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अधिक उड़ानों के लिए कुछ इंतजार और

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Last Updated- December 05, 2022 | 5:22 PM IST

बेंगलुरु का नया हवाई अड्डा खुलने में देरी होने से 12 से अधिक एयरलाइनों की अतिरिक्त उड़ान शुरु करने की योजना पर असर पड़ सकता है। इनमें अंतरराष्ट्रीय, घरेलू और कॉर्गो एयरलाइनें शामिल हैं।


नया हवाई अड्डा शुरु होने के बावजूद पुराने हवाई अड्डे ने अतिरिक्त उड़ानों को अनुमति देने से इनकार कर दिया है। इसके लिए क्षमता की कमी को कारण बताया जा रहा है। बेंगलुरु इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (बीआईएएल) के एक अधिकारी का कहना है कि समर शेडयूल तय होने के बाद हवाई अड्डे के परिचालन में एक महीने की देरी से राजस्व में कमी होना तय है।


इससे एयर मॉरिशस, टाइगर एयरवेज, ओमान एयर, ड्रेगन एयर, थाई एयरवेज जैसी विदेशी विमानन कंपनियों के साथ-साथ किंगफिशर और सिंप्लीफाई डेक्कन जैसी घरेलू विमानन कंपनियां प्रभावित होंगी। इस परियोजना में लेटलतीफी की वजह से क्विक जेट और जेट18 जैसी कॉर्गो कंपनियों की विस्तार योजना भी प्रभावित होगी। व्यावसायिक परिचालन के लिए नए हवाई अड्डे में एक महीने की देरी से तकरीबन 100 घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लटकने की संभावना है।


बेंगलुरू के नये हवाई अड्डे का परिचालन 11 मई से शुरू होना था। ऐसे में जब अधिकतर विमानन कंपनियों का समर शेडयूल 1 अप्रैल से शुरू हो गया तो बेंगलुरु हवाई अड्डे का परिचालन तकरीबन एक महीन बाद ही शुरू हो पाएगा। इसका मतलब यह हुआ कि विमानन कंपनियों को समर शेडयूल में मौजूदा हवाई अड्डे का ही उपयोग करना होगा। अपनी क्षमताओं का हवाला देते हुए मौजूदा हवाई अड्डा किसी भी सूरत में नई उड़ानों को अनुमति नहीं दे रहा है।


इसका नतीजा यही निकलेगा कि कई विमानन कंपनियों को अपनी विस्तार योजनाओं को थोड़ा ब्रेक लगाना पड़ेगा या फिर नये हवाई अड्डे के बनने का इंतजार करना होगा।भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) के एक अधिकारी का कहना है कि मौजूदा हवाई अड्डे की क्षमता की सीमाओं को ध्यान में रखते हुए हम नई उड़ानों को अनुमति देने की स्थिति में नहीं हैं। समर शेडयूल में भी उड़ानों की संख्या उतनी ही रहेगी जितनी कि विंटर शेडयूल में।


जबकि बेगलुरु इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड के एक अधिकारी ने इस बाबत कहा कि हवाई अड्डे का इसके चलते राजस्व का नुकसान तो होगा ही। नई उड़ानों में 30 फीसदी की बढोतरी होने जा रही थी जो अब थोड़े समय के लिए टल जाएगी। बाजार के एक जानकार का मानना है कि इसके टलने से घरेलू कंपनियों के बजाय अंतर्राष्ट्रीय कंपनियों को ज्यादा मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा क्योंकि अपने वैश्विक नेटवर्क के चलते इन कंपनियों ने पहले से ही बुकिंग कर रखी थी।


नये हवाई अड्डे का रुख करने के बावजूद भी इन कंपनियों के लिए तुरंत ही यह संभव नहीं हो पाएगा कि ये उड़ानों की संख्या उस अनुपात में बढ़ा पाएं। यह तो तय है कि यह इन कंपनियों के समर शेडयूल को जरूर प्रभावित करेगा।चार अंतर्राष्ट्रीय विमानन कंपनियों  एयर मॉरिशस, टाइगर एयरवेज, ओमान एयरवेज और ड्रैगन एयर की बेंगलुरु के नये हवाई अड्डे से सीधी उड़ान संचालित करने की योजना है।


बीआईएएल के आंकड़ों के मुताबिक एमीरेट्स, थाई एयरवेज और मलेशियन एयरवेज जो पहले से ही बेंगलुरु से उड़ानें संचालित कर रही हैं। इन्होंने भी बेंगलुरु के नये हवाई अड्डे से और उड़ानें संचालित करने की अर्जी दे रखी है। कैथे पैसिफिक जो जो ड्रैगन एयर की मालिक है, के भारत में महाप्रबंधक टॉम राइट का कहना है कि ड्रैगन एयर 1 मई से हांगकांग और बंगलुरु के बीच सीधी उड़ान संचालित करने जा रही थी लेकिन अब इसको 24 मई तक टालना होगा।


उनका कहना है कि समस्याएं तो जरूर हैं लेकिन स्थिति से तालमेल तो बिठाना ही पड़ेगा।किंगफिशर और सिंप्लिफाइ डेक्कन जैसी घरेलू विमानन कंपनियों ने भी घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय उड़ानों के लिए अर्जियां दे रखी थीं। घरेलू विमानन कंपनियों ने अपनी उड़ानों में 25 फीसदी अधिक उड़ानों का आवेदन किया है। अभी ये कंपनियां सप्ताह में 1084 उड़ानें संचालित करती हैं और ये 1355 उड़ानों की मांग कर रही हैं।


क्विकजेट और जेट18 जैसी कार्गो विमानन कंपनियां भी बेंगलुरु से उड़ान संचालित करने की सोच रही हैं। किंगफिशर एयरलाइंस के उपाध्यक्ष हितेश पटेल कहते हैं कि हमारी बेंगलुरु से सैन फ्रांसिस्को और हांगकांग की उड़ानों पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा क्योंकि इनको अगस्त से शुरू होना है।

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First Published - March 30, 2008 | 11:05 PM IST

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