facebookmetapixel
Advertisement
आसमान से बरसती आग के बीच पैरामीट्रिक बीमा की भारी मांग, मौसम के मिजाज ने बदला इंश्योरेंस मार्केटटाटा-बिरला की राह पर किर्लोस्कर समूह! रियल एस्टेट मार्केट में धाक जमाने के लिए बनाया मेगा प्लानटाटा संस को लिस्ट करने की मांग फिर तेज, इनगवर्न ने कहा: बेहतर पूंजी आवंटन के लिए लिस्टिंग जरूरीशेयर बाजार में रिकॉर्ड तेजी के बीच गहराया बड़ा संकट, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड ने बढ़ाई भारत की टेंशनइतिहास की गूंज: साल 1973 और आज का भारत; तेल का झटका, महंगाई और मोदी सरकार के सामने बड़ी चुनौतीEditorial: RBI से सरकार को मिला ₹2.87 लाख करोड़ का रिकॉर्ड फंड, फिर भी नहीं कम होंगी वित्तीय मुश्किलेंBS Survey: RBI जून में नहीं बदलेगा रीपो रेट, पर चालू वित्त वर्ष में बढ़ सकती है आपके लोन की EMI‘चीन-पाकिस्तान की चुनौतियों से निपटने को तैयार है थिएटर कमान’, CDS अनिल चौहान का बड़ा बयानटैक्स की मार से सहमा बाजार! STT बढ़ने से ब्रोकर्स ने डेरिवेटिव ट्रेडिंग में घटाया अपना दांवम्यूचुअल फंड में स्मॉलकैप का जलवा: उतार-चढ़ाव के बीच बेंचमार्क को पछाड़कर निवेशकों को किया मालामाल

Meesho बनी देश की तीसरी सबसे बड़ी ई-कॉमर्स कंपनी, जीएमवी 6.2 अरब डॉलर पर पहुंची

Advertisement

CLSA की रिपोर्ट में अनुमान – 2031 तक मीशो की ग्रोथ रेट 26% रह सकती है, छोटे शहरों में बढ़ती पकड़ और कम लागत मॉडल से मिल रही बढ़त

Last Updated- April 25, 2025 | 11:19 PM IST
Meesho

ई-कॉमर्स कंपनी मीशो की सकल व्यापारिक वैल्यू (जीएमवी) वित्त वर्ष 2025 में 6.2 अरब डॉलर पर पहुंच गई है। इससे जीएमवी के लिहाज से देश के तीसरे सबसे बड़े प्लेटफॉर्म के तौर पर उसकी हैसियत और ज्यादा मजबूत हुई है। ब्रोकरेज फर्म सीएलएसए की रिपोर्ट में अनुमान जताया गया है कि कंपनी वित्त वर्ष 2031 तक 26 फीसदी की सालाना चक्रवृद्धि दर से बढ़ेगी।

सीएलएसए का मानना है कि मीशो भारत के ई-कॉमर्स बाजार में अगले 6 साल में अपनी भागीदारी मौजूदा 8.5 फीसदी से बढ़ाकर 10 फीसदी कर लेगी। उसे छोटे शहरों में मजबूत लोकप्रियता, कम पूंजी वाला परिचालन मॉडल और किफायत पर ज्यादा जोर देने से मदद मिलेगी। सीएलएसए की रिपोर्ट के अनुसार मीशो को यह बढ़त ऐसे समय हासिल हुई है जब फ्लिपकार्ट और एमेजॉन जैसी मौजूदा कंपनियों को बाजार हिस्सेदारी में मामूली गिरावट का सामना करना पड़ा है।

भारत के ई-कॉमर्स बाजार पर इस समय चार कंपनियों – फ्लिपकार्ट, एमेजॉन, मीशो और मिंत्रा का दबदबा है। पिछले चार साल के दौरान मीशो ने अपनी बाजार भागीदारी निचले एक अंक से बढ़ाकर 2024 तक 8.9 फीसदी कर ली। इसके विपरीत फ्लिपकार्ट की भागीदारी 2020 के 33.7 फीसदी से घटकर 32.1 फीसदी रह गई जबकि एमेजॉन का आंकड़ा 30.5 फीसदी से गिरकर 28.3 फीसदी रह गया। मिंत्रा की बाजार सपाट बनी रही।

बेन ऐंड कंपनी और फ्लिपकार्ट की एक रिपोर्ट के अनुसार बढ़ते ग्राहक आधार और नए व्यापार मॉडल के कारण भारत का ई-रिटेल बाजार वर्ष 2030 तक जीएमवी में तिगुना होकर 170-190 अरब डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है। रिपोर्ट में भारत को दुनिया के दूसरे सबसे बड़े ई-रिटेल खरीदार आधार बताया गया है जहां 2024 तक 27 करोड़ से अधिक ऑनलाइन खरीदार रहे होंगे।

Advertisement
First Published - April 25, 2025 | 11:19 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement