स्नैपडील आईपीओ की तैयारी में

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बीएस संवाददाता
Last Updated- December 11, 2022 | 10:42 PM IST

सॉफ्टबैंक के निवेश वाली ई-कॉमर्स कंपनी स्नैपडील ने अपने आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) के लिए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस यानी मसौदा पत्र जमा कराया है। इस आईपीओ में 1,250 करोड़ रुपये के नए शेयर और मौजूदा शेयरधारकों द्वारा 3 करोड़ तक शेयरों के लिए ऑफर फॉर सेल यानी ओएफएस शामिल हैं।
स्नैपडील के संस्थापक कुणाल बहल और रोहित बंसल आईपीओ के जरिये अपनी कोई हिस्सेदारी नहीं बेच रहे हैं। ब्लैकरॉक, टेमासेक, ईबे, इंटेल कैपिटल, नेक्सस वेंचर पार्टनर्स, टाइबर्न, आरएनटी एसोसिएट्स, प्रेमजी इन्वेस्ट एवं अन्य भी इस आईपीओ के जरिये अपने शेयरों की बिक्री नहीं करेंगे।
स्नैपडील के 71 शेयरधारकों में 8 शेयरधारकों ने ही अपनी शेयर हिस्सेदारी को भुनाने की पेशकश की है। इनमें सॉफ्टबैंक, फॉक्सकॉन, माइरेड अपरचुनिटीज, मैडिसन इंडिया, सिकोया कैपिटल, ओंटारियो टीचर्स पेंशन प्लान बोर्ड आदि शामिल हैं। कुल मिलाकर इन शेयरधारकों द्वारा की जाने वाली पेशकश की कंपनी की निर्गम पूर्व शेयर पंूजी में 8 फीसदी से भी कम हिस्सेदारी है।
कंपनी ने अपने आईपीओ के मसौदा पत्र में कहा है कि जुटाई गई रकम का उपयोग वृद्धि को रफ्तार देने, लॉजिस्टिक्स क्षमता बढ़ाने और तकनीकी बुनियादी ढांचे को बेहतर करने में करेगी।
स्नैपडील ने अपने मसौदा पत्र में कहा है, ‘हमारी कंपनी खुद के कारोबार में वृद्धि के लिए वित्त पोषण मद में 900 करोड़ रुपये का उपयोग करने का प्रस्ताव रखती है। इसमें विपणन एवं प्रचार-प्रसार और तकनीकी बुनियादी ढांच में सुधार पर होने वाले खर्च भी शामिल हैं क्योंकि हमारा मानना है कि खुद के कारोबार की वृद्धि को रफ्तार देने वाले ये दो प्रमुख कारक हैं।’
स्नैपडील ने 31 मार्च 2021 को समाप्त वित्त वर्ष में 471.756 करोड़ रुपये का परिपचालन राजस्व दर्ज किया। वित्त वर्ष 2021 में कंपनी ने 125.440 करोड़ रुपये करोड़ रुपये का घाटा दर्ज किया। पिछली दो तिमाहियों के दौरान इस ई-कॉमर्स कंपनी द्वारा डिलिवर किए गए ऑर्डरों की संख्या वित्त वर्ष 2022 की दूसरी तिमाही में 86.3 फीसदी बढ़कर 85.9 लाख हो गई जो वित्त वर्ष 2021 की चौथी तिमाही में 46.1 लाख थी।
कभी एमेजॉन और फ्लिपकार्ट जैसी प्रमुख ई-कॉमर्स कंपनियों को प्रतिस्पर्धा देने वाली स्नैपडील 2017 में वॉलमार्ट के स्वामित्व वाली कंपनी फ्लिपकार्ट में विलय की कोशिश की असफलता के बाद काफी पीछे रह गई। उसके बाद स्नैपडील ने सस्ते उत्पादों, मध्यम आय वर्ग के लोगों और कीमत को लेकर अधिक संवेदनशील ग्राहकों पर ध्यान केंद्रित करना शुरू किया। ऐसे ग्राहक देश के छोटे शहरों में बहुतायत में मौजूद हैं। यही कारण है कि स्नैपडील को 86 फीसदी से अधिक ऑर्डर महानगरों के बार से हासिल होते हैं।
पिछले तीन वर्षों के दौरान स्नैपडील ने कीमत को लेकर अधिक संवेदनशील ग्राहकों और सस्ते उत्पादों पर आक्रामक तरीके से ध्यान केंद्रित किया है। उसके प्लेटफॉर्म पर मौजूद 90 फीसदी से अधिक उत्पादों की कीमत 1,000 रुपये के दायरे में है। स्नैपडील पर बिकने वाले 95 फीसदी उत्पादों की कीमत 1,000 रुपये से कम है और उसका 77 फीसदी कारोबार बार-बार खरीदारी करने वाले ग्राहकों से आता है। स्नैपडील के हल्की परिसंपत्ति वाले लॉजिस्टिक नेटवर्क का दायरा देश के 96.65 फीसदी पिन कोड तक विस्तृत है। सितंबर में समाप्त छमाही के दौरान उसने 2,500 से अधिक शहरों के खरीदारों को अपन सेवाएं दी।

First Published : December 21, 2021 | 11:34 PM IST