राष्ट्रीय कंपनी विधि पंचाट (एनसीएलटी) ने रिलायंस रिटेल वेंचर्स और रिलायंस रिटेल ऐंड फैशन लाइफस्टाइल्स को फ्यूचर समूह के कारोबार का अधिग्रहण करने के लिए शेयरधारकों और ऋणदाताओं की असाधारण आम बैठक (ईजीएम) बुलाने की मंजूरी आज दे दी।
एनसीएलटी ने कहा कि अमेरिकी रिटेल दिग्गज एमेजॉन की आपत्ति फिलहाल उचित नहीं है और उस पर बाद में विचार किया जा सकता है। इससे पहले 28 सितंबर को एनसीएलटी ने फ्यूचर समूह की 6 कंपनियों को अपनेे शेयरधारकों और ऋणदाताओं की बैठक बुलाने की अनुमति दी थी। वकीलों ने कहा कि बैठक बुलाने के लिए एनसीएलटी की अनुमति केवल प्रारंभिक चरण है और अधिग्रहण के संबंध में यह कोई अंतिम निर्णय नहीं है। यह सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय पर निर्भर करेगा। दिल्ली की लॉ फर्म पीएसएल एडवोकेट्स ऐंड सॉलिसिटर्स के मैनेजिंग पार्टनर समीर जैन ने कहा, ‘एमेजॉन और फ्यूचर रिटेल के मामले में आदेश में इससे कोई बदलाव नहीं हुआ है।’
पिछले साल अगस्त में रिलायंस रिटेल ने फ्यूचर समूह का रिटेल, थोक, लॉजिस्टिक्स और वेयरहाउस कारोबार 24,713 करोड़ रुपये में खरीदने की घोषणा की थी। इसमें कर्ज का हिस्सा भी शामिल है।
नियमन के अनुसार सभी विलय और अधिग्रहण के लिए अदालत की मंजूरी जरूरत है, ऐसे में रिलायंस की कंपनियों ने एनसीएलटी में संपर्क किया था।
घटनाक्रम के जानकार सूत्रों ने कहा कि फ्यूचर समूह की कंपनियां 10 से 14 नवंबर के बीच ईजीएम बुलाएंगी और रिलायंस रिटेल वेंचर्स तथा रिलायंस रिटेल फैशन 30 नवंबर को ईजीएम बुलाएंगी। सौद पर एनसीएलटी की अंतिम मंजूरी सर्वोच्च न्यायालय के आदेश पर निर्भर करेगी, जहां फ्यूचर रिटेल और एमेजॉन दोनों का मामला लंबित है।
रिलायंस रिटेल और फ्यूचर समूह द्वारा सौदे की घोषणा के बाद फ्यूचर रिटेल की एक होल्डिंग कंपनी में 49 फीसदी हिस्सेदारी रखने वाली एमेजॉन ने आपत्ति जताई थी। एमेजॉन का कहना था कि इस सौदे में फ्यूचर समूह के प्रवर्तकों के साथ किए गए गैर-प्रतिस्पर्धी समझौते का उल्लंघन हुआ है।इसके बाद एमेजॉन सिंगापुर अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता केंद्र पहुंच गई और सौदे पर रोक का अंतरिम आदेश हासिल कर लिया। इस पर फ्यूचर रिटेल दिल्ली उच्च न्यायालय पहुंच गई। अदालत ने कहा कि एमेजॉन और फ्यूचर के बीच कोई मध्यस्थता समझौता नहीं हुआ था। एमेजॉन ने इस आदेश को दिल्ली उच्च न्यायालय के खंडपीठ में चुनौती दी, जिसने सौदे पर यथास्थिति बनाए रखने का आदेश दिया। अब यह मामला सर्वोच्च न्यायालय में लंबित है। शीर्ष अदालत ने दोनों पक्षों को सिंगापुर मध्यस्थता अदालत के अंतिम आदेश का इंतजार करने के लिए कहा है।
योजना के मुताबिक फ्यूचर समूह की विभिन्न कंपनियां – फ्यूचर रिटेल, फ्यूचर कंज्यूमर, फ्यूचर सप्लाई चेन सॉल्यूशंस, फ्यूचर लाइफस्टाइल फैशन, फ्यूचर ब्रांड्स और फ्यूचर मार्केट नेटवर्क का फ्यूचर एंटरप्राइजेज में पहले विलय किया जाएगा। इसके बाद रिटेल और होलसेल कारोबार को रिलायंस रिटेल ऐंड फैशन लाइफस्टाइल को हस्तांतरित की दी जाएगी। इसी के साथ वेयरहाउस और लॉजिस्टिक्स कारोबार रिलायंस रिटेल को हस्तांतरित किया जाएगा। फ्यूचर एंटरप्राइेजज के पास केवल बीमा कारोबार का संयुक्त उद्यम बच जाएगा।