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Yotta ने भारत एआई मिशन के लिए $1.5 अरब निवेश योजना में 8,000 एनवीडिया जीपीयू खरीदने की तैयारी की

योट्टा इन्फ्रास्ट्रक्चर भारत एआई मिशन को गति देने के लिए 1.5 अरब डॉलर निवेश कर 8,000 और एनवीडिया जीपीयू खरीदेगा, जिससे एआई स्टार्टअप और स्वायत्त एलएलएम विकास को बढ़ावा मिलेगा

Last Updated- September 07, 2025 | 9:51 PM IST
Yotta Infrastructure CEO Sunil Gupta
योट्टा इन्फ्रास्ट्रक्चर के मुख्य कार्य अधिकारी सुनील गुप्ता | फाइल फोटो

योट्टा इन्फ्रास्ट्रक्चर भारत में एआई के बढ़ावे पर जोर देने के लिए 8,000 और एनवीडिया जीपीयू की खरीद के वास्ते 1.5 अरब डॉलर का नया निवेश करने की योजना बना रही है। ये जीपीयू सरकार के भारत एआई मिशन के लिए चल रही तैनाती के लिए होंगे। कंपनी के मुख्य कार्य अधिकारी सुनील गुप्ता ने यह जानकारी दी है।

रियल एस्टेट क्षेत्र की दिग्गज कंपनी हीरानंदानी परिवार के निवेश वाली योट्टा अपने पहले दौर के 8,000 जीपीयू तकरीबन पूरी तरह तैनात कर चुकी है। ये जीपीयू सर्वम एआई और सॉकेट एआई जैसी एआई स्टार्टअप कंपनियों को दिए गए हैं, जो स्वायत्त लार्ज लैंग्वेज मॉडल (एलएलएम) बनाने की कोशिश कर रही हैं। 8,000 जीपीयू के दूसरे दौर का ऑर्डर पहले ही दे दिया गया है तथा दिसंबर या अगले साल की शुरुआत तक इनका इस्तेमाल शुरू हो जाएगा।

योट्टा इन्फ्रास्ट्रक्चर के मुख्य कार्य अधिकारी सुनील गुप्ता ने बिज़नेस स्टैंडर्ड के साथ विशेष बातचीत में कहा, ‘मैंने सरकार से सैद्धांतिक रूप से इस बात की प्रतिबद्धता जताई है कि हम 8,000 और बी200 एनवीडिया जीपीयू की खरीद करना चाह रहे हैं। वे मुझ पर दिसंबर तक ऑर्डर पूरा करने के लिए जोर दे रहे हैं क्योंकि उन्हें ये सभी नए ऑपरेटरों को देने हैं।’ अगर तीसरे दौर का ऑर्डर भी मध्य अवधि में दिया जाता है, तो पिछले कुछ वर्षों में योट्टा का कुल पूंजीगत व्यय तकरीबन 3.5 अरब डॉलर से 4 अरब डॉलर के आसपास हो जाएगा।

यह पूछे जाने पर कि क्या अमेरिका और भारत के बीच मौजूदा टैरिफ युद्ध तथा व्यापार संबंधी तनाव चिंता का विषय है और क्या इसका असर योट्टा के निवेश पर पड़ेगा, गुप्ता ने कहा ‘फिलहाल एनवीडिया जैसी कंपनियों की चिपों तक भारत की पहुंच पर कोई प्रतिबंध नहीं है और हम अपनी जरूरत की चीजें खरीदने में सक्षम रहे हैं। हालांकि एससीओ शिखर सम्मेलनों और बदलते व्यापारिक रुख समेत हाल के भू-राजनीतिक घटनाक्रमों को देखते हुए हमेशा एक जोखिम बना रहता है, भले ही वह दूर हो, कि भविष्य के फैसले आपूर्ति को प्रभावित कर सकते हैं। हालांकि मैं इसे तत्काल जोखिम के रूप में नहीं देखता, लेकिन यह ऐसा क्षेत्र है जिस पर हम लगातार बारीकी से नजर रख रहे हैं।’

गुप्ता ने बताया कि जीपीयू के पहले सेट में से सर्वम को लगभग 4,100 और सॉकेट एआई को 1,536 जीपीयू दिए गए। सर्वम एआई को भारत एआई मिशन द्वारा देश का पहला स्वायत्त एलएलएम पारिस्थितिकी तंत्र बनाने के लिए चुना गया था। इसमें 2047: सिटीजन कनेक्ट तथा एआई4प्रगति जैसे उपयोग के मामलों के जरिये प्रशासन और सार्वजनिक सेवा पहुंच को बेहतर बनाने के लिए एक ओपन सोर्स वाला 120 अरब पैरामीटर का एआई मॉडल विकसित किया गया था। सॉकेट भारत का पहला ओपन सोर्स 120 अरब पैरामीटर वाला मूल मॉडल विकसित करेगी, जो देश की भाषाई विविधता के लिए सुव्यवस्थित होगा तथा रक्षा, स्वास्थ्य सेवा और शिक्षा जैसे क्षेत्र इसके लक्ष्य होंगे।

First Published - September 7, 2025 | 9:51 PM IST

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