facebookmetapixel
DARPG डेटा में खुलासा: 2025 में श्रम मंत्रालय को मिलीं शिकायतें, कुल ग्रीवांस में 15.5% हिस्सेदारी‘हम ब्लैकमेल नहीं होने वाले’, टैरिफ पर EU और ब्रिटेन का ट्रंप को जवाब: यह फैसला रिश्तों में दरार डालेगाQ3 Preview: घरेलू बिक्री बढ़ी, दवा कंपनियों की Q3 आमदनी में 8-11% तक उछालUPI को ग्लोबल बनाने की जरूरत, छोटे मर्चेंट्स के लिए सेटलमेंट को सही करना जरूरी: Pay10 के फाउंडरवर्कप्लेस पर तेजी से बढ़ रहा है AI का इस्तेमाल, लेकिन ट्रेनिंग में पीछे छूट रही हैं कंपनियां: रिपोर्टMauni Amavasya 2026: प्रयागराज में संगम पर उमड़ी करोड़ों की श्रद्धालुओं की भीड़, शंकराचार्य विवाद में फंसेदुनिया भर में बढ़ रही भारतीय दवाओं की मांग, नाइजीरिया और ब्राजील बने नए बड़े ठिकानेMarket Outlook: इस हफ्ते शेयर बाजार की चाल तय करेंगे Q3 नतीजे और ग्लोबल संकेतMCap: मार्केट में SBI और Infosys का जलवा, Reliance समेत कई कंपनियों की वैल्यू में गिरावटनेविल टाटा की सर रतन टाटा ट्रस्ट में नियुक्ति की कोशिश फिर फेल, बोर्ड मीटिंग क्वोरम पूरा न होने से रद्द

जेवर में HCL-Foxconn चिप प्लांट को मिली मंजूरी, बनेगा बड़ा मैन्युफैक्चरिंग हब

संयुक्त उपक्रम की यह आउटसोर्स्ड एसेंबली ऐंड टे​स्टिंग (ओएसएटी) इकाई हर महीने 20,000 वैफर तक असेंबल करेगी और इसकी डिजाइन उत्पादन क्षमता 3.6 करोड़ यूटिन प्रति महीने होगी।

Last Updated- May 14, 2025 | 10:32 PM IST
semiconductor Chip
प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि मंत्रिमंडल ने बुधवार को उत्तर प्रदेश के जेवर में 3,700 करोड़ रुपये की लागत वाले एचसीएल ग्रुप-फॉक्सकॉन संयुक्त उपक्रम के चिप एसेंबली संयंत्र को मंजूरी प्रदान कर दी है।

संयुक्त उपक्रम की यह आउटसोर्स्ड एसेंबली ऐंड टे​स्टिंग (ओएसएटी) इकाई हर महीने 20,000 वैफर तक असेंबल करेगी और इसकी डिजाइन उत्पादन क्षमता 3.6 करोड़ यूटिन प्रति महीने होगी। इस संयंत्र से करीब 2,000 लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है।

वैष्णव ने कहा, ‘यह संयंत्र मोबाइल फोन, लैपटॉप, पर्सनल कंप्यूटर, ऑटोमोबाइल और अन्य ऐसे इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के लिए डिस्प्ले ड्राइवर चिप्स का निर्माण करेगा, जिन्हें डिस्प्ले यूनिट की आवश्यकता होती है। भारत के लिए ऐसे संयंत्र की जरूरत थी क्योंकि देश में इलेक्ट्रॉनिक निर्माण हाल के वर्षों में कई गुना बढ़ा है। डिस्प्ले ड्राइवर चिप मौजूदा इकोसिस्टम में प्रमुख घटकों में से एक है।’उन्होंने कहा कि संयंत्र इन चिप को इकट्ठा करने के लिए वेफर-लेवल टेक्नोलॉजी का उपयोग करेगा। इंडिया से​मीकंडक्टर मिशन (आईएसएम) के तहत केंद्र सरकार द्वारा स्वीकृत यह छठी परियोजना है।  

First Published - May 14, 2025 | 10:20 PM IST

संबंधित पोस्ट