भारत के अरबपति व्यवसायी और रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी (Mukesh Ambani) अगले महीने (March 2024) ChatGPT के जैसा AI चैटबॉट ‘हनुमान’ को लॉन्च करने वाले हैं। इसे तैयार करने के लिए कंपनी देश के 8 IITs का कंसोर्टियम के साथ मिलकर तैयार कर रही है।
आर्टिफिशियल इटेलिजेंस सेक्टर में भारत के लिए यह एक बड़ी उपलब्धि साबित करने जैसा होगा।
रिलायंस इंडस्ट्रीज और देश के 8 आईआईटी द्वारा समर्थित भारतजीपीटी ग्रुप (BharatGPT) ने मुंबई में एक टेक्नोलॉजी कॉन्फ्रेंस के दौरान ये AI चैटबॉट की झलक दिखाई।
इस कॉन्फ्रेंस के दौरान एक वीडियो में दक्षिण भारत में एक मोटरसाइकिल मैकेनिक ने तमिल भाषा में AI बॉट से बात की। इसके अलावा, एक बैंकर ने हिंदी में बॉट से बातचीत की और एक हैदराबाद के डेवलपर ने कंप्यूटर कोड लिखने के लिए इस बॉट का इस्तेमाल किया।
ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के अनुसार, इस एआई मॉडल को हनुमान नाम दिया गया है। अगर यह मॉडल सफल रहा तो भारत के लिए यह एआई की दुनिया में एक मील का पत्थर साबित होगा।
आईआईटी बॉम्बे के कंप्यूटर विज्ञान और इंजीनियरिंग विभाग के अध्यक्ष गणेश रामकृष्णन ने बताया कि यह एक LLM (लार्ज लैंग्वेज मॉडल) है। लार्ज लैंग्वेज मॉडल एक डीप लर्निंग एल्गोरिदम है, जिसे बड़े डेटासेट को यूज करके ट्रेन किया गया है।
भारत जीपीटी का यह मॉडल हेल्थ केयर, गवर्नेंस, फाइनेंशियल सर्विसेज और एजुकेशन जैसे चार मुख्य क्षेत्रों में 11 स्थानीय भाषाओं में काम करेगा। इसके अलावा, हनुमान के पास स्पीच-टू-टेक्स्ट कैपेबिलिटी भी होगी। रामकृष्णन ने कहा कि रिलायंस जियो स्पेसिफिक यूजर्स के लिए कस्टमाइज्ड मॉडल्स बनाएगा।
इस मॉडल को तैयार करने में आईआईटी मुंबई भी शामिल है। इसमें वायरलेस कैरियर रिलायंस जियो इंफोकॉम लिमिटेड और भारत सरकार का भी समर्थन प्राप्त है। इसके अलावा, रिलायंस जियो ब्रेन पर भी काम कर रही है। जो लगभग 45 करोड़ कस्टमर्स के नेटवर्क पर AI इस्तेमाल करने के लिए एक प्लेटफॉर्म है।
रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी दुनिया के टॉप 10 अमीरों की लिस्ट में शामिल हो गए हैं। फोर्ब्स की रियल टाइम बिलेनियर्स लिस्ट के अनुसार, मुकेश अंबानी की नेटवर्थ अब 114 बिलियन डॉलर (करीब 9.45 लाख करोड़ रुपए) हो गई है।
रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी इस सूची में 10वें नंबर पर हैं और उन्होंने गूगल के सह-संस्थापक सर्गेई ब्रिन (Sergey Brin, the Google co-founder) को पीछे छोड़ दिया है।