facebookmetapixel
Advertisement
India AI Impact Summit में PM मोदी ने परखा स्टार्टअप्स का दम, भविष्य की तकनीक पर हुई चर्चाGold-Silver ETF में रिकॉर्ड उछाल: 5 महीनों में AUM ₹3 लाख करोड़ के पार, इक्विटी फंड्स से ज्यादा आया निवेशExplainer: बैंक जमा से लेकर गाड़ी खरीदने तक, पैन कार्ड के नए नियम आने से और क्या-क्या बदल जाएगा?NPS के साथ अब मिलेगा हेल्थ कवर भी! स्वास्थ्य खर्चों के लिए बनेगा अलग ‘मेडिकल पेंशन’ फंडNew tax regime vs ELSS: क्या अब भी टैक्स सेविंग फंड में निवेश करना चाहिए?IDFC First Bank की खास सुविधा: अब FD पर मिलेगा क्रेडिट कार्ड, ऑनलाइन ट्रांजेक्शन पर 5% तक कैशबैक!HDFC Flexi Cap Fund ₹1 लाख करोड़ AUM पार करने वाला देश का तीसरा फंड, ₹1,000 की SIP ने बनाया करोड़पतिExplainer: 31 दिसंबर 2025 से पहले रिटायर कर्मचारियों की पेंशन 8वें वेतन आयोग के तहत नहीं बढ़ेगी?Lead-to-Buy home Cycle Shrink: अब मकान खरीदने में कम समय ले रहे हैं खरीदारएक साल में 50% टूट गया ये शेयर, ब्रोकरेज की चेतावनी – अभी और आ सकती है गिरावट

₹37,000 करोड़ की डील! Tata Motors खरीदने जा रही है मशहूर विदेशी कंपनी Iveco

Advertisement

Corus और JLR के बाद Tata Motors की एक और बड़ी अंतरराष्ट्रीय डील, Iveco की डील से दुनिया भर में बढ़ेगा दबदबा।

Last Updated- July 30, 2025 | 9:51 AM IST
Tata Motors

टाटा मोटर्स जल्द ही इटली की जानी-मानी ट्रक निर्माता कंपनी Iveco को खरीद सकती है। यह डील करीब $4.5 बिलियन (₹37,000 करोड़ से ज्यादा) की बताई जा रही है। अगर ये डील फाइनल होती है, तो यह टाटा ग्रुप की अब तक की दूसरी सबसे बड़ी डील होगी। इससे पहले कंपनी ने 2007 में Corus Steel को खरीदा था। द इकॉनमिक टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, बुधवार को टाटा मोटर्स और Iveco के बोर्ड की बैठक होने वाली है, जिसमें इस डील को मंजूरी मिल सकती है। इसके तुरंत बाद आधिकारिक ऐलान होने की संभावना है।

Iveco क्या बनाती है?

Iveco एक पुरानी यूरोपीय कंपनी है जो मुख्य रूप से ट्रक, बस और इंजन बनाती है। कंपनी की कुल बाजार पूंजी (मार्केट कैप) $4.9 बिलियन है। इसका हेडक्वार्टर इटली के Turin शहर में है। Iveco की बड़ी हिस्सेदारी इटली की प्रसिद्ध Agnelli फैमिली के पास है। इनकी होल्डिंग कंपनी Exor, Iveco में 27.1% हिस्सेदारी और 43.1% वोटिंग राइट्स रखती है।

रक्षा कारोबार को लेकर भी चर्चा में है Iveco

Iveco ने खुद इस हफ्ते बताया कि वह अपने डिफेंस बिजनेस को बेचने या अलग करने को लेकर कई कंपनियों से बातचीत कर रही है। कंपनी पहले ही कह चुकी है कि वह 2025 के अंत तक इस हिस्से को डील के लिए तैयार करेगी।

किन कंपनियों के जिम्मे है डील को अंजाम तक पहुंचाना?

  • टाटा मोटर्स को इस डील में सलाह दे रहा है Morgan Stanley
  • Agnelli फैमिली और Iveco की ओर से Goldman Sachs कर रही है फाइनेंशियल एडवाइजरी
  • Clifford Chance नाम की अंतरराष्ट्रीय लॉ फर्म इस डील का कानूनी पक्ष संभाल रही है।
  • टाटा मोटर्स इस डील को अपनी नीदरलैंड में स्थित एक कंपनी के ज़रिए पूरा करेगी, जो पूरी तरह उसी की होगी।

इटली की सरकार की नजर में डील

क्योंकि Iveco एक रणनीतिक और रक्षा क्षेत्र से जुड़ी कंपनी है, इसलिए इस डील पर इटली सरकार की नजर है। सरकार का ‘गोल्डन पावर कानून’ ऐसे मामलों में एक्टिव हो जाता है, जो उसे राष्ट्रीय सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए डील पर रोक लगाने या शर्तें जोड़ने का अधिकार देता है।

Iveco दुनिया भर में करीब 36,000 लोगों को रोजगार देता है, जिनमें से 14,000 कर्मचारी इटली में ही काम करते हैं।

टाटा को क्या मिलेगा इस डील से?

अगर यह डील फाइनल होती है, तो टाटा मोटर्स को यूरोप के कमर्शियल वाहन मार्केट में बड़ा फायदा मिलेगा। साथ ही, यह उसकी ग्लोबल पहचान को और मजबूत करेगी, खासकर ट्रक और बस सेगमेंट में।

Advertisement
First Published - July 30, 2025 | 9:48 AM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement