SBI Market Cap: देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने मार्केट कैपिटलाइजेशन के मामले में ICICI Bank को पीछे छोड़ दिया है। छह साल से ज्यादा समय बाद SBI ने फिर से देश का दूसरा सबसे मूल्यवान बैंक बनने का स्थान हासिल किया है। पहले नंबर पर अब भी HDFC Bank बना हुआ है।
बीएसई के आंकड़ों के मुताबिक, सुबह 10:03 बजे SBI का मार्केट कैप ₹9.60 लाख करोड़ रहा, जबकि ICICI Bank का मार्केट कैप ₹9.57 लाख करोड़ था। वहीं, HDFC Bank का मार्केट कैप ₹14.16 लाख करोड़ के स्तर पर है।
इससे पहले 6 अगस्त 2019 को SBI का मार्केट कैप ₹2.69 लाख करोड़ और ICICI Bank का ₹2.65 लाख करोड़ था।
शेयर बाजार में SBI का शेयर करीब 1 फीसदी की तेजी के साथ ₹1,040.30 पर कारोबार कर रहा था। हाल ही में 22 जनवरी 2026 को SBI के शेयर ने ₹1,055.35 का रिकॉर्ड हाई भी छुआ था। दूसरी ओर, ICICI Bank का शेयर 0.33 फीसदी गिरावट के साथ ₹1,338.90 पर ट्रेड कर रहा था, जबकि सेंसेक्स में हल्की तेजी दिखी।
जनवरी 2026 में अब तक SBI के शेयर में 6 फीसदी की बढ़त देखने को मिली है। इसके मुकाबले सेंसेक्स में 4.2 फीसदी की गिरावट आई है। इसी अवधि में HDFC Bank का शेयर 7.2 फीसदी और ICICI Bank का शेयर 0.3 फीसदी टूटा है।
पिछले छह महीनों में SBI के शेयर में 31 फीसदी की जबरदस्त तेजी आई है, जबकि सेंसेक्स में इस दौरान सिर्फ 0.9 फीसदी की बढ़त हुई है। वहीं, HDFC Bank का शेयर 8.6 फीसदी और ICICI Bank का शेयर 10.2 फीसदी गिरा है।
SBI के बेहतर प्रदर्शन की बड़ी वजह विदेशी निवेशकों (FII और FPI) की बढ़ती दिलचस्पी है। दिसंबर 2025 तिमाही में विदेशी निवेशकों की हिस्सेदारी SBI में बढ़कर 10.34 फीसदी हो गई, जो पिछले एक साल में सबसे ज्यादा है। सितंबर 2025 तिमाही में यह हिस्सेदारी 9.57 फीसदी थी।
बैंक का कारोबार और आमदनी लगातार मजबूत बनी हुई है और कर्ज से जुड़ा जोखिम भी नियंत्रण में है। SBI को भरोसा है कि वह उद्योग से तेज कर्ज वृद्धि करेगा। बैंक ने FY26 में 13–14 फीसदी कर्ज वृद्धि का लक्ष्य रखा है, जो मुख्य रूप से रिटेल, कृषि और MSME सेक्टर से आएगी।
Motilal Oswal के मुताबिक, SBI का मार्जिन अब निचले स्तर पर पहुंच चुका है और अगर RBI ब्याज दरों में और कटौती नहीं करता तो आने वाले समय में NIM 3 फीसदी से ऊपर बना रह सकता है। बैंक की क्रेडिट लागत भी अगले कुछ सालों तक सीमित रहने की उम्मीद है।
SBI के चेयरमैन चल्ला श्रीनिवासुलु शेट्टी ने कहा कि जैसे ही वैश्विक व्यापार और अमेरिका के टैरिफ से जुड़ी अनिश्चितता कम होगी, निजी निवेश में तेजी देखने को मिल सकती है। SBI हर साल करीब ₹10 लाख करोड़ का नया कारोबार जोड़ रहा है।
S&P Global Ratings का मानना है कि भारत की मजबूत आर्थिक वृद्धि का फायदा बैंकों को मिलता रहेगा। एजेंसी को उम्मीद है कि SBI की एसेट क्वालिटी, मुनाफा और पूंजी स्थिति अगले 12–24 महीनों में मजबूत बनी रहेगी। रेटिंग एजेंसी ने कहा कि SBI का रिटर्न ऑन एसेट्स 0.9–1.0 फीसदी के बीच रह सकता है और जरूरत पड़ने पर सरकार की ओर से बैंक को पूरा समर्थन मिलने की संभावना है।
SBI ने जानकारी दी है कि बैंक के सेंट्रल बोर्ड की बैठक शनिवार, 7 फरवरी 2026 को मुंबई में होगी। इस बैठक में दिसंबर 2025 तिमाही (Q3FY26) के वित्तीय नतीजों पर विचार किया जाएगा।