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अगले वित्त वर्ष में लिस्ट हो सकती है रेमंड रियल्टी

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रेमंड रियल्टी को हाल ही में अपने रियल एस्टेट कारोबार के विभाजन के लिए शेयर बाजारों से अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) मिला है।

Last Updated- December 01, 2024 | 9:29 PM IST
IOC, ONGC, GAIL fined for failing to comply with listing norms

रेमंड लिमिटेड (Raymond Limited) की रियल एस्टेट क्षेत्र की सहायक कंपनी रेमंड रियल्टी (Raymond Realty) अगले वित्त वर्ष (वित्त वर्ष 26) की दूसरी तिमाही के दौरान सूचीबद्ध होने की योजना बना रही है। रेमंड रियल्टी के मुख्य कार्य अधिकारी हरमोहन साहनी ने यह जानकारी दी है।

साहनी ने कहा, ‘जहां तक राष्ट्रीय कंपनी कानून न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) की बात है, तो हम जून-जुलाई 2025 तक आदेश की उम्मीद कर रहे हैं। हमारे मौजूदा अनुमानों के अनुसार यह सूचीबद्धता अगले साल अगस्त-सितंबर के बीच किसी समय होनी चाहिए।’

बिजनेस स्टैंडर्ड के साथ बातचीत में साहनी ने कहा कि कंपनी को अगले 18 से 24 महीनों में अतिरिक्त पूंजी जुटाने की जरूरत नहीं है और इस समय उसके पास इस कारोबार में काफी नकदी है।

कंपनी को हाल ही में अपने रियल एस्टेट कारोबार के विभाजन के लिए शेयर बाजारों से अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) मिला है। वर्तमान में कंपनी के पास ठाणे और मुंबई महानगर क्षेत्र (एमएमआर) में 32,000 करोड़ के सकल विकास मूल्य (जीडीवी) वाली संपत्तियां हैं। साहनी ने कहा कि कंपनी पुणे में सक्रिय रूप से अवसर तलाश कर रही है।

कंपनी का कारोबारी मॉडल संयुक्त विकास समझौते (जेडीए) वाली परियोजनाओं पर आधारित है, क्योंकि यह पुनर्विकास बाजार पर निर्भर है। साहनी ने कहा, ‘हमारा मानना है कि हम संबंध के प्रबंधन में अच्छे हैं और हम अपने भागीदारों से किए गए सभी वादों को पूरा कर रहे हैं, जो जेडीए के लिए जरूरी दो प्रमुख तत्व होते हैं।’

साहनी ने बताया कि मूल भूमि पर गैर-स्वामित्व वाले जेडीए का क्षेत्र बढ़ता रहेगा। उन्होंने कहा, ‘हम हर साल कम से कम 5,000-7,000 करोड़ रुपये का जीडीवी जोड़ रहे हैं और किसी अच्छे वर्ष में यह 10,000 करोड़ रुपये तक जा सकता है।’

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First Published - December 1, 2024 | 9:29 PM IST

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