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कर हस्तांतरण पर 16वें वित्त आयोग ने जनता के सुझाव मांगे

आयोग को आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 के तहत गठित निधियों के संदर्भ में आपदा प्रबंधन पहल के लिए रकम जुटाने पर वर्तमान व्यवस्था की समीक्षा करने का भी अधिकार दिया गया है।

Last Updated- May 08, 2024 | 11:13 PM IST
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16वें वित्त आयोग ने बुधवार को कर हस्तांतरण फार्मूला और राज्यों की समेकित निधि बढ़ाने के उपायों जैसे बिंदुओं पर आम जनता और संगठनों से विचार आमंत्रित किए। बुधवार को मीडिया को जारी एक बयान के जरिये कहा गया कि 16वां वित्त आयोग आम जनता, इच्छुक संगठनों और व्यक्तियों से आयोग के लिए निर्दिष्ट अधिकार क्षेत्र के साथ अपनाए जा सकने वाले सामान्य दृष्टिकोण पर सुझाव एवं विचार आमंत्रित करता है। इसके अलावा 16वें वित्त आयोग के कामकाज से संबंधित किसी अन्य मुद्दे पर भी विचार आमंत्रित किए जाते हैं।

अरविंद पानगड़िया की अध्यक्षता वाले 16वें वित्त आयोग को केंद्र और राज्य सरकारों के बीच करों की शुद्ध आय बांटने और संबंधित राज्यों के बीच आय की हिस्सेदारी आवंटन के संबंध में 1 अप्रैल, 2026 से शुरू होने वाले पांच साल की अवधि के लिए अपनी सिफारिशें देनी होंगी। आयोग उन सिद्धांतों की भी सिफारिश करेगा, जो भारत के समेकित कोष से राज्यों के राजस्व की सहायता अनुदान और संविधान के अनुच्छेद 285 के तहत उनके राजस्व की सहायता अनुदान के जरिये राज्यों को दी जाने वाली राशि को नियंत्रित करेंगे।

वित्त आयोग से यह भी अपेक्षा है कि वह राज्य सरकारों के वित्त आयोग द्वारा की गई सिफारिशों के आधार पर राज्य में पंचायतों और नगर पालिकाओं के संसाधनों के पूरक के लिए राज्य की समेकित निधि को बढ़ाने के लिए आवश्यक उपायों के संबंध में भी सिफारिश करे।

आयोग को आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 के तहत गठित निधियों के संदर्भ में आपदा प्रबंधन पहल के लिए रकम जुटाने पर वर्तमान व्यवस्था की समीक्षा करने का भी अधिकार दिया गया है।

प्रेस बयान में कहा गया, ’16वें वित्त आयोग के कार्य से संबंधित किसी अन्य मुद्दे पर भी विचार आमंत्रित किए जाते हैं।’ 16वें वित्त आयोग ने 14 फरवरी को संदर्भ शर्तों पर चर्चा के लिए पहली बैठक की थी। वित्त आयोग एक संवैधानिक निकाय है जो केंद्र और राज्यों के बीच वित्तीय संबंधों पर अपनी सिफारिशें देता है।

First Published - May 8, 2024 | 11:08 PM IST

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