facebookmetapixel
Advertisement
Sensex-Nifty में लाल निशान! 78 हजार के पास पहुंचा सेंसेक्स, जानिए गिरावट की मुख्य वजहेंदेश में कपास की बंपर सप्लाई से घट सकते हैं कच्चे माल के दाम, कपड़ा उद्योग को मिलेगी राहतMCX पर शुरू हुआ क्रूड सनफ्लावर ऑयल फ्यूचर्स कॉन्ट्रैक्ट, कारोबारियों को मिलेगा बड़ा फायदामहाराष्ट्र को सूखा मुक्त बनाने की तैयारी, CWC की मंजूरी के बाद जल्द शुरू होंगी नदी जोड़ परियोजनाएंमहाराष्ट्र में पांच वर्षों में बंद हुई 36,211 कंपनियां, CM फडणवीस ने कहा: इनमें 76% तो कभी चालू ही नहीं हुई थींकैनरा रोबेको लार्ज एंड मिड कैप फंड रिव्यू: ₹10,000 की SIP से बने ₹2.66 करोड़, AUM पहुंचा ₹25,251 करोड़RBI ने FCNR(B) स्वैप सुविधा की समयसीमा घटाई, अब 31 अगस्त तक ही जमा होंगे पैसेक्या खत्म होगा अनलिमिटेड डेटा का दौर? जानिए अब ज्यादा इंटरनेट के लिए क्यों चुकाना होगा ज्यादा पैसा!देश की विदेशी मुद्रा तिजोरी फिर मजबूत, फॉरेक्स रिजर्व 707 अरब डॉलर के पारभारत के निर्यात में जोरदार उछाल, FTA साझेदार देशों को सामान भेजना दोगुने से ज्यादा बढ़ा

प्रतिभाओं का पलायन रोकने की पहल

Advertisement
Last Updated- December 07, 2022 | 3:01 AM IST

भारतीय प्रतिभाओं का देश से पलायन को रोकने की दिशा में आज एक ठोस कदम उठाया गया। आईआईटी बंबई के बी टेक और दोहरे डिग्री प्रोग्राम के छात्र अब इंटर्नशिप पर विदेश नहीं जा सकेंगे।


यह नियम सत्र 2008-09 के छात्रों पर लागू होगा। संस्थान ने अब घरेलू कंपनियों में इंटर्नशिप को अनिवार्य बना दिया है। इसका मतलब कि अगर छात्र इस संस्थान से डिग्री चाहते हैं तो उन्हें किसी भारतीय कंपनी में इंटर्नशिप करनी होगी।

बी टेक चार वर्षीय पाठयक्रम है जबकि, दोहरे डिग्री पाठयक्रम में पांच साल लगते हैं। इन दोनों ही पाठयक्रमों के लिए आठ हफ्ते का इंटर्नशिप अनिवार्य है जो छात्रों को तीसरे और चौथे वर्ष के आखिर में करना पड़ता है। फिलहाल आईआईटी बंबई में बीटेक के करीब 1,335 और दोहरे डिग्री पाठयक्रम के 1,065 छात्र-छात्राएं हैं, जिनमें से 60 फीसदी से भी अधिक इंटर्नशिप के लिए विदेश जाना पसंद करते हैं।

ये आगे चलकर या तो पीएचडी करते हैं या फिर शोध संबंधी नौकरियों मे जाना पसंद करते हैं या फिर विदेशी कंपनियों के साथ काम करते हैं। इन छात्रों की पसंद जॉर्जिया टेक, मेकगिल ओहियो स्टेट समेत कुछ और विश्वविद्यालय हैं तो माइक्रोसॉफ्ट, सुजूकी मोटर्स पसंददीदा कंपनियां हैं।

आईआईटी बंबई के निदेशक अशोक मिश्रा ने बिजनेस स्टैंडर्ड को बताया, ‘हम चाहते हैं कि हमारे छात्र भारतीय इंजीनियरिंग कंपनियों का माहौल भी देखें। साथ ही हम यह भी चाहते हैं कि देश के उद्योग जगत को भी यह पता चले कि हमारे छात्र कितने काबिल हैं। इसलिए हमने यह निर्णय लिया है कि अगर छात्रों को डिग्री चाहिए तो उन्हें अनिवार्य रूप से भारतीय कंपनियों में इंटर्नशिप करनी होगी।’

मिश्रा ने कहा कि भारतीय कंपनियों में अत्याधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जब उद्योग जगत से हमारे छात्रों के बारे में पूछा जाता है तो उनका कहना होता है कि आईआईटी के बीटेक के छात्र इन कंपनियों में दिलचस्पी ही नहीं रखते।

उन्होंने कहा कि इसी को ध्यान में रखकर भारतीय कंपनियों में अनिवार्य इंटर्नशिप का फैसला लिया गया है। हालांकि मिश्रा ने बताया कि बीटेक के ऐसे छात्र जो दूसरे वर्ष के आखिर में विदेश में इंटर्नशिप की इच्छा रखते हैं उन्हें इसकी अनुमति दी जाएगी। पर तीसरे साल में उनके लिए घरेलू कंपनी में इंटर्नशिप अनिवार्य रहेगा।

Advertisement
First Published - June 2, 2008 | 10:59 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement