facebookmetapixel
42% चढ़ सकता है महारत्न कंपनी का शेयर, ब्रोकरेज ने बढ़ाया टारगेट; Q3 में ₹4011 करोड़ का हुआ मुनाफाईरान की ओर बढ़ रहा है ‘विशाल सैन्य बेड़ा’, ट्रंप ने तेहरान को फिर दी चेतावनीदुनिया में उथल-पुथल के बीच भारत की अर्थव्यवस्था के क्या हाल हैं? रिपोर्ट में बड़ा संकेत30% टूट चुका Realty Stock बदलेगा करवट, 8 ब्रोकरेज का दावा – ₹1,000 के जाएगा पार; कर्ज फ्री हुई कंपनीसिर्फ शेयरों में पैसा लगाया? HDFC MF की रिपोर्ट दे रही है चेतावनीIndia manufacturing PMI: जनवरी में आर्थिक गतिविधियों में सुधार, निर्माण और सर्विस दोनों सेक्टर मजबूतसोना, शेयर, बिटकॉइन: 2025 में कौन बना हीरो, कौन हुआ फेल, जानें हर बातट्रंप ने JP Morgan पर किया 5 अरब डॉलर का मुकदमा, राजनीतिक वजह से खाते बंद करने का आरोपShadowfax Technologies IPO का अलॉटमेंट आज होगा फाइनल, फटाफट चेक करें स्टेटसGold and Silver Price Today: सोना-चांदी में टूटे सारे रिकॉर्ड, सोने के भाव ₹1.59 लाख के पार

रत्नागिरी में 10,000 करोड़ रुपये का निवेश करेगी Reliance Infra, बनाएगी ‘धीरूभाई अंबानी डिफेंस सिटी’

रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर की सहायक कंपनियां, जय आर्मामेंट्स और रिलायंस डिफेंस के पास हथियार और गोला-बारूद बनाने का लाइसेंस है, जिसे सरकार ने मंजूरी दी है।

Last Updated- October 22, 2024 | 7:19 PM IST
Anil Ambani

अनिल अंबानी की कंपनी रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर अगले 10 सालों में महाराष्ट्र के रत्नागिरी में 10,000 करोड़ रुपये का निवेश करेगी। इस निवेश के जरिए कंपनी विस्फोटक, गोला-बारूद और छोटे हथियारों के निर्माण के लिए सबसे बड़ी फैक्ट्री स्थापित करेगी। इसके लिए कंपनी को वटाड औद्योगिक क्षेत्र में 1,000 एकड़ जमीन दी गई है, जहां धीरूभाई अंबानी डिफेंस सिटी (DADC) बनाई जाएगी।

कंपनी ने अपने बयान में कहा कि यह प्रोजेक्ट निजी क्षेत्र द्वारा शुरू किया गया भारत का सबसे बड़ा ग्रीनफील्ड रक्षा प्रोजेक्ट होगा।

साथ ही, रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर की सहायक कंपनियों ने अब तक 1,000 करोड़ रुपये से ज्यादा के रक्षा उपकरणों का निर्यात किया है। रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर की सहायक कंपनियां, जय आर्मामेंट्स और रिलायंस डिफेंस के पास हथियार और गोला-बारूद बनाने का लाइसेंस है, जिसे सरकार ने मंजूरी दी है। कंपनी ने बताया कि प्रस्तावित प्रोजेक्ट के तहत छह बड़ी अंतरराष्ट्रीय रक्षा कंपनियों के साथ संयुक्त उपक्रम की योजना है, हालांकि कंपनियों के नाम का खुलासा नहीं किया गया है।

इस परियोजना में छोटे, मध्यम और बड़े आकार के गोला-बारूद के साथ टर्मिनली गाइडेड म्यूनिशन (TGM) का निर्माण होगा। छोटे हथियारों का निर्माण निर्यात बाजार के लिए किया जाएगा, जिसका उपयोग नागरिक और सैन्य दोनों क्षेत्रों में किया जाएगा।

रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर पहले ही नागपुर के MIHAN में डसॉल्ट एविएशन और थेल्स जैसी दो बड़ी वैश्विक कंपनियों के साथ संयुक्त उपक्रम कर चुकी है। इन कंपनियों का पूरा उत्पादन विदेशी बाजारों में निर्यात किया जाता है।

First Published - October 22, 2024 | 7:19 PM IST

संबंधित पोस्ट