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आरोपों की जांच के लिए Zee Entertainment ने किया पैनल का गठन, न्यायमूर्ति सतीश चंद्र होंगे अध्यक्ष

Zee Entertainment Limited ने तीन सदस्यीय independent advisory committee का गठन शेयरहोल्डर्स के भरोसे को फिर से जीतने के लिए किया है।

Last Updated- February 28, 2024 | 7:29 AM IST
Zee Entertainment

Zee Entertainment Enterprises Ltd को लेकर खबरों का बाजार गर्म है। कई दिनों से लगातार यहां को लेकर कोई न कोई खबर सामने आती रहती है। हाल ही मेंकंपनी के प्रमोटरों और मुख्य कार्यकारी अधिकारियों
के खिलाफ रेगुलेटरी बॉडी ने कुछ आरोप लगाए थे।

कंपनी Zee Entertainment Enterprises Ltd अब इन्हीं आरोपों की तरीके से जांच करने के लिए एक पैनल का गठन किया है। इस पैनल की अध्यक्षता न्यायमूर्ति (रिटायर्ड) सतीश चंद्र द्वारा की जाएगी। वहीं इस पैनल को एक नाम भी दिया गया है। इस पैनल को ‘स्वतंत्र जांच समिति’ नाम दिया गया है।

इस पूरे मामले को लेकर कंपनी ने एक प्रेस रिलीज जारी करते हुए कहा कि, ‘समिति कंपनी के शेयरधारकों और अन्य हितधारकों के अधिकारों की रक्षा के एकमात्र हित के साथ, आरोपों के तथ्यों की जांच करने के लिए आवश्यक उपाय करेगी।’

पैनल के सदस्य

इस पैनल में ज़ी के स्वतंत्र निदेशक, उत्तम प्रकाश अग्रवाल और पीवीआर मूर्ति शामिल हैं। ये पैनल कंपनी के बोर्ड को आगे आने वाली कार्रवाई पर सलाह देते हुए एक डिटेल रिपोर्ट सौंपेगा।

इस पैनल की सिफारिशों के आधार पर और न्यायमूर्ति चंद्रा से इनपुट मांगने के बाद सभी आरोपों का एक स्वतंत्र मूल्यांकन और तथ्य-जांच सुनिश्चित की जाएगी।

गौरतलब है कि हाल ही में कंपनी के फाउंडर्स सुभाष चंद्रा और उनके बेटे पुनीत गोयनका द्वारा ज़ी एंटरटेनमेंट से रकम के गबन का मामला तूल पकड़ लिया था। जिसे लेकर मार्केट रेगुलेटर सेबी (SEBI) जांच कर रही थी। जांच में सेबी को 2,000 करोड़ रुपये की हेराफेरी का पता चला। और यह रकम शुरू में लगाए गए 200 करोड़ रुपये की गड़बड़ी के आरोप के मुकाबले 10 गुना ज्यादा थी। जिसके चलते कंपनी के शेयरहोल्डर्स का भरोसा कम होने लगा।

कंपनी ने आज तीन सदस्यीय कमेटी का गठन शेयरहोल्डर्स के भरोसे को फिर से जीतने के लिए किया है। इसी के मद्देनजर कंपनी ने स्वतंत्र कमेटी का गठन किया।

शेयरहोल्डर्स का भरोसा जीतना चाहती है ZEEL
कंपनी ने एक्सचेंजों (BSE और NSE) को दी गई जानकारी में बताया, भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सूचीबद्धता दायित्व और प्रकटीकरण आवश्यकताएं) विनियम, 2015 (‘LODR Regulations’) के रेगुलेशन 30 के अनुसार, हम आपको सूचित करते हैं कि गलत सूचना, बाजार अफवाहों और अटकलों के व्यापक प्रसार का संज्ञान लेते हुए कंपनी के बारे में नकारात्मक मत बनने और इसकी वजह से निवेशकों के वेल्थ में गिरावट के कारण, कंपनी के निदेशक मंडल (Board of Directors) ने माननीय इलाहाबाद उच्च न्यायालय के रिटायर्ड न्यायाधीश डॉ. सतीश चंद्रा की अध्यक्षता में एक स्वतंत्र सलाहकार समिति का गठन किया है, वे समिति के अध्यक्ष होंगे, और बोर्ड के दो सदस्य, यानी कंपनी के स्वतंत्र निदेशक (इंडिपेंडेंट डॉयरेक्टर) उत्तम अग्रवाल और डॉ. पी वी रमण मूर्ति समिति के दो अन्य सदस्य होंगे।’

क्या है Zee Entertainment पर आरोप?
बता दें कि ब्लूमबर्ग और रॉयटर्स ने सूत्रों का हवाला देते हुए खबरों में कहा था कि SEBI को अपनी जांच के दौरान ZEE में करीब 2,000 करोड़ रुपये की गड़बड़ी मिली है। इन खबरों ने उन निवेशकों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया जिन्होंने ZEE और सोनी (Zee-Sony merger) के बीच 10 अरब डॉलर के विलय के अंतिम प्रयास की अटकलों के बीच शुरुआती सत्र में Zee के शेयर खरीदे थे।

 

First Published - February 28, 2024 | 7:29 AM IST

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