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Nikhil Kamath का पॉडकास्ट बीच में छोड़कर निकल गए ये अमेरिकी मिलियनेयर, एयर क्वॉलिटी बनी वजह; जानिए पूरा मामला

ब्रायन ने कहा कि पॉडकास्ट के दौरान उन्हें गले और आंखों में जलन महसूस हुई, साथ ही उनकी त्वचा पर रैशेज भी हो गए। इस वजह से उन्होंने पॉडकास्ट को बीच में ही छोड़ना सही समझा।

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बीएस वेब टीम   
Last Updated- February 04, 2025 | 3:01 PM IST

अमेरिका के टेक करोड़पति और एंटी-एजिंग एडवोकेट ब्रायन जॉनसन (47) ने हाल ही में अपने भारत दौरे से जुड़ा एक अनुभव साझा किया है। उन्होंने बताया कि Zerodha के को-फाउंडर निखिल कामथ के पॉडकास्ट में शामिल होने के दौरान उन्हें खराब एयर क्वालिटी (AQI) की वजह से वहां से बीच में ही निकलना पड़ा।

ब्रायन ने कहा कि पॉडकास्ट के दौरान उन्हें गले और आंखों में जलन महसूस हुई, साथ ही उनकी त्वचा पर रैशेज भी हो गए। इस वजह से उन्होंने पॉडकास्ट को बीच में ही छोड़ना सही समझा।

जॉनसन ने ‘एक्स’ पर अपने पॉडकास्ट अनुभव को साझा करते हुए बताया कि उन्होंने भारत में पॉडकास्ट को जल्दी खत्म कर दिया था। उन्होंने कहा, “भारत में पॉडकास्ट के दौरान खराब एयर क्वालिटी की वजह से मुझे इसे जल्दी बंद करना पड़ा। निखिल कामथ एक बेहतरीन होस्ट थे और हम अच्छी बातचीत कर रहे थे। समस्या यह थी कि जिस कमरे में हम थे, वहां बाहर की हवा ही अंदर आ रही थी, जिससे मेरा एयर प्यूरीफायर काम नहीं कर पाया।”

पॉडकास्ट के दौरान जॉनसन ने फेस मास्क पहना हुआ था। उन्होंने कामथ से बात करते हुए कहा, “मैं तुम्हें ठीक से देख नहीं पा रहा हूं,” जब उनसे भारत की एयर क्वालिटी के बारे में पूछा गया।

पॉडकास्ट शूटिंग के दौरान अपने अनुभव को साझा करते हुए जॉनसन ने कहा, “अंदर की एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 130 थी और पीएम 2.5 का स्तर 75 माइक्रोग्राम/घन मीटर था। इसका मतलब 24 घंटे में 3.4 सिगरेट पीने के बराबर नुकसान होता है।”

उन्होंने बताया, “यह भारत में मेरा तीसरा दिन था और प्रदूषण की वजह से मेरी त्वचा पर रैशेज हो गए थे। मेरी आंखों और गले में जलन हो रही थी।”
जॉनसन, जो नए जमाने की हेल्थकेयर में करोड़ों रुपये का निवेश कर चुके हैं, ने वायु प्रदूषण को कैंसर से भी बड़ा खतरा बताया। उन्होंने कहा कि भारत अपनी कुल सेहत को बेहतर बना सकता है अगर वायु गुणवत्ता में सुधार किया जाए, भले ही सभी प्रकार के कैंसर का इलाज हो जाए।

पिछले साल दिसंबर में भारत आए जॉनसन ने चिंता जताते हुए कहा कि देश में वायु प्रदूषण को ‘नॉर्मल’ मान लिया गया है। उन्होंने कहा कि उन्होंने यहां लोगों में इसके गंभीर प्रभावों को लेकर कोई जल्दबाजी या चिंता नहीं देखी।

जॉनसन ने कहा कि भारत में वायु प्रदूषण का स्तर इतना बढ़ चुका है कि लोग इसे सामान्य मानने लगे हैं, जबकि इसके खतरनाक प्रभावों को लेकर वैज्ञानिक तथ्य सबके सामने हैं।

उन्होंने कहा कि उन्हें यह देखकर “कन्फ्यूजन” हुआ कि लोग, यहां तक कि छोटे बच्चे और नवजात भी, बिना मास्क के घूम रहे हैं। उन्होंने कहा, “कोई भी मास्क नहीं पहन रहा था, जबकि मास्क पहनने से प्रदूषण के संपर्क में आने से काफी हद तक बचा जा सकता है। यह बहुत कन्फ्यूजिंग था।”

जॉनसन ने भारत में खराब होती वायु गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए कहा कि यहां “राष्ट्रीय आपातकाल” घोषित क्यों नहीं किया जा रहा है। उन्होंने लिखा, “मुझे समझ नहीं आता कि कौन-से स्वार्थ, पैसा और पावर चीजों को ऐसे ही बनाए रख रहे हैं, लेकिन यह पूरे देश के लिए खतरनाक है।”

इससे पहले, भारत दौरे के अनुभव साझा करते हुए जॉनसन ने वायु प्रदूषण के प्रभाव को कम करने के कुछ सुझाव भी दिए। इनमें एयर फिल्टर का इस्तेमाल, मास्क पहनना और वायु गुणवत्ता की नियमित मॉनिटरिंग शामिल है।

First Published : February 4, 2025 | 12:33 PM IST