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रेमडेसिविर की कीमतों को लेकर जंग शुरू

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Last Updated- December 15, 2022 | 9:14 AM IST

कोविड-19 के इलाज की दवा रेमडेसिविर को लेकर घरेलू बाजार में प्रतिस्पर्धा शुरू हो गई है। दो भारतीय कंपनियों सिप्ला और हेटेरो ने अपने उत्पादों की अंतिम कीमतों की घोषणा की है। हेटेरो ने 100 एमजी की शीशी की कीमत 5,400 रुपये तय की है। वहीं सिप्ला ने कहा कि वह प्रत्येक शीशी की कीमत 5,000 रुपये से कम रखेगी। हर मरीज को इलाज के लिए छह शीशियों की जरूरत पड़ेगी।
इस बीच हेटेरो ने कहा कि वह देश भर में 20,000 शीशियों की पहली खेप की आपूर्ति जल्द करने जा रही है। दवा की कीमत पर सिप्ला के प्रवक्ता ने कहा, ‘उपलब्धता और किफायत हमारी नीति रही है। हम इसी तर्ज पर 100 एमजी के इंजेक्शन की कीमत 5,000 रुपये से कम तय करेंगे, जो दुनिया भर में रेमडेसिविर की सबसे कम कीमत होगी।’ हेटेरो ने कहा कि दवा की अंतिम कीमत 5,400 रुपये प्रति शीशी है।
सिप्ला इस दवा की बिक्री सिप्रेमी ब्रांड के तहत करेगी, जबकि हेटेरो कोविफोर ब्रांड के नाम से दवा बेचेगी। सूत्रों ने कहा कि सिप्ला दवा की कीमत करीब 4,000 रुपये प्रति खुराक तय कर सकती है। इस दवा को बनाने वाली अन्य कंपनियों में जुबिलैंट और मायलन शामिल हैं। कैडिला हेल्थकेयर और डॉ. रेड्डीज लैब भी जल्द ही दवा को उतारने की कतार में हैं, जिससे कीमतों में और कमी आ सकती है।
एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने बताया कि वे फिलहाल इंतजार कर रहे हैं और दवा कीमत को लेकर स्वत: संज्ञान नहीं लिया है। सिप्ला ने हाल में अनुबंध पर रेमडेसिविर बनाने के लिए बीडीआर फार्मा के साथ करार किया है। बीडीआर ने फॉम्र्यूलेशन की तकनीक और विनिर्माण की अन्य पद्धतियां सॉवरिन फॉर्मा को स्थानांतरित की हैं।
हेटेरो और सिप्ला को इस सप्ताह के अंत में देश के दवा नियामक से दवा पेश करने की मंंजूरी मिली है। हेटेरो ने कहा कि वह 20,000 शिशियों की पहली खेप जल्द बाजार में उपलब्ध कराएगी। इस खेप को दो बराबर लॉट में भेजा जाएगा। पहला लॉट जल्द ही हैदराबाद, दिल्ली, गुजरात, तमिलनाडु, मुंबई और देश के अन्य हिस्सों में पहुंचाया जाएगा, जबकि दूसरे लॉट की आपूर्ति एक सप्ताह के भीतर कोलकाता, इंदौर, भोपाल, लखनऊ, पटना, भुवनेश्वर, रांची विजयवाड़ा, कोच्चि, तिरुवनंतपुरम और गोवा में की जाएगी। हेटेरो हेल्थकेयर लिमिटेड के प्रबंध निदेशक एम श्रीनिवास रेड्डी कहा, ‘हम उम्मीद कर रहे हैं कि कोविफोर से अस्पतालों में मरीजों के इलाज का समय घटेगा।’

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First Published - June 24, 2020 | 11:33 PM IST

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