facebookmetapixel
Advertisement
विकास के अगले चरण के लिए भूमि व कारोबारी माहौल में सुधार जरूरी: प्रधानमंत्री मोदी तमिलनाडु में सरकार के 100 दिन, एमजीआर की याद दिला रहे विजयपश्चिम बंगाल में कारोबार को बढ़ावा, नई सरकार के पहले 100 दिन में निवेश पर जोर1991 के आ​र्थिक सुधारों से उद्योग को मिला प्रतिस्पर्धा का भरोसा, औद्योगिक और व्यापार नीति में तालमेल बिठाना जरूरीऑफर फॉर सेल के जरिये जुटाई गई रकम में उफान, LIC का अहम योगदानQ1 Results: लिस्टेड कंपनियों के मुनाफे में 16% की तेज बढ़त, BFSI और मेटल सेक्टर का बड़ा योगदानRBI के फैसले से बैंकों में हलचल, FCNR(B) जमा जुटाने की रफ्तार बढ़ीबाजार हलचल: प्री-आईपीओ शेयर, नया SLB कॉन्ट्रैक्ट और UPI नियम पर नजरजुलाई में बायोकॉन बनी MF की पसंदीदा स्मॉल-कैप खरीद, ₹3,300 करोड़ का निवेशराजस्व और मार्जिन के मोर्चे पर अपोलो से आगे मैक्स, मरीजों की बढ़ती संख्या से ग्रोथ को सहारा

खेल-खेल में जानिए ग्राहक को

Advertisement
Last Updated- December 10, 2022 | 9:45 PM IST

नव-परिवर्तन और उत्पाद विकास की प्रक्रिया में गेमिंग तकनीकों का इस्तेमाल भले नया है, लेकिन निश्चित रूप से इसका चलन बढ़ने वाला है।
दुनियाभर में वीडियो गेम उद्योग का कुल कारोबार 10 करोड़ डॉलर से अधिक है और इसी के एक छोटे हिस्से के रूप में गंभीर या इनोवेशन गेम कहलाने वाला बाजार भी पनप रहा है। फिलहाल यह बाजार करीब-करीब 1 से 2 अरब डॉलर के बीच है।
इनोवेशन गेम कंपनियों को ग्राहकों की समस्याओं को समझने और उन्हें एक नए तरीके के साथ हल करने में मदद करती है। फॉरेस्टर रिसर्च के मुताबिक इनोवेशन गेमिंग तकनीक उत्पादन संबंधी जरूरतों को इकट्ठा करने और फिर उनका विश्लेषण करने के लिए एक विकल्प मुहैया कराती हैं।
इस बाजार को भुनाने के लिए ग्लोबल लॉजिक ने हाल ही इस तरह के गेम विकसित करने वाली अमेरिका की एक कंपनी एन्थियोसिस के साथ हाथ मिलाया है। ग्लोबल लॉजिक इस तरह के गेम के जैसे और भी उत्पाद तैयार करना चाहती है।
अपने इस प्रयास में दोनों ग्लोबल लॉजिक और एन्थियोसिस  ‘प्रून दी प्रोडक्ट ट्री’ जैसे लोकप्रिय गेम टाइटलों के इर्द-गिर्द संयुक्त रूप से एक सॉफ्टवेयर उत्पाद तैयार करेंगे। यह गेम संस्थानों को उनके उत्पाद के फीचरों के साथ जुड़ी ग्राहकों की समस्याओं और उनके फैसला लेने की प्रक्रिया के बारे में जानकारी मुहैया कराएगी।
ग्लोबल लॉजिक ने हाल में इस उत्पाद का अल्फा वर्जन बाजार में उतारा है और कंपनी की योजना आगे आने वाले कुछ महीनों में इसका बीटा वर्जन पेश करने की भी है। किसी सुस्त कंपनी के दफ्तर में बैठने के बजाए, सोचिए आप ग्राहकों की समस्या का हल किसी गेम के जरिये हल कर रहे हैं।
इस गेम में ग्राहकों को अपनी पसंद या जरूरत के फीचरों को शामिल करने की जरूरत होती है और जिसे दूसरे खिलाड़ियों के फीचरों से जोड़ कर देखा जाता है। इसके बाद उत्पाद की उपयोगिता देखी जाती है। इससे कंपनी का काम काफी सरल हो जाता है और कंपनी को व्यक्तिगत तौर पर ग्राहकों की समस्या पर अपनी प्रतिक्रिया देने में मदद मिलती है।
ग्लोबल लॉजिक के उपाध्यक्ष (कंज्यूमर) सचिन सक्सेना का कहना है, ‘जहां प्रशिक्षण अनुकरण में इन गेमों का इस्तेमाल काफी लंबे समय से हो रहा है और जाना-पहचाना है, वहीं इनोवेशन और उत्पाद विकास में यह अभी काफी नए हैं।’
औसतन इस तरह के एक गेम की कीमत लगभग 10,000 रुपये हो सकती है। जहां भारत काफी आला दर्जे का और नया बाजार है, वहीं दूसरी तरफ वैश्विक सूचना प्रौद्योगिकी उद्योग कम कीमत का फायदा पहुंचाने के परे काफी परिपक्व है और उसका ध्यान प्रक्रिया और इनोवशन पर अधिक है।

Advertisement
First Published - March 26, 2009 | 11:32 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement