प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो
भारत के चौथे सबसे बड़े निजी बैंक एक्सिस बैंक ने सोमवार को आए तिमाही नतीजों में उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन किया। बैंक के मुनाफे में बढ़ोतरी की सबसे बड़ी वजह मजबूत कर्ज (लोन) ग्रोथ रही। 31 दिसंबर को खत्म हुई तिमाही में एक्सिस बैंक का स्टैंडअलोन शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 3 प्रतिशत बढ़कर 6,490 करोड़ रुपये रहा। यह आंकड़ा बाजार के अनुमान से ज्यादा रहा।
LSEG के आंकड़ों के मुताबिक, विश्लेषकों को उम्मीद थी कि बैंक का मुनाफा घटकर 6,079 करोड़ रुपये रह सकता है, लेकिन नतीजे इससे बेहतर निकले।
कई तिमाहियों तक सुस्त रहने के बाद अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में भारतीय बैंकों के लोन में दो अंकों की बढ़ोतरी देखी गई। त्योहारों के सीजन और उपभोग करों में कटौती के चलते लोगों के खर्च बढ़े, जिससे कर्ज की मांग को सपोर्ट मिला।
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बैंक की ब्याज से होने वाली आय 32,274 करोड़ रुपये रही, जो पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि के 30,954 करोड़ रुपये के मुकाबले 4.3% ज्यादा है। इस तिमाही में बैंक ने जमाओं पर 17,988 करोड़ रुपये ब्याज के रूप में चुकाए, जो Q3FY25 के 17,348 करोड़ रुपये से करीब 4% अधिक है। इस दौरान एक्सिस बैंक की नेट इंटरेस्ट इनकम, यानी लोन पर कमाए गए ब्याज और जमा पर दिए गए ब्याज के बीच का अंतर, 5 प्रतिशत बढ़कर 14,287 करोड़ रुपये हो गया।
बैंक की प्रोविजन और आकस्मिक खर्च सालाना आधार पर 4 प्रतिशत बढ़कर 2,246 करोड़ रुपये रहे। हालांकि, पिछली तिमाही के मुकाबले इनमें 37 प्रतिशत की कमी आई। बैंक ने इससे पहले अप्रैल-जून तिमाही में एक बार की इंडस्ट्री बेंचमार्किंग प्रक्रिया के कारण ज्यादा प्रोविज़न किए थे, जिसका असर सितंबर तिमाही तक दिखा।
एसेट क्वालिटी के मोर्चे पर भी सुधार नजर आया। दिसंबर के अंत में बैंक का ग्रॉस एनपीए अनुपात घटकर 1.40 प्रतिशत रह गया, जो तीन महीने पहले 1.46 प्रतिशत था।