facebookmetapixel
भारत-यूएई रिश्तों में नई छलांग, दोनों देशों ने 2032 तक 200 अरब डॉलर व्यापार का रखा लक्ष्यचांदी ने तोड़ा सारे रिकॉर्ड: MCX पर 5% उछाल के साथ ₹3 लाख प्रति किलो के पार, आगे और तेजी के संकेतदिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का तीसरा रनवे 16 फरवरी से पांच महीने बंद रहेगाQ3 नतीजों में सुस्ती: मुनाफा वृद्धि 17 तिमाहियों के निचले स्तर पर, आईटी और बैंकिंग सेक्टर दबाव में‘महंगे सौदों से दूरी, वैल्यू पर फोकस’, ITC के कार्यकारी निदेशक ने FMCG रणनीति पर खोले अपने पत्तेसबसे कम उम्र में BJP अध्यक्ष का पद संभालेंगे नितिन नवीन, पार्टी के शीर्ष पद के लिए एकमात्र उम्मीदवारJIO का IPO आने के बाद महंगे होंगे रिचार्ज, जुलाई से टेलीकॉम यूजर्स पर बढ़ने वाला है बोझHindustan Zinc Q3 Results: चांदी बनी कमाई की मशीन, मुनाफा 46% उछलकर रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचाडॉलर को चुनौती की तैयारी, ब्रिक्स डिजिटल मुद्राओं को जोड़ने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक ने दिया प्रस्तावअमेरिकी टैरिफ के असर को कम करने के लिए SEZ नियमों में बड़े बदलाव की तैयारी, बजट में हो सकती है घोषणा

सेबी के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंची मुकेश अंबानी की कंपनी

Last Updated- December 11, 2022 | 4:27 PM IST

मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज और मार्केट रेगुलेटर सेबी के बीच इस समय तनाव चल रहा है। मामला स्टॉक के आवंटन से जुड़ा है। दो दशक पहले सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में सेबी को जरूरी दस्तावेज उपलब्ध कराने का आदेश दिया था। वहीं रिलायंस का कहना है कि सेबी ने कोर्ट के आदेश के बाद भी अब तक उसे दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए हैं। रिलायंस ने सेबी के खिलाफ अवमानना याचिका दायर करते हुए आरोप लगाया है कि मार्केट रेगुलेटर जानबूझकर ऐसा कर रहा है। वहीं जानकारी ये भी है कि सेबी भी सुप्रीम कोर्ट में रिव्यू पिटिशन दायर करने की तैयारी में है। 
क्या है पूरा मामला
मामला साल 2002 का है जब एस गुरुमूर्ति ने रिलायंस के खिलाफ सेबी में शिकायत की थी। इस मामले की सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने रिलायंस के पक्ष में फैसला सुनाया था औक सेबी को आदेश दिया था कि वह रिलायंस को कुछ दस्तावेज उपलब्ध कराए।  ये दस्तावेज 2002 के एक मामले से संबंधित हैं। तब एस गुरुमूर्ति ने रिलायंस, उसकी सहयोगी कंपनियों और डायरेक्टर्स के खिलाफ सेबी में शिकायत की थी। इसमें आरोप लगाया गया था कि रिलायंस ने अपने प्रमोटरों से जुड़ी कंपनियों को अवैध तरीके से 12 करोड़ इक्विटी शेयर अलॉट किए थे। साथ ही आरोप लगाया गया था कि रिलांयस और ग्रुप की दूसरी कंपनियों ने इसे फंड किया था।लेकिन सेबी ने कहा कि वह इस मामले में कानूनी सलाह ले रहा है। और कंपनी को दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए।

अब 20 अगस्त को रिलायंस ने सेबी के खिलाफ अवमानना याचिका दायर कर दी। साथ ही रिलायंस ने सुप्रीम कोर्ट के रजिस्ट्रार को भी पत्र लिखकर मांग की है कि मामले की तत्काल सुनवाई होनी चाहिए।
 
 

First Published - August 22, 2022 | 9:56 AM IST

संबंधित पोस्ट