शेयर बाजार

कमजोर तिमाही नतीजों के बावजूद इंडिगो भरेगा लंबी उड़ान, ब्रोकरेज ने जताया भरोसा

परिचालन संबंधी समस्याओं और विदेशी मुद्रा नुकसान की वजह से कंपनी के मुनाफे पर दबाव पड़ा, भले ही मांग और मुख्य परिचालन संबं​धित हालात अनुकूल बने रहे

Published by
तन्मय तिवारी   
Last Updated- January 25, 2026 | 10:39 PM IST

इंटरग्लोब एविएशन (इंडिगो) ने वित्त वर्ष 2026 की दिसंबर तिमाही में कमजोर नतीजे दर्ज किए हैं। परिचालन संबंधी समस्याओं और विदेशी मुद्रा नुकसान की वजह से कंपनी के मुनाफे पर दबाव पड़ा, भले ही मांग और मुख्य परिचालन संबं​धित हालात अनुकूल बने रहे। 

ब्रोकरों ने भले ही अल्पाव​धि के अनुमानों को घटा दिया है, फिर भी वे बैलेंस शीट और अंतरराष्ट्रीय विस्तार को ध्यान में रखते हुए एयरलाइन की लंबी अवधि की संभावनाओं पर सकारात्मक बने हुए हैं। 

वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही में इंडिगो का मुनाफा एक साल पहले के मुकाबले तेजी से घट गया, जिसका मुख्य कारण नए श्रम कानूनों से जुड़े असाधारण खर्च और दिसंबर की शुरुआत में व्यवधानों के दौरान यात्री मुआवजा, साथ ही लगभग 1,100 करोड़ रुपये का विदेशी मुद्रा नुकसान था। 

मोतीलाल ओसवाल रिसर्च ने कहा कि इंडिगो का किराये की लागत से पूर्व परिचालन लाभ 5,860 करोड़ रुपये था, जो सालाना आधार पर लगभग स्थिर और अनुमानों के अनुरूप था, जबकि समायोजित मुनाफा अपेक्षाओं से थोड़ा कम रहा। क्षमता वृद्धि और स्थिर यातायात के कारण राजस्व 6 प्रतिशत बढ़कर 23,470 करोड़ रुये हो गया, हालांकि ऊंचे आधार पर यील्ड मामूली रूप से कम हो गया।

इलारा कैपिटल ने कहा कि आय में गिरावट अंतर्निहित प्रदर्शन को कम करके आंकती है। उसने इस बात पर जोर दिया कि दिसंबर तिमाही मांग या मार्जिन में किसी भी बड़ी कमजोरी की तुलना में एकमुश्त घटनाओं से अधिक प्रभावित हुई थी। दिसंबर में व्यवधानों के कारण यात्री लोड फैक्टर और यील्ड में गिरावट आई।  

ब्रोकरेज फर्मों के बीच एक मुख्य मुद्दा लागत परिदृश्य था। मैनेजमेंट ने वित्त वर्ष 2026 में ईंधन और विदेशी मुद्रा खर्च को छोड़कर, प्रति उपलब्ध सीट किलोमीटर (सीएएसके) लागत में मध्यम एक अंक वृद्धि का अनुमान लगाया है। इसकी वजह कमजोर रुपया, एयरक्राफ्ट लीज और मेंटेनेंस जैसे डॉलर में होने वाले खर्चों में बढ़ोतरी और क्षमता में कमी के बाद निर्धारित लागत का कम समायोजन है। 

इंडिगो ने विंटर शेड्यूल के दौरान कुछ घरेलू परिचालन कम कर दिए, क्योंकि उसे फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन (एफडीटीएल) मानकों के हिसाब से बदलाव लाना था और वै​श्विक इंजन आपूर्ति की कमी से जुड़ी एयरक्राफ्ट-ऑन-ग्राउंड समस्याओं का प्रबंधन करना था। एयरलाइन ने परिचालन बनाए रखने के लिए डैम्प और वेट लीज पर भी ज्यादा भरोसा किया है, जिससे अल्पाव​धि में लागत दबाव बढ़ा है। 

निकट भविष्य में आने वाली चुनौतियों के बावजूद, ब्रोकरेज ने इंडिगो की रणनीतिक पहलों को प्रमुख सकारात्मक कारकों के रूप में उजागर किया। एयरलाइन को मार्च तिमाही में लगभग 10 प्रतिशत क्षमता वृद्धि की उम्मीद है, जो अंतरराष्ट्रीय मार्गों से जुड़ी हुई है, जबकि घरेलू परिचालन उसके नेटवर्क की रीढ़ बना हुआ है। प्रबंधन ने विदेशी मुद्रा जोखिम को प्रबंधित करने और स्वामित्व वाली संपत्तियों के निर्माण की एक व्यापक रणनीति के तहत विमानन संपत्ति अधिग्रहण के लिए अपनी गिफ्ट सिटी इकाई के माध्यम से 82 करोड़ डॉलर के निवेश की घोषणा की है। 

First Published : January 25, 2026 | 10:39 PM IST