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चालू वित्त वर्ष में 8,000 करोड़ रुपये के निवेश की है योजना: हिंडाल्को इंडस्ट्रीज के प्रबंध निदेशक सतीश पई

कच्चे माल की लागत में कमी और भारत में कंपनी के दमदार प्रदर्शन से इस वृद्धि को बढ़ावा मिला।

Last Updated- May 20, 2025 | 11:42 PM IST
हिंडाल्को इंडस्ट्रीज के प्रबंध निदेशक सतीश पई

आदित्य बिड़ला समूह की धातु क्षेत्र की प्रमुख कंपनी हिंडाल्को इंडस्ट्रीज ने मार्च 2025 में समाप्त तिमाही के दौरान अपने समेकित शुद्ध लाभ में सालाना आधार पर 66.4 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की और यह बढ़कर 5,283 करोड़ रुपये हो गया। कच्चे माल की लागत में कमी और भारत में कंपनी के दमदार प्रदर्शन से इस वृद्धि को बढ़ावा मिला। रोशनी शेखर और देव चटर्जी के साथ बातचीत में हिंडाल्को इंडस्ट्रीज के प्रबंध निदेशक सतीश पई ने कंपनी के पूंजीगत व्यय और हिंडाल्को की अमेरिका स्थित सहायक कंपनी नोवेलिस की सूचीबद्धता की योजनाओं के बारे में चर्चा की। प्रमुख अंश … 

हिंडाल्को ने उम्मीद से बेहतर नतीजों के साथ मार्च तिमाही का समापन किया। किस बात से कंपनी का लाभ बढ़ा?

हमारा दमदार अपस्ट्रीम कारोबार प्रमुख योगदान करने वाला बना हुआ है। लेकिन अब विविध उत्पाद मिश्रण खासा मूल्य जोड़ रहा है। हमारे पास विशेष एल्युमिना, डाउनस्ट्रीम एल्युमीनियम, डाउनस्ट्रीम कॉपर और यहां तक कि ईवी बैटरी का फ्रेम उत्पादन भी है, 10,000 इकाइयों की हाल में चाकण में डिलिवरी की गईं। चौथी तिमाही में अपस्ट्रीम का प्रदर्शन जोरदार रहा और डाउनस्ट्रीम की वृद्धि ने उसे और बेहतर बना दिया।

दुनिया भर में शेयर बाजारों के ठीक होने के बाद नोवेलिस के आईपीओ की क्या स्थिति है?

नोवेलिस के मामले में मौजूदा जोर उसकी मौजूदा परियोजना को पूरा करना और उसे चालू करना है। हमारा लक्ष्य लगातार प्रति टन 500 डॉलर के प्रदर्शन स्तर को हासिल करना भी है। एक बार ये दोनों लक्ष्य पूरे होने पर हम आईपीओ के लिए आगे बढ़ने पर विचार करेंगे।

ट्रंप प्रशासन के अमेरिकी टैरिफ हिंडाल्को और नोवेलिस के वैश्विक परिचालनों को किस तरह प्रभावित करेंगे?

पिछले अपडेट के बाद से इसमें जोड़ने के लिए कुछ भी नया नहीं है क्योंकि टैरिफ की स्थिति अनिश्चित बनी हुई है। हिंडाल्को इंडिया पर इसका कोई असर नहीं है। जहां तक नोवेलिस की बात है, तो यह असर अपेक्षाकृत तटस्थ है।

भारत और विदेशों में हिंडाल्को की पूंजीगत व्यय की क्या योजनाएं हैं?

भारत में हम चालू वित्त वर्ष के दौरन करीब 8,000 करोड़ रुपये खर्च करने की योजना बना रहे हैं। नोवेलिस के लिए यह करीब 2.4 अरब डॉलर के साथ शीर्ष पूंजीगत व्यय वाला वर्ष होगा, मुख्य रूप से बे मिनेट परियोजना के लिए। हमारे पास अपस्ट्रीम परियोजनाओं – एलुमिना रिफाइनरी, कॉपर रीसाइक्लिंग, एल्युमीनियम स्मेल्टर विस्तार और कॉपर स्मेल्टर के लिए भी निवेश की योजना है। अगले कुछ वर्षों में इन क्षेत्रों में कुल 45,000 करोड़ रुपये का निवेश होगा।

भारत में हिंडाल्को के उत्पादों की मांग का परिदृश्य कैसा है?

सभी श्रेणियों में मांग जोरदार है। हम औद्योगिक, इलेक्ट्रिफिकेशन और पैकेजिंग जैसे क्षेत्रों में दमदार मांग देख रहे हैं। वाहन क्षेत्र में हमारा ध्यान मुख्य रूप से इलेक्ट्रिक वाहनों पर है, वे भी अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं।

First Published - May 20, 2025 | 11:14 PM IST

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