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शेयरधारिता के कथित गलत वर्गीकरण पर Adani की कंपनी को SEBI का नोटिस

कंपनी ने अपनी दूसरी तिमाही के नतीजों की टिप्पणी में विवरण दिए बिना कहा कि वह नियामकीय और वैधानिक अधिकारियों को प्रासंगिक जानकारी/ स्पष्टीकरण देगी।

Last Updated- October 23, 2024 | 6:54 AM IST
Adani Group

अदाणी समूह की बिजली पारेषण इकाई अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस लिमिटेड (AESL) ने मंगलवार को कहा कि उसे सेबी से एक नोटिस मिला है, जिसमें कुछ निवेशकों को गलत तरीके से सार्वजनिक शेयरधारकों के रूप में वर्गीकृत करने का आरोप लगाया गया है।

कंपनी ने अपनी दूसरी तिमाही के नतीजों की टिप्पणी में विवरण दिए बिना कहा कि वह नियामकीय और वैधानिक अधिकारियों को प्रासंगिक जानकारी/ स्पष्टीकरण देगी।

समूह की नवीकरणीय ऊर्जा फर्म अदाणी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड को सेबी से कोई नया नोटिस नहीं मिला। एईएसएल ने कहा, ‘‘चालू तिमाही के दौरान, कुछ पक्षों की शेयरधारिता को सार्वजनिक शेयरधारिता के रूप में गलत तरीके से वर्गीकृत करने का आरोप लगाते हुए एक एससीएन (कारण बताओ नोटिस) मिला है।’’

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कंपनी ने कहा कि वह समय-समय पर जानकारी, प्रतिक्रिया, दस्तावेज और/या स्पष्टीकरण देकर विनियामक और वैधानिक प्राधिकरणों को जवाब देगी। सेबी के सूचीबद्धता नियम के अनुसार सूचीबद्ध कंपनी में कम से कम 25 प्रतिशत हिस्सेदारी सार्वजनिक निवेशकों के पास होनी चाहिए।

अदाणी समूह की 10 सूचीबद्ध कंपनियों में से सात को 31 मार्च को समाप्त तिमाही में संबंद्ध पक्ष लेनदेन के कथित उल्लंघन और सूचीबद्धता नियमों का पालन न करने के लिए भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) से कारण बताओ नोटिस मिला था।

First Published - October 23, 2024 | 6:54 AM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

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