facebookmetapixel
दक्षिण के राज्य मालामाल, उत्तरी राज्यों को झटका! टैक्स बंटवारे के नए फॉर्मूले से किस स्टेट को कितना मिला?जेफरीज, गोल्डमैन सैक्स से मोतीलाल ओसवाल तक: ब्रोकरेज हाउसेस ने बजट 2026 को कैसे किया डिकोडरिकॉर्ड ऊंचाई से रिकॉर्ड गिरावट; HDFC से SBI तक टॉप सिल्वर ETF 20% तक टूटेअब असेंबली नहीं, टेक्नोलॉजी की जंग: भारत की चिप-क्रांति 2.0 शुरूICC की PCB को दोटूक चेतावनी: भारत के खिलाफ मैच छोड़ना पाकिस्तान के क्रिकेट को पड़ेगा बहुत महंगाGold, Silver Price Today: सोना में गिरावट, चांदी भी तेज शुरुआत के बाद फिसलीबजट का असर, इन 3 सेक्टर्स पर मॉर्गन स्टेनली ‘ओवरवेट’Budget में UPI और रुपे के लिए ₹2,000 करोड़ का फंड, ग्राहकों के लिए जीरो MDR आगे भी रहेगी जारीBudget 2026: स्टार्टअप्स-MSME के लिए ₹10,000 करोड़ का ग्रोथ फंड, डिजिटल व्यापार पर फोकसOpening Bell: कमजोर शुरुआत के बाद हरे निशान में बाजार, सेंसेक्स 250 अंकों से ज्यादा उछला

NCLT ने Zee Entertainment, Siti Networks के खिलाफ दिवाला कार्रवाई को मंजूरी दी

Last Updated- February 23, 2023 | 5:37 PM IST

राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण ने Zee Entertainment Enterprises Limited (ZEEL) के खिलाफ दिवाला कार्रवाई के लिए इंडसइंड बैंक की याचिका को स्वीकार कर लिया है।

न्यायिक सदस्य एच वी सुब्बा राव और तकनीकी सदस्य मधु सिन्हा की खंडपीठ ने बुधवार को इस मामले में संजीव कुमार जालान को समाधान पेशेवर (resolution professional) नियुक्त किया।

यह मामला Zee Group की कंपनी Siti Networks द्वारा किए गए 89 करोड़ रुपये के चूक से संबंधित है। यह राशि इंडसइंड बैंक को अदा की जानी थी। इसके लिए जील एक गारंटर था।

प्राइवेट सेक्टर के बैंक ने NCLT में सिटी नेटवर्क्स के खिलाफ एक अलग दिवाला याचिका भी दायर की है। NCLT ने मोहित मेहरा को इस मामले में समाधान पेशेवर नियुक्त किया है।

NCLT ने याचिका को ऐसे समय में स्वीकार किया, जब जी एंटरटेनमेंट, सोनी के साथ विलय के अंतिम चरण में है।

विशेषज्ञों के अनुसार इस फैसले के बाद सौदे में बाधाएं पैदा होना तय है। कुछ लोगों का मानना है कि कंपनी निदेशक मंडल की शक्तियां दिवाला प्रक्रिया शुरू होने के साथ खत्म हो जाती है।

मौजूदा दिवाला कानूनों के अनुसार जी एंटरटेनमेंट निजी क्षेत्र के ऋणदाता के साथ बकाया राशि का निपटान कर सकती है, जिससे उसे विलय सौदे में परेशानी से बचने में मदद मिलेगी।

विलय को पहले ही कई वैधानिक मंजूरी मिल चुकी हैं, लेकिन कुछ ऋणदाता आगे बढ़ने से पहले अपनी बकाया राशि चुकाने पर जोर दे रहे हैं।

First Published - February 23, 2023 | 5:37 PM IST

संबंधित पोस्ट