टाटा द्वारा एयर इंडिया का अधिग्रहण किए जाने के कुछ ही महीनों के भीतर टाटा संस की सहायक कंपनी टाटा एआईजी जनरल इंश्योरेंस एयर इंडिया को बीमा सुरक्षा प्रदान करने के लिए पहली बार सार्वजनिक क्षेत्र की बीमा कंपनियों में शामिल हो गई है। इस 12 अरब डॉलर के बीमा पैकेज में 141 विमानों (एयर इंडिया के 117 और एयर इंडिया एक्सप्रेस के 24 विमानों) के साथ-साथ यात्री देयता आदि के लिए 1 अप्रैल से सुरक्षा प्रदान की जाएगी। यूक्रेन में चल रहे युद्ध के मद्देनजर, जिसने बीमा प्रीमियम की दरों को बढ़ा दिया है, विमान कंपनी के लिए प्रीमियम 20 प्रतिशत तक अधिक जाने के आसार हैं।
गुरुवार को समाप्त होने वाले वित्त वर्ष में एयर इंडिया ने सार्वजनिक क्षेत्र की बीमा कंपनियों से ली गई बीमा सुरक्षा के लिए 258 करोड़ रुपये का भुगतान किया था, जिन्होंने बदले में विदेशी बीमा कंपनियों के साथ विमान कंपनी का पुनर्बीमा किया था। अमेरिका की एआईजी पहले से ही विमान कंपनी को पुनर्बीमा की सुरक्षा उपलब्ध करा रही है। चल रहे युद्ध के अलावा 21 मार्च को चीन में हुई हवाई दुर्घटना ने भी बीमा दरों के इजाफे में योगदान दिया है।
टाटा एआईजी के अलावा बीमा सुरक्षा प्रदान करने वाले कन्सोर्टियम के अन्य सदस्यों में न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी, ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी, यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस और नैशनल इंश्योरेंस कंपनी शामिल हैं। इस घटनाक्रम के एक करीबी सूत्र ने कहा कहा कि निजी कंपनियों में से आईसीआईसीआई लोम्बार्ड भी बीमा सुरक्षा प्रदान करने वाले इस कन्सोर्टियम का हिस्सा है। ऐसा दूसरी बार होगा कि आईसीआईसीआई लोम्बार्ड (तथा कोई और अन्य निजी कंपनी भी) एयर इंडिया को बीमा सुरक्षा प्रदान करेगी। इससे पहले वर्ष 2010 में इसने विमान कंपनी को बीमा सुरक्षा प्रदान की थी।
हालांकि भारतीय बीमा कंपनियां बीमा प्रीमियम का केवल एक हिस्सा ही अपने पास रखती हैं तथा प्रीमियम का शेष हिस्सा और जोखिम अंतरराष्ट्रीय कन्सोर्टियम को हस्तांतरित कर देती हैं ताकि उनके अपने बही-खातों पर जोखिम न रहे। सूत्र ने कहा कि किसी भी दुर्घटना के परिणामस्वरूप आम तौर पर बहुत ज्यादा खर्च आता है। उदाहरण के लिए कोझिकोड में एयर इंडिया एक्सप्रेस की दुर्घटना में बीमा कंपनियों ने शुरुआती दावे के रूप में 700 करोड़ रुपये दिए तथा और दावे अब भी प्रक्रिया में हैं।
टाटा समूह को भेजे गए ईमेल का कोई जवाब नहीं आया।
मार्च 2020 को समाप्त हुए पिछले वित्त वर्ष में भुगतान किए गए 158 करोड़ रुपये के मुकाबले एयर इंडिया ने वित्त वर्ष 2021 में एकल आधार पर 118 करोड़ रुपये में अपने बेड़े का बीमा किया था। टाटा एआईजी का स्वामित्व संयुक्त रूप से टाटा संस और एआईजी के पास है। इनके पास क्रमश: 74 प्रतिशत और 26 प्रतिशत की हिस्सेदारी है तथा यह कंपनियों के डीऐंडओ (निदेशकों और अधिकारियों) तथा साइबर अपराध के लिए सुरक्षा प्रदान करने वाली आला कंपनी है। दिलचस्प बात यह है कि वैश्विक महामारी के परिणामस्वरूप दुनिया भर में लॉकडाउन और विमानों की उड़ान बंद होने के बाद एयर इंडिया को मार्च 2021 को समाप्त होने वाले वित्त वर्ष में एक करोड़ डॉलर का रिफंड प्राप्त हुआ है।
टाटा एआईजी इंश्योरेंस, टाटा संस की लाभ कमाने वाली गैर-सूचीबद्ध सहायक कंपनी है और इसने वित्त वर्ष 2021 में 8,042 करोड़ रुपये की सकल प्रत्यक्ष प्रीमियम आय और 448 करोड़ रुपये का कर उपरांत लाभ दर्ज किया है।