facebookmetapixel
महंगी होंगी टाटा की कारें, आने वाले हफ्तों में बढ़ेंगे दामIncome Tax new rules: 1 अप्रैल 2026 से लागू होगी नई टैक्स व्यवस्था, सैलरी से शेयर बाजार तक बदलेगा हिसाब-किताबमलेशिया में पीएम मोदी का बड़ा संदेश, ASEAN के साथ टेक्नोलॉजी और सुरक्षा सहयोग पर जोरWeather Update Today: 8 फरवरी की रात से बदलेगा मौसम का मिजाज, हिमालय में बारिश-बर्फबारी तयभारत-अमेरिका की तकनीकी दोस्ती, GPUs और डेटा सेंटर में बढ़ेगा व्यापारमहंगी बाइक के हैं शौकीन? हार्ले-डेविडसन समेत बड़ी बाइक्स होंगी सस्ती, लगेगी जीरो इंपोर्ट ड्यूटी150% का तगड़ा डिविडेंड! Q3 में अच्छी कमाई के बाद नवरत्न कंपनी का तोहफा, रिकॉर्ड डेट फिक्सस्टॉक मार्केट में मचेगी हलचल: अगले हफ्ते डिविडेंड-स्टॉक स्प्लिट-बोनस शेयर की बारिश, देखें पूरी लिस्टIndia US Trade Deal: फार्मा से ऑटो तक, अमेरिका में इन सेक्टरों की चमक बढ़ेगी कई गुनामार्केट में डिविडेंड की बारिश: अगले हफ्ते Hero, MRF, RVNL समेत 50 से अधिक कंपनियां बाटेंगी मुनाफा

भारत में AI पर खर्च 2027 तक तीन गुना होकर पांच अरब अमेरिकी डॉलर होने का अनुमान

आईडीसी के एसोसिएट उपाध्यक्ष शरत श्रीनिवासमूर्ति ने कहा कि 2023 में 20.9 करोड़ अमेरिकी डॉलर का बड़ा खर्च एआई ‘इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोविजनिंग’ और संबंधित सॉफ्टवेयर द्वारा किया गया।

Last Updated- May 14, 2024 | 1:23 PM IST
Artificial Intelligence

देश में कृत्रिम मेधा (एआई) पर खर्च 2027 तक तीन गुना होकर पांच अरब अमेरिकी डॉलर हो सकता है। इंटेल-आईडीसी रिपोर्ट के अनुसार, भारत में संस्थाओं ने 2023 में एआई पर 170.38 करोड़ अमेरिकी डॉलर खर्च किए।

आईडीसी के एसोसिएट उपाध्यक्ष शरत श्रीनिवासमूर्ति ने कहा, ‘‘ भारत में एआई खर्च 2023 से 2027 के बीच 31.5 प्रतिशत की सीएजीआर (चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर) के साथ पांच अरब अमेरिकी डॉलर तक बढ़ने की उम्मीद है। 2027 तक एआई हर जगह मौजूद होगा।’’ उन्होंने कहा कि 2023 में 20.9 करोड़ अमेरिकी डॉलर का बड़ा खर्च एआई ‘इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोविजनिंग’ और संबंधित सॉफ्टवेयर द्वारा किया गया। श्रीनिवासमूर्ति ने कहा, ‘‘ कुल खर्च में ‘इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोविजनिंग’ सबसे बड़ा योगदानकर्ता बना रहेगा।’’

इंटेल इंडिया क्षेत्र के उपाध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक संतोष विश्वनाथन ने कहा कि भारत एआई के लिए तैयार है क्योंकि दुनिया का करीब 20 प्रतिशत डेटा देश में उत्पादित होता है और यह तीसरा सबसे बड़ा वैश्विक बाजार है। विश्वनाथन ने कहा कि प्रौद्योगिकी कौशल उपलब्धता के मामले में भारत विश्व स्तर पर अग्रणी है।

First Published - May 14, 2024 | 1:23 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

संबंधित पोस्ट