facebookmetapixel
चमड़ा उद्योग को मिलेगी उड़ान: भारत-अमेरिका व्यापार समझौते से निर्यातकों में उत्साह, निवेश बढ़ने की संभावनाBS Poll: रीपो रेट और नीति रुख में बदलाव की संभावना कम, अर्थशास्त्रियों ने जताया यथास्थिति का अनुमानतकरार से करार तक सफर: भारत-अमेरिका ट्रेड डील ने कैसे लिया आकारमेडिकल निर्यात को मिलेगी ‘खुराक’: अमेरिका के टैरिफ कटौती से भारतीय उपकरणों की बढ़ेगी मांगभारत-अमेरिका व्यापार समझौते से खत्म हुई आर्थिक अनिश्चितता, श्रम-बहुल उद्योगों और विनिर्माण को मिलेगा नया अवसरटेक्सटाइल सेक्टर को बूम: टैरिफ कम होने से अमेरिकी बाजार में मिलेगी बढ़त, निर्यात में आएगा उछालIndia-US trade deal: उद्योग को रूस से तेल आयात घटाने पर संकेत का इंतजाररत्न-आभूषणों की लौटेगी चमक: अमेरिकी टैरिफ घटने से सुस्ती के बाद निर्यात में उछाल की उम्मीदIndia-US trade deal: निर्यात बढ़ने और स्थिरता की आस, सरकार के अनुमान से ज्यादा तेज बढ़ सकती है अर्थव्यवस्थाभारत-अमेरिका व्यापार समझौते से वाहन कलपुर्जा निर्माताओं की चमकेगी किस्मत, निर्यात को मिलेगी धार

Starlink भारत में लॉन्च होने को तैयार, 3,000 से 4,200 रुपये महीने हो सकती है सुपरफास्ट इंटरनेट की चार्ज

स्टारलिंक जल्द भारत में अपनी इंटरनेट सेवाएं शुरू करेगा, जिसकी कीमत करीब ₹33,000 होगी और मासिक शुल्क ₹3,000 से ₹4,200 के बीच रह सकता है।

Last Updated- June 09, 2025 | 11:34 PM IST
Starlink india
प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

भारत के बाजार का आकार बड़ा होने के बावजूद स्टारलिंक की सेवाओं का मूल्य भारतीय उपमहाद्वीप के अन्य देशों के समान रह सकता है। असल में मूल्य निर्धारण उपग्रह क्षमता में कमी और वैश्विक लागत को  ध्यान में रखते हुए किया जा सकता है। आधिकारिक सूत्रों ने इसकी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि भारत में स्टारलिंक किट की कीमत लगभग 33,000 रुपये रहने की उम्मीद है जबकि मासिक सदस्यता शुल्क 3,000 से 4,200 रुपये के बीच रह सकती है। बांग्लादेश और भूटान के लिए भी कंपनी ने लगभग यही कीमत तय की है। स्टारलिंक ने मई में बांग्लादेश में और फरवरी में भूटान में अपनी सेवाएं शुरू की थीं।

उक्त अधिकारी ने बताया कि कंपनी ने श्रीलंका के लिए भी इसी तरह की कीमत की घोषणा की है, जहां इसका आवेदन विनियामक मंजूरी के चरण में है। भारत के लिए मासिक प्लान की लागत जिम्बॉब्वे और मेडागास्कर जैसी विकासशील अफ्रीकी अर्थव्यवस्थाओं की तुलना में थोड़ी अधिक हो सकती है। स्टारलिंक का हार्डवेयर निर्धारित कीमत पर दूरसंचार ऑपरेटर भारती एयरटेल और रिलायंस जियो के रिटेल आउटलेट पर उपलब्ध होगा। अप्रैल में दोनों ने अपने ग्राहकों के लिए भारत में अमेरिकी फर्म के उपकरण और सेवाओं को वितरित करने के लिए स्टारलिंक के साथ अलग-अलग सौदों की घोषणा की थी।

जानकारों का कहना है कि कीमत घटाकर अधिक ग्राहकों को आकर्षित करने की रणनीति से कंपनी को बहुत ज्यादा फायदा नहीं होगा क्योंकि उपग्रहों से इंटरनेट क्षमता सीमित रहेगी। स्टारलिंक फिलहाल स्पेसएक्स द्वारा संचालित 7,600 से अधिक लो अर्थ ऑर्बिट उपग्रहों के समूह के माध्यम से 125 से अधिक देशों में सेवाएं प्रदान करती है। स्पेसएक्स और स्टारलिंक दोनों ईलॉन मस्क के स्वामित्व वाली कंपनी हैं।  हालांकि कंपनी अपने समूह को पूरा करने के लिए 12,000 उपग्रहों को तैनात करने की योजना बना रही है।

कंपनी  ने अमेरिका जैसे उच्च आय वाले बाजारों या केन्या, नाइजीरिया जैसी विकासशील अर्थव्यवस्थाओं में पारंपरिक दूरसंचार कंपनियों की तुलना में अपनी सेवाओं की कीमत 2 से 3 गुना ज्यादा रखी है। जेफरीज ने फरवरी में कहा था कि स्टारलिंक की वर्तमान क्षमता भारत में 1.8 लाख ग्राहकों को सेवाएं देने में सक्षम हो सकती है लेकिन क्षमता 30 गुना बढ़ाने पर 2030 तक यह 57 लाख ग्राहकों को सेवाएं दे सकती है। वैश्विक स्तर पर फरवरी में स्टारलिंक के कुल ग्राहकों की संख्या 50 लाख से अधिक हो गई थी जो दिसंबर 2024 में 46 लाख थी।

First Published - June 9, 2025 | 10:53 PM IST

संबंधित पोस्ट