facebookmetapixel
Advertisement
HDFC Bank ने FCNR डिपॉजिट पर बढ़ाया ब्याज, RBI स्वैप स्कीम के बीच NRI निवेशकों को मिलेगा बड़ा फायदाDividend Stocks: एक शेयर पर ₹270 का मोटा डिविडेंड! IT सेक्टर की कंपनी का तोहफा, रिकॉर्ड डेट फिक्सजुलाई में UPI ने बनाया नया रिकॉर्ड, 23.66 बिलियन ट्रांजैक्शन के साथ डिजिटल पेमेंट ने भरी ऐतिहासिक उड़ानजुलाई में GST कलेक्शन में जोरदार उछाल, आयात-घरेलू मांग के दम पर ₹2.11 लाख करोड़ के पार पहुंचा आंकड़ाDividend Stocks: निवेशकों की बल्ले-बल्ले! अगले हफ्ते 98 कंपनियां बांटेगी डिविडेंड, ₹270 तक पाने का मौकाRBI की स्वैप स्कीम से बैंकों ने जुटाए 41 अरब डॉलर के विदेशी फंड, 2 महीने में टूटा 2013 का रिकॉर्ड1991 के सुधारों ने बदली ऑटो सेक्टर की तस्वीर: कैसे मुट्ठी भर कंपनियों से दुनिया का बड़ा हब बना भारत‘यूरिया के दाम स्थिर, DAP पर नजर जरूरी’, FAI अध्यक्ष एस. शंकरसुब्रमण्यन ने बताया फर्टिलाइजर सेक्टर का हालटाटा स्टील का दावा: दूसरी तिमाही में और सुधरेगा प्रदर्शन, एमडी टी. वी. नरेंद्रन ने बताया पूरा प्लान‘भटके हुए बच्चे हैं, सजा नहीं सुधार चाहिए’, जंतर-मंतर पर अभद्र टिप्पणी करने वालों को PM मोदी ने किया माफ

अदाणी को दी जमीन वापस लेने के आदेश पर रोक

Advertisement

राज्य सरकार ने 5 जुलाई को उच्च न्यायालय को सूचित किया था कि वह लगभग 108 हेक्टेयर ‘गौचर’ भूमि वापस लेगी जो अदाणी समूह की कंपनी को 2005 में दी गई थी।

Last Updated- July 10, 2024 | 10:53 PM IST
Adani Group

उच्चतम न्यायालय ने गुजरात उच्च न्यायालय के उस आदेश पर बुधवार को रोक लगा दी, जिसमें राज्य सरकार से मुंद्रा बंदरगाह के पास 2005 में अदाणी समूह की कंपनी को दी गई लगभग 108 हेक्टेयर चारागाह भूमि को वापस लेने की प्रक्रिया पूरी करने के लिए कहा गया था। गुजरात सरकार ने बीते शुक्रवार को कहा था कि वह अदाणी समूह से कच्छ क्षेत्र में आने वाली यह जमीन वापस लेकर ग्रामीणों को दे देगी, ताकि वे उसमें अपने पशुओं को चरा सकें।

न्यायमूर्ति बीआर गवई और न्यायमूर्ति केवी विश्वनाथन के पीठ ने ‘अदाणी पोर्ट्स ऐंड स्पेशल इकनॉमिक जोन लिमिटेड’ (एपीएसईजेड) की अपील पर गौर करते हुए कहा कि हाई कोर्ट को न्याय के हित में खड़ा होना चाहिए। इसलिए इस आदेश पर रोक लगाना जरूरी है। अदाणी की ओर से पेश वरिष्ठ वकील मुकुल रोहतगी ने कहा कि हाई कोर्ट ने उनका पक्ष नहीं सुना। इस पर पीठ ने कहा, ‘नोटिस जारी किया जाए। उक्त आदेश पर रोक लगाई जाए।’

राज्य सरकार ने 5 जुलाई को उच्च न्यायालय को सूचित किया था कि वह लगभग 108 हेक्टेयर ‘गौचर’ भूमि वापस लेगी जो अदाणी समूह की कंपनी को 2005 में दी गई थी।

उच्च न्यायालय ने अपने आदेश में कहा था, ‘गुजरात राज्य के राजस्व विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव के हलफनामे पर गौर करते हुए हम संबंधित प्राधिकारी/अधिकारियों से कानून के अनुरूप प्रक्रिया पूरी करने की अपेक्षा करते हैं।’

अदालत ने मामले की अगली सुनवाई की तारीख 26 जुलाई निर्धारित की थी। कच्छ जिले के नवीनल गांव के निवासियों ने अदाणी की कंपनी को 231 एकड़ ‘गौचर’ (चारागाह) भूमि आवंटित करने के फैसले के खिलाफ उच्च न्यायालय में एक जनहित याचिका दायर की थी। हालांकि राज्य राजस्व विभाग ने 2005 में आवंटन किया था, लेकिन ग्रामीणों को इसके बारे में साल 2010 में तब पता चला जब एपीएसईजेड ने उसे मिली ‘गौचर’ भूमि पर बाड़ लगानी शुरू की।

Advertisement
First Published - July 10, 2024 | 10:27 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement