facebookmetapixel
जमीन से आमदनी बढ़ाने की कवायद में LIC, मुनाफा 17% बढ़कर ₹12,958 करोड़ रहासरकारी बैंकों का मुनाफा बढ़ा, मजबूत ट्रेजरी यील्ड ने नेट इंटरेस्ट इनकम की कमी पूरी कीIndia-US Trade Deal: कृषि के लिए नहीं खोला गया बाजार, बोले कृषि मंत्री चौहान किसानों के हित सुरक्षितEPFO इक्विटी निवेश में लाएगा डायवर्सिफिकेशन, नए सेक्टर और स्टाइल इंडेक्स में भी कदम रखने का विचारदेश भर में सरपट दौड़ेगी भारत टैक्सी, क्या ओला, उबर और रैपिडो को दे पाएगी कड़ी टक्करIndia-US Trade Deal: 4-5 दिन में करार की रूपरेखा जारी करने की तैयारी, संयुक्त बयान के बाद घटेगा शुल्करिलायंस ने वेनेजुएला से खरीदा 20 लाख बैरल तेल, 6.5 से 7 डॉलर सस्ते भाव पर हुई खरीदारीStock Market: बाजार में तीन सत्रों की तेजी थमी, सेंसेक्स 504 अंक लुढ़का; RBI नीति से पहले निवेशक सतर्कGold-Silver Price: फिर सस्ते हुए सोना-चांदी, दो दिन की तेजी के बाद निवेशकों को झटकाबजट के बाद AIFs ट्रस्ट छोड़ अपनाएंगे LLP मॉडल, विदेशी पूंजी बढ़ेगी

तिपहिया वाहनों के एक्सपोर्ट में सुस्ती जारी रहने के आसार

सायम (SIAM) के आंकड़े के अनुसार, वित्त वर्ष 2023 में निर्यात 26 प्रतिशत और उसके बाद वित्त वर्ष 2024 में 17 प्रतिशत तक घटा।

Last Updated- June 16, 2024 | 9:45 PM IST
Scope of relief from exports to India

पिछले कुछ वर्षों में सुस्ती से गुजर रहे भारतीय तिपहिया निर्यात में वित्त वर्ष 2025 में भी सुधार के संकेत नहीं दिख रहे हैं। श्रीलंका, बांग्लादेश, नाईजीरिया, मिस्र जैसे कई प्रमुख बाजारों में भूराजनीतिक और आ​र्थिक कारकों ने इन क्षेत्रों में सुस्त मांग को बढ़ावा दिया है।

वित्त वर्ष 2025 के पहले दो महीनों में भी गिरावट देखी गई। जहां अप्रैल में निर्यात एक साल पहले के मुकाबले 2.7 प्रतिशत घटा, वही मई में इसमें 11.3 प्रतिशत तक की कमी आई। वित्त वर्ष 2025 में, पियाजियो और टीवीएस मोटर जैसी कंपनियों ने निर्यात में 16 प्रतिशत और 19.9 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की।

यही वजह है कि कुल तिपहिया निर्यात घटा है। सायम (SIAM) के आंकड़े के अनुसार, वित्त वर्ष 2023 में निर्यात 26 प्रतिशत और उसके बाद वित्त वर्ष 2024 में 17 प्रतिशत तक घटा।

निर्यात में गिरावट मुख्य तौर पर श्रीलंका, बांग्लादेश, नाईजीरिया और मिस्र जैसे प्रमुख बाजारों में भूराजनीतिक एवं आ​र्थिक अ​स्थिरता की वजह से आई है।

प्राइमस पार्टनर्स में प्रबंध निदेशक अनुराग सिंह का मानना है कि इन देशों को गंभीर आ​र्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है जिससे तिपहिया के लिए उनकी मांग पर प्रभाव पड़ा है।

सिंह का मानना है, ‘श्रीलंका की अर्थव्यवस्था को दबाव से जूझना पड़ रहा है, वहीं नाईजीरिया को ऊंची मुद्रास्फीति और राजनीतिक जो​खिम तथा बांग्लादेश को बढ़ती राजनीतिक अनि​श्चितता का सामना करना पड़ रहा है। इन कारकों ने तिपहिया निर्यात के लिए चुनौतीपूर्ण परिवेश को बढ़ावा दिया है।’

आ​​शिका ग्रुप में विश्लेषक संकेत केलास्कर ने कहा कि ऊंची मुद्रास्फीति, मौद्रिक अवमूल्यन, प्रमुख अमेरिकी बाजारों में आयात प्रतिबंध और कुछ क्षेत्रों में क्वाड्रिसाइकिल की ओर बढ़ते रुझान भारत से निर्यात में गिरावट के लिए जिम्मेदार हैं। उदाहरण के लिए, मिस्र और सोमालिया जैसे देशों ने भीड़भाड़ और सुरक्षा संबंधी चिंताओं के कारण तिपहिया आयात प्रतिबं​धित किया है।

इन चिंताओं के अलावा, कुछ अफ्रीकी देश आवश्यक वस्तुओं के आयात को प्राथमिकता दे रहे हैं और वाहन आयात प्रतिबं​धित कर रहे हैं। मिस्र और सोमालिया ने सुरक्षा चिंताओं और भीड़-भाड़ से बचने के लिए तिपहिया आयात पूरी तरह से प्रतिबं​धित कर दिया।

First Published - June 16, 2024 | 9:45 PM IST

संबंधित पोस्ट