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‘वैश्विक प्रौद्योगिकी ढांचा तैयार करना जरूरी’

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Last Updated- December 12, 2022 | 8:02 AM IST

भविष्य के लिए वैश्विक प्रौद्योगिकी ढांचा तैयार करने की जरूरत पर जोर देते हुए फेसबुक इंडिया के प्रबंध निदेशक अजीत मोहन ने कहा है कि भारत को दुनिया के लिए सॉल्युशनों की पेशकश करने के लिए आगे आना चाहिए।
नैसकॉम टेक्नोलॉजी लीडरशिप फोरम 2021 के 29वें संस्करण को संबोधित करते हुए मोहन ने कहा, ‘हमें इंटरनेट के नए नियमों के बारे में भविष्य के लिए इस तरह की रूपेरखाएं बनाने की जरूरत है जिनसे न सिर्फ कुछ विशिष्ट वर्ग बल्कि सभी लोगों का भरोसा पैदा करने की जरूरत पूरी की जा सके।’
मोहन ने ‘हम टेक्नोलॉजी में भरोसा कैसे बढ़ा सकते हैं?’ सत्र पर बोलते हुए कहा कि निजी क्षेत्र को भरोसेमंद इकोसिस्टम तैयार करने के लिए ज्यादा पारदर्शिता लाने की जरूरत होगी।
इस सत्र के दौरान ओमिडयार नेटवर्क की प्रबंध निदेशक रूपा कुडवा ने कहा कि कंपनियों को भारत के अगले 50 करोड़ को सक्षम बनाने का भरोसा पैदा करने की जरूरत होगी। कंपनियों को लोगों को धोखाधड़ी से बचाकर उन्हें ज्यादा प्रासंगिक और महत्वपूर्ण इंटरनेट सेवा का लाभ मुहैया कराने में सक्षम होना चाहिए।
कुडवा ने कहा कि नियामकीय इकाइयां ग्रेडिंग या प्रमाणन प्रणाली पर जोर देकर उपभोक्ताओं का मार्गदर्शन करने में मदद कर सकती हैं। रूपा कुडवा ने कहा, ‘खाद्य सुरक्षा में आज बेहद अच्छे प्रमाणन हैं। यदि हम इस पर अमल करें और निजता जैसे मुद्दों पर विचार करें तो कुछ हद तक इससे ग्राहकों को अपना भरोसा बढ़ाने में मदद मिल सकेगी।’
इंटरनेट को मूल अधिकार बताते हुए इन्फोसिस के सह-संस्थापक क्रिस गोपालकृष्णन ने कहा कि हरेक परिवार के पास एक डिजिटल डिवाइस होना चाहिए और यह एक सिद्घांत होना चाहिए।

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First Published - February 20, 2021 | 12:13 AM IST

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