facebookmetapixel
वेनेजुएला संकट: भारत के व्यापार व तेल आयात पर भू-राजनीतिक उथल-पुथल से फिलहाल कोई असर नहींसोमनाथ मंदिर: 1026 से 2026 तक 1000 वर्षों की अटूट आस्था और गौरव की गाथाT20 World Cup: भारत क्रिकेट खेलने नहीं आएगी बांग्लादेश की टीम, ICC से बाहर मैच कराने की मांगसमान अवसर का मैदान: VI को मिलने वाली मदद सिर्फ उसी तक सीमित नहीं होनी चाहिए1985–95 क्यों आज भी भारत का सबसे निर्णायक दशक माना जाता हैमनरेगा भ्रष्टाचार का पर्याय बना, विकसित भारत-जी राम-जी मजदूरों के लिए बेहतर: शिवराज सिंह चौहानLNG मार्केट 2025 में उम्मीदों से रहा पीछे! चीन ने भरी उड़ान पर भारत में खुदरा बाजार अब भी सुस्त क्यों?उत्पाद शुल्क बढ़ते ही ITC पर ब्रोकरेज का हमला, शेयर डाउनग्रेड और कमाई अनुमान में भारी कटौतीमझोले और भारी वाहनों की बिक्री में लौटी रफ्तार, वर्षों की मंदी के बाद M&HCV सेक्टर में तेजीदक्षिण भारत के आसमान में नई उड़ान: अल हिंद से लेकर एयर केरल तक कई नई एयरलाइंस कतार में

UPI पर PhonePe और Google Pay का ही दबदबा, Paytm की बाजार हिस्सेदारी घटी

UPI पर करीब दो में से एक लेनदेन फिनटेक क्षेत्र की दिग्गज फोनपे के प्लेटफॉर्म पर किए जाते हैं।

Last Updated- July 22, 2024 | 11:16 PM IST
UPI payment

एनपीसीआई के यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) पर करीब दो में से एक लेनदेन फिनटेक क्षेत्र की दिग्गज फोनपे के प्लेटफॉर्म पर किए जाते हैं। जून 2024 तक भुगतान कंपनी के पास लगभग 48.34 प्रतिशत बाजार हिस्सेदारी थी।

नैशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एनपीसीआई) के आंकड़ों से पता चलता है कि बेंगलूरु की फिनटेक क्षेत्र की यूनिकॉर्न ने जून में 6.71 अरब यूपीआई लेनदेन किए, जिनका कुल मूल्य 10.09 लाख करोड़ रुपये रहा। गूगल पे यूपीआई पर दूसरी सबसे बड़ी कंपनी बनी रही और उसकी हिस्सेदारी 36.74 प्रतिशत थी।

डिजिटल भुगतान पारिस्थितिकी तंत्र में तीसरी सबसे बड़ी कंपनी पेटीएम की यूपीआई लेनदेन की मात्रा लगातार कम हई और उसकी बाजार हिस्सेदारी जनवरी के 12.79 प्रतिशत से घटकर जून में 7.93 प्रतिशत रह गई है। बाकी छोटी कंपनियों के पास यूपीआई तंत्र में एक-एक प्रतिशत से भी कम की हिस्सेदारी है।

First Published - July 22, 2024 | 11:16 PM IST

संबंधित पोस्ट