facebookmetapixel
Advertisement
8 लाख लोगों को मिलेगा फायदा! इस राज्य में राशन कार्ड को लेकर बदले नियम, आय सीमा में हुई बड़ी बढ़ोतरीOla Electric Share: कभी ₹157 पर था, आज 26 रु पर आया; क्यों भंग हुआ निवेशकों का भरोसा?इंडिया-यूएस ट्रेड डील मार्च में साइन होने की संभावना, अप्रैल से हो सकती है लागू: गोयलअमेरिका की अगुवाई वाले Pax Silica गठबंधन में शामिल हुआ भारत, AI और क्रिटिकल मिनिरल्स सप्लाई चेन को मजबूतीमोतीलाल ओसवाल की नई रिपोर्ट: चश्मा कंपनी पर शुरू की कवरेज, 25% अपसाइड का दिया टारगेटIndia AI Impact Summit 2026 Day 5: कई बड़े बिजनेस लीडर्स होंगे स्पीकर, जानिए आज की पूरी डीटेलGold and Silver Rate today: MCX पर चांदी में ₹2,481 की तेजी से शुरू हुआ ट्रेड, सोना भी चमकाGaudium IVF IPO: ₹165 करोड़ का आईपीओ खुला, सब्सक्राइब करना चाहिए या नहीं? एक्सपर्ट्स ने बताया बिजनेस मॉडलकर्नाटक हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: इनवर्टेड ड्यूटी स्ट्रक्चर में आईटीसी रिफंड पर नहीं लगेगी मनमानी रोककोयला खदानों का संचालन तेज करने के लिए समय-सीमा में होगा बदलाव! मंत्रालय ने रखा प्रस्ताव

ZEE, NCLT के ऑर्डर के खिलाफ खटखटाएगी NCLAT का दरवाजा

Advertisement
Last Updated- May 24, 2023 | 11:20 AM IST
Zee Q2 Results

Zee एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) के 11 मई के ऑर्डर के खिलाफ नेशनल कंपनी लॉ अपीलेट ट्रिब्यूनल (NCLAT) का दरवाजा खटखटाने के लिए तैयार है।

इकॉनोमिक टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, NCLT के आदेश को इस आधार पर चुनौती दी जाएगी कि ZEE को अपना पक्ष रखने के लिए पर्याप्त अवसर नहीं दिया गया था, और तथ्य यह है कि NCLT के पास गैर-प्रतिस्पर्धी शुल्क जैसे मुद्दों पर निर्णय करने का अधिकार नहीं है। NCLT के ऑर्डर को एक या दो दिन में NCLAT के समक्ष चुनौती दी जाएगी।

बता दें कि NCLT की मुंबई पीठ ने 11 मई को अपने ऑर्डर में नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) और BSE को निर्देश दिया कि वे Zee-Sony यूनियन के लिए अपनी-अपनी प्रारंभिक स्वीकृतियों पर पुनर्विचार करें और अगली सुनवाई से पहले अपडेटेड अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी करें। NCLT के इस ऑर्डर से मीडिया कंपनियों के प्रस्तावित विलय में नई बाधाएं पैदा हो सकती हैं।

न्यायिक सदस्य एचवी सुब्बा राव और तकनीकी सदस्य मधु सिन्हा की अध्यक्षता वाली खंडपीठ अब 16 जून को मामले की सुनवाई करेगी। NCLT ने एक्सचेंजों को विलय के गैर-प्रतिस्पर्धी क्लॉज का पुनर्मूल्यांकन और वेरिफिकेशन करने का निर्देश दिया है। बता दें कि दोनों एक्सचेंजों (NSE और BSE) तथा भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) से पहले मंजूरी मिल गई थी।

Also Read: ज़ी एंटरटेनमेंट को राहत! एनसीएलटी ने ZEEL के खिलाफ IDBI बैंक की दिवाला याचिका खारिज की

एक्सचेंजों को NCLT का निर्देश SEBI द्वारा एस्सेल समूह (Essel Group) की एक प्रमोटर पर एक प्रतिकूल अंतरिम फैसले के बाद आया है, जो कि ZEE की भी प्रमोटर है। स्टॉक एक्सचेंजों को यह भी समीक्षा करने के लिए निर्देशित किया गया है कि मॉरीशस की दो संस्थाओं के बीच गैर-प्रतिस्पर्धी शुल्क के लिए भुगतान SEBI की नीतियों का अनुपालन करती है या नहीं।

प्रस्तावित सौदे की शर्तों के तहत, सोनी पिक्चर्स एंटरटेनमेंट अप्रत्यक्ष रूप से संयुक्त कंपनी में 50.86 फीसदी का बहुमत रखेगी, जबकि ZEE के संस्थापकों के पास 3.99 फीसदी और 45.15 फीसदी जनता सहित ZEE के अन्य शेयरधारकों के पास होगा। सोनी एस्सेल समूह के प्रमोटर्स को 1,100 करोड़ रुपये का गैर-प्रतिस्पर्धी शुल्क का भी भुगतान करेगी।

Advertisement
First Published - May 24, 2023 | 11:20 AM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement