मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज और मार्केट रेगुलेटर सेबी के बीच इस समय तनाव चल रहा है। मामला स्टॉक के आवंटन से जुड़ा है। दो दशक पहले सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में सेबी को जरूरी दस्तावेज उपलब्ध कराने का आदेश दिया था। वहीं रिलायंस का कहना है कि सेबी ने कोर्ट के आदेश के बाद भी अब तक उसे दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए हैं। रिलायंस ने सेबी के खिलाफ अवमानना याचिका दायर करते हुए आरोप लगाया है कि मार्केट रेगुलेटर जानबूझकर ऐसा कर रहा है। वहीं जानकारी ये भी है कि सेबी भी सुप्रीम कोर्ट में रिव्यू पिटिशन दायर करने की तैयारी में है।
क्या है पूरा मामला
मामला साल 2002 का है जब एस गुरुमूर्ति ने रिलायंस के खिलाफ सेबी में शिकायत की थी। इस मामले की सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने रिलायंस के पक्ष में फैसला सुनाया था औक सेबी को आदेश दिया था कि वह रिलायंस को कुछ दस्तावेज उपलब्ध कराए। ये दस्तावेज 2002 के एक मामले से संबंधित हैं। तब एस गुरुमूर्ति ने रिलायंस, उसकी सहयोगी कंपनियों और डायरेक्टर्स के खिलाफ सेबी में शिकायत की थी। इसमें आरोप लगाया गया था कि रिलायंस ने अपने प्रमोटरों से जुड़ी कंपनियों को अवैध तरीके से 12 करोड़ इक्विटी शेयर अलॉट किए थे। साथ ही आरोप लगाया गया था कि रिलांयस और ग्रुप की दूसरी कंपनियों ने इसे फंड किया था।लेकिन सेबी ने कहा कि वह इस मामले में कानूनी सलाह ले रहा है। और कंपनी को दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए।
अब 20 अगस्त को रिलायंस ने सेबी के खिलाफ अवमानना याचिका दायर कर दी। साथ ही रिलायंस ने सुप्रीम कोर्ट के रजिस्ट्रार को भी पत्र लिखकर मांग की है कि मामले की तत्काल सुनवाई होनी चाहिए।