facebookmetapixel
Advertisement
बैंकिंग नियमों में बड़ा बदलाव: RBI ने निवेश उतार-चढ़ाव बफर रखने की अनिवार्यता खत्म कीICICI बैंक ने ICICI Pru Life में बहुल हिस्सेदारी बनाए रखने का किया ऐलान, शेयर में तेज उतार-चढ़ावलिबर्टी म्युचुअल ने बढ़ाई लिबर्टी जनरल इंश्योरेंस में 74% तक हिस्सेदारी, भारत में विस्तार की रणनीति तेजयात्रा खर्च घटाएं, इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा दें बैंक व वित्तीय संस्थानपीयूष गोयल की उद्योगों से अपील: आयात निर्भरता घटाएं, घरेलू विनिर्माण बढ़ाएंअमेरिकी छूट खत्म होने के बाद भी रूस से तेल खरीदेगा भारत, सप्लाई पर असर नहीं: सरकारSEBI चीफ तुहिन पांडेय बोले- वैश्विक संकटों के बीच भी भारतीय बाजार मजबूत, AI साइबर खतरे पर चेतावनी बड़ी घट-बढ़ के बाद बाजार सपाट बंद, IT शेयरों ने संभाला सेंसेक्स-निफ्टीसुप्रीम कोर्ट की बड़ी टिप्पणी: UAPA मामलों में भी जमानत नियम है और जेल अपवाद!केरलम में वीडी सतीशन ने मुख्यमंत्री पद की ली शपथ, कांग्रेस की गारंटियों पर पहली कैबिनेट बैठक में ही लगी मुहर

Jefferies India ने बंद की Paytm कवरेज, FY25 में EBITDA को भी लग सकता है झटका

Advertisement

जेफरीज ने अपने नोट में कहा कि हम, यूजर/मर्चेंट रिटेंशन, रेवेन्यू ट्रैक्शन और कॉस्ट कंट्रोल्स से पैदा होने वाले सकारात्मक और नकारात्मक जोखिम देख रहे हैं।

Last Updated- February 19, 2024 | 11:48 AM IST
Jefferies sees rate cuts in India in 2025; ups HDFC, ICICI Bk target price Jefferies को 2025 में दर कटौती की उम्मीद, HDFC और ICICI बैंक का टारगेट प्राइस बढ़ाया

Paytm की परेशानी खत्म होती नहीं दिख रही हैं। RBI और ED के सख्त एक्शन के बाद अब कंपनी के लिए एक और नकारात्मक खबर आई है। जेफरीज इंडिया (Jefferies India) ने पेटीएम की रेटिंग को खत्म (Discontinue) कर दिया है। कंपनी का कहना है कि पेटीएम से जुड़ी खबरों के ‘स्थिर’ होने तक जेफरीज अपने फैसले पर बरकरार रहेगी।

इसी के साथ जेफ़रीज़ फाइनेंशियल ग्रुप इंक, पेटीएम-ऑपरेटर वन 97 कम्युनिकेशंस लिमिटेड पर कवरेज छोड़ने वाली पहली प्रमुख विदेशी ब्रोकरेज कंपनी बन गई है।

भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा पिछले महीने पेटीएम पेमेंट्स बैंक के खिलाफ किए गए एक्शन के बाद से कंपनी की साख पर भी काफी नकारात्मक असर पड़ा है। आरबीआई के एक्शन के कुछ हफ्ते बाद ही निवेश बैंक ने पेटीएम के स्टॉक को “नॉट रेटेड” घोषित किया है। वहीं पेटीएम के बिजनेस मॉडल को लेकर भी चिंता जाहिर की है और अब FY25E के रेवेन्यू में सालाना आधार पर 28 प्रतिशत की गिरावट देखती है।

ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के अनुसार, विश्लेषकों जयंत खरोटे और प्रखर शर्मा ने 18 फरवरी के एक नोट में लिखा, “बैंकिंग लाइसेंस के बिना, पेटीएम का बिजनेस मॉडल अब शुद्ध भुगतान सेवा प्रदाताओं के समान हो जाएगा।” विश्लेषकों ने कहा, “पेटीएम का ध्यान अब ग्राहक प्रतिधारण सुनिश्चित करने पर होगा, और हमारा मानना ​​​​है कि यह उपयोगकर्ताओं को बनाए रखने पर खर्च के लिए अपने 85 अरब रुपये ($ 1 बिलियन) नकद भंडार में कमी लाएगा।”

Paytm EBITDA पर हो सकता है असर

जेफरीज ने अपने नोट में कहा कि हम, यूजर/मर्चेंट रिटेंशन, रेवेन्यू ट्रैक्शन और कॉस्ट कंट्रोल्स से पैदा होने वाले सकारात्मक और नकारात्मक जोखिम देख रहे हैं। मर्चेंट/यूजर एट्रीशन 10-30 प्रतिशत तक रहने और और कुल रेवेन्यू को 20-45 प्रतिशत का झटका लगने के आधार पर वैल्यूएशन काफी अलग हो सकती है। जेफरीज का मानना है कि आरबीआई के पेटीएम पेमेंट्स बैंक पर एक्शंस से पेटीएम के FY25E EBITDA पर लगभग 20 प्रतिशत का असर हो सकता है।

 

Advertisement
First Published - February 19, 2024 | 11:48 AM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement