टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) के सीईओ और एमडी के कृत्तिवासन का मानना है कि सौदों की पाइपलाइन मजबूत है और एआई आधारित मांग भी बढ़ रही है जिससे 2026 कंपनी के लिए अच्छा साल साबित होगा। शिवानी शिंदे के साथ बातचीत में उन्होंने विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। बातचीत के मुख्य अंश :
मैं इससे सहमत नहीं हूं कि हमने देर कर दी है। हाल ही में आई एवरेस्ट की रिपोर्ट में प्रतिभा को तैयार करने और एआई पर हम जो कर रहे हैं, उसके मामले में टीसीएस को शीर्ष पर रखा गया है। हर संगठन का संचार का अपना तरीका होता है। टीसीएस में हम किसी चीज को बाहर तभी बताते हैं जब ऐसा करना जरूरी होता है या जब हमें उसे चीज पर पूरा भरोसा हो। अगर आप पीछे मुड़कर देखें, तो हम विज्डमनेक्स्ट जैसे प्लेटफॉर्म को बाजार में लाने वाले पहले फर्मों में से थे।
जब से जेनरेटिव एआई ने लोकप्रियता हासिल की है, हम हर सम्मेलन में ग्राहकों से लगातार जुड़ते और इस पर चर्चा करते रहे हैं कि हम उन्हें एआई को असरदार तरीके से अपनाने में कैसे मदद कर सकते हैं। इस नजरिये से देखें तो टीसीएस कई संगठनों से आगे है।
इसके कई पहलू हैं। मेरे लिए सबसे जरूरी यह है कि हम जो कुछ भी करते हैं, उसमें सबसे पहले एआई का इस्तेमाल किया जाता है। जब भी हम किसी ग्राहक को सेवा की आपूर्ति करने की बात करते हैं तो पहला सवाल यह होता है कि क्या हम बेहतर उत्पादकता, बेहतर ग्राहक अनुभव या तेज आपूर्ति के लिए एआई का इस्तेमाल कर रहे हैं। यही नियम कर्मचारियों की कुशलता बढ़ाने, क्षमता निर्माण और आंतरिक प्रणाली पर भी लागू होता है। इसीलिए हमने अपनी पांच स्तंभ वाली रणनीति तैयार की है- आंतरिक बदलाव, सेवा की आपूर्ति, कार्यबल, ग्राहक मूल्य और पारिस्थितिकी तंत्र पर असर। इन सभी क्षेत्रों में हम यह देखते हैं कि क्या एआई का इस्तेमाल हो रहा है और यह भी देखते हैं क्या यह डिफॉल्ट विकल्प है। हम जो कुछ भी करते हैं, जिसमें उसे एआई-फर्स्ट सोच के साथ करते हैं।
अगर आप आंकड़ों को ध्यान से देखें तो तस्वीर उतनी खराब नहीं है जितनी पहली नजर में लग सकती है। दूसरी तिमाही में अंतरराष्ट्रीय वृद्धि लगभग 0.6 फीसदी थी जबकि तीसरी तिमाही में यह लगभग 0.3 फीसदी रही। अंतरराष्ट्रीय सेवाओं से आय देखें तो तीसरी तिमाही में वृद्धि 0.4 फीसदी के करीब रही। असल में हमारी अंतरराष्ट्रीय आय वृद्धि दूसरी तिमाही से ज्यादा
मजबूत रही।
इसलिए मैं इसे धीमा माहौल नहीं कहूंगा। सुधार साफ दिख रहा है। हालांकि यह बहुत तेज नहीं है मगर हम जो देख रहे हैं वह मध्य अवधि में स्थिर सुधार है।
आपको इस साल के समग्र प्रदर्शन को देखना होगा। अगर आप केवल तीन तिमाही को देखें तो हमने पहले ही लगभग 29 अरब डॉलर के कुल अनुबंध मूल्य (टीसीवी) की घोषणा कर दी है। अभी एक तिमाही बाकी है और साल का समापन हम 38-39 अरब डॉलर के टीसीवी के साथ कर सकते है।
दूसरा संकेत ग्राहकों की बातचीत से पता चलता है जहां आय बेहतर हो रही है और हमारे सौदों की पाइपलाइन भी मजबूत दिख रही है। इससे हमें भरोसा है कि साल 2026 में वृद्धि बेहतर होगी।
हमारा लक्ष्य सबसे बड़ी एआई सेवा कंपनी बनना है। हमें यह भी देखना होगा कि हम इसे तेजी से कैसे बढ़ा सकते हैं। जब दक्षता और रफ्तार की बात आती है तो अधिग्रहण भी महत्त्वपूर्ण होता है।
जैसा कि पहले बताया गया था, यह कवायद साल के आखिर तक जारी रहने की उम्मीद है। इस तिमाही में लगभग 1,800 एसोसिएट्स को निकाला जाएगा। हम यह मूल्यांकन करते हैं कि भविष्य के लिए तैयार प्रतिभा पूल के लिए कौन उपयुक्त है। उसके आधार पर फैसले लिए जा रहे हैं और हमें उम्मीद है कि यह कवायद चौथी तिमाही तक खत्म हो जाएगी। हमने भर्तियां जारी रखी हैं और चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में 16,000 से ज्यादा लोगों को अपने साथ जोड़ा है।
टीपीजी के साथ सौदे की घोषणा के बाद हम कई हितधारकों के साथ गहनता से बातचीत कर रहे हैं। इनमें से कुछ संभावित भागीदार हैं जबकि दूसरे हाइपरस्केलर हैं और हम विकल्प तलाश रहे हैं। हम डेटा सेंटर बनाने के लिए कई राज्य सरकारों के साथ सही भूखंडों की पहचान करने के लिए भी चर्चा कर रहे हैं। इसके साथ ही जरूरी मूल उपकरण निर्माताओं के साथ भी बातचीत चल रही है। सौदा पूरा होने पर हमें उम्मीद है कि डेटा सेंटर लगभग छह तिमाही में चालू हो जाएगा। हमने जो पहले गीगावाॅट की योजना बनाई है उसके लिए हम और इक्विटी साझेदारी नहीं तलाशेंगे।
मांग का माहौल बेहतर हो रहा है। खास तौर पर गैर-जरूरी खर्च में हम बदलाव के शुरुआती संकेत देख रहे हैं। हालांकि यह बड़े पैमाने पर होने के बजाय चुनिंदा है। मैं पिछले दो वर्षों से यह कह रहा हूं कि ग्राहक काफी हद तक सख्त सालाना बजट तय करने की नीति से दूर हो गए हैं। हालांकि बजट अभी भी तय किए जा रहे हैं लेकिन ऐसा जरूरी नहीं है और अब उसमें बाजार के माहौल और बदलती स्थिति के आधार पर लगातार बदलाव किया जाता है।