एडटेक कंपनी अनएकैडमी लागत घटाने के लिए कई कदम उठा रही है। इनमें संस्थापकों के वेतन में कटौती और ‘कुछ कारोबारों’ को बंद करना भी शामिल है। यह मितव्ययी बनना और दो साल में आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) लाना चाहती है।
अभी तक कंपनी का सिद्धांत मितव्ययिता नहीं था क्योंकि यह अपने कारोबार की वृद्धि पर ध्यान दे रही थी।
अनएकैडमी के सह-संस्थापक और सीईओ गौरव मुंजाल ने कर्मचारियों को भेजे एक आंतरिक नोट में कहा, ‘लेकिन अब लक्ष्य बदल गया है।’ मुंजाल ने कहा, ‘हमें अगले दो साल में आईपीओ लाना होगा और नकदी प्रवाह को धनात्मक बनाना होगा। उसके लिए हमें मितव्ययिता को अपना मुख्य सिद्धांत बनाना होगा।’ पिछले साल अगस्त में अनएकैडमी ने धन जुटाने के एक चरण में 44 करोड़ डॉलर जुटाए थे। इस चरण में सबसे बड़ी निवेशक टेमासेक और जनरल अटलांटिक थीं और टाइगर ग्लोबल तथा सॉफ्टबैंक विजन फंड अन्य भागीदार थीं। यह धन अनएकैडमी समूह के 3.44 अरब डॉलर के मूल्यांकन पर जुटाया गया। यह नवंबर 2020 में 2 अरब डॉलर के मूल्यांकन से अधिक है।
अनएकैडमी समूह का मूल्यांकन 18 महीनों में करीब 10 गुना बढ़ा है। विश्लेषकों का कहना है कि यह भारत में किसी मध्य-चरण वाली उपभोक्ता इंटरनेट स्टार्टअप के मूल्यांकन में सबसे अधिक तेज वृद्धि दर में से एक है। मुंजाल ने कहा कि कंपनी के सभी कार्यालयों में खाना और नाश्ता मुफ्त नहीं दिया जाएगा। इसने यात्रा के लिए कड़े दिशानिर्देश बनाए हैं। इनमें सीएक्सओ और संस्थापकों समेत किसी को भी बिज़नेस क्लास में यात्रा की मंजूरी नहीं होगी।