में आया नया मोड़, ट्रंप ने ड्राफ्ट में बदलाव की मांग कर अड़ाया पेंचभीषण गर्मी के बाद आंधी-बारिश से बदलेगा मौसम का मिजाज, दिल्ली-UP सहित कई राज्यों में गिरेगा पारातेल कंपनियों के लिए खुशखबरी: सरकार ने घटाई पेट्रोल-डीजल पर एक्सपोर्ट ड्यूटी, निर्यातकों को बड़ी राहतपश्चिम एशिया संकट व कमजोर मॉनसून बढ़ा सकती हैं चिंताएं, चुनौतियों से निपटने के लिए रहें तैयार: वित्त मंत्रालयक्या आपका रिटायरमेंट फंड बुढ़ापे में जीवनभर साथ देगा? जानें बढ़ती उम्र और महंगाई के बीच सुरक्षा का फॉर्मूला10 साल के सबसे खराब मानसून के खतरे के बीच सरकार का बड़ा फैसला, 1 जून से शुरू होगा ‘खेत बचाओ’ अभियानपूरी तरह बदल गया ट्रेंड! क्यों पुराने लॉयल्टी प्रोग्राम्स छोड़ ‘इंस्टेंट डिजिटल रिवॉर्ड्स’ के दीवाने हो रहे युवा?Dividend Stocks: अगले हफ्ते रिलायंस और HDFC AMC समेत 19 कंपनियां बांटने जा रही हैं मुनाफा, चेक करें लिस्टBonus Stocks: निवेशकों की मौज! अगले हफ्ते ये दो कंपनियां बाटेंगी बोनस शेयर, नोट कर लें रिकॉर्ड डेट

नेट डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन लक्ष्य का 87 प्रतिशत

Advertisement
Last Updated- January 11, 2023 | 10:54 PM IST
Direct tax collection will be more than expected
BS

चालू वित्त वर्ष के दौरान 10 जनवरी तक सरकार का रिफंड के बाद नेट डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन 19.55 प्रतिशत बढ़ा है। यह वित्त वर्ष 23 के बजट अनुमान के 86.68 प्रतिशत पर पहुंच गया है। बुधवार को जारी वित्त मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक 10 जनवरी तक सकल प्रत्यक्ष कर संग्रह 24.58 प्रतिशत बढ़कर 14.71 करोड़ रुपये हो गया है। इस अवधि के दौरान शुद्ध कर संग्रह 12.31 लाख करोड़ रुपये रहा है, जबकि वित्त वर्ष 23 के बजट में 13 लाख करोड़ रुपये संग्रह का लक्ष्य रखा गया है।

इक्रा रेटिंग्स में मुख्य अर्थशास्त्री अदिति नायर ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि सकल प्रत्यक्ष कर संग्रह बजट अनुमान से 2.2 लाख करोड़ रुपये अधिक होगा। उन्होंने कहा, ‘हम प्रत्यक्ष कर और सीजीएसटी (केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर) में भारी वृद्धि की उम्मीद कर रहे हैं। इससे ज्यादातर अतिरिक्त व्यय की भरपाई हो जाएगी। राजकोषीय घाटा बजट के लक्ष्य से 80,000 करोड़ रुपये ऊपर जा सकता है, लेकिन ज्यादा नॉमिनल जीडीपी वृद्धि की वजह से यह जीडीपी के 6.4 प्रतिशत तक सीमित रहेगा।’

पिछले सप्ताह वित्त वर्ष 23 के लिए अग्रिम अनुमान जारी किया गया था। इसमें नॉमिनल जीडीपी वृद्धि दर 15.4 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया गया है, जबकि चालू वित्त वर्ष की शुरुआत में बजट में 11.1 प्रतिशत वृद्धि का अनुमान लगाया गया था। इससे सरकार बजट अनुमान से 97,000 करोड़ रुपये अतिरिक्त खर्च कर सकेगी और इसके बावजूद 6.44 प्रतिशत राजकोषीय घाटे का लक्ष्य हासिल हो जाएगा।

सकल आधार पर देखें तो कॉर्पोरेट आयकर (सीआईटी) से कर संग्रह 19.72 प्रतिशत बढ़ा है, जबकि व्यक्तिगत आयकर संग्रह (पीआईटी) 30.46 प्रतिशत बढ़ा है। रिफंड समायोजित करने के बाद सीआईटी संग्रह में शुद्ध वृद्धि 18.33 प्रतिशत है और पीआईटी (प्रतिभूति लेन देन कर सहित) 20.97 प्रतिशत बढ़ा है। एसटीटी को छोड़कर इस अवधि के दौरान पीआईटी 21.64 प्रतिशत बढ़ा है। वित्त मंत्रालय ने 10 जनवरी तक 2.40 लाख करोड़ रुपये रिफंड जारी किया है, जो पिछले साल की समान अवधि में जारी रिफंड की तुलना में 58.74 प्रतिशत ज्यादा है।

यह भी पढ़ें: Budget 2023: सरकार 6.4 फीसदी फिस्कल डेफिसिट का लक्ष्य हासिल कर लेगी- रिपोर्ट

केंद्र सरकार वित्त वर्ष 24 में प्रत्यक्ष कर संग्रह में वृद्धि का लक्ष्य कम रख सकती है। शुरुआती आंतरिक आकलन के मुताबिक चालू वित्त वर्ष के संशोधित अनुमान (आरई) औऱ वित्त वर्ष 24 के बजट अनुमान (बीई) पर काम कर रहा वित्त मंत्रालय वित्त वर्ष 23 के 14.2 लाख करोड़ रुपये प्रत्यक्ष कर संग्रह के बजट अनुमान के ऊपर इसमें 14 से 17 प्रतिशत बढ़ोतरी का लक्ष्य रख सकता है।

Advertisement
First Published - January 11, 2023 | 10:54 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement