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कारोबार में तेजी तो ड्रोन निर्माता बढ़ाने लगे भर्ती

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Last Updated- December 11, 2022 | 6:40 PM IST

ड्रोन निर्माता नए उत्पाद तैयार करने और भारत तथा विदेश के नए बाजारों में संभावनाएं तलाशने के लिए अपने कर्मचारियों की तादाद दोगुनी कर रहे हैं। इसकी वजह यह है कि ताजा फंडिंग और नीतिगत पहल की वजह से ड्रोन तैयार करना और इसका संचालन सरल हो गया है।
दिल्ली एनसीआर की ड्रोन निर्माता कंपनी ओम्नीप्रेजेंट रोबोट टेक के संस्थापक और सीईओ आकाश सिन्हा का कहना है, ‘हमारे कर्मचारियों की संख्या 60 है और हम अगली तिमाही तक इनकी संख्या बढ़ाकर दोगुनी कर लेंगे। हम जिन नए लोगों की भर्ती करेंगे वे सभी ड्रोन डिजाइन, इंजीनियरिंग और पायलट जैसे तकनीकी पहलुओं से जुड़े होंगे। हम अपने रक्षा और निजी क्षेत्रों के अनुबंध के लिए बिक्री में वरिष्ठ भूमिकाओं वाले लोगों की तलाश में हैं।’ कंपनी सरकार को गांवों के नक्शे और बिजली कंपनियों की निगरानी और सर्वे के लिए ड्रोन मुहैया कराती है।
सिन्हा ने कहा, ‘पिछले छह महीने में कारोबारी धारणा में सुधार हुआ है और हमें सरकारों और निजी ग्राहकों से काफी ऑर्डर मिल रहे हैं। हमें राज्य सरकार से करीब 50 करोड़ रुपये का ऑर्डर मिलने वाला है जो हमारे लिए अब तक का सबसे बड़ा ऑर्डर होगा।’ आइडियाफोर्ज भी रक्षा क्षेत्र, घरों की सुरक्षा और औद्योगिक कामों के लिए ड्रोन बनाती है। आइडिया फोर्ज के सह-संस्थापक और सीईओ अंकित मेहता का कहना है, ‘पिछले दो साल हमारे लिए अच्छे साबित हुए और हमारे राजस्व में भी 10 गुना वृद्धि हुई है।’ मेहता ने इस कंपनी की स्थापना 2007 में की थी फिलहाल इससे 350-400 कर्मचारी (अनुबंध कर्मचारी सहित) जुड़े हुए हैं। उनका कहना है, ‘हम अपने स्थायी कर्मचारियों की संख्या 200 से बढ़ाकर 400 कर देंगे और भर्ती होने वाले ज्यादातर कर्मचारी इंजीनियरिंग फंक्शन से जुड़े हैं। भर्ती वाले ज्यादातर लोग इंजीनियरिंग क्षेत्र के लिए काम करेंगे।’
गरुड एरोस्पेस भी अपने कर्मचारियों की संख्या 200 से बढ़ाकर 1,500 कर सकती है और इसके लिए ड्रोन पायलट, इंजीनियर्स और बिक्री अधिकारियों की भर्ती घरेलू और निर्यात बाजार के लिए की जाएगी जिनमें यूएई, मलेशिया, पनामा और अफ्रीका के देश हैं।
गरुड एरोस्पेस के संस्थापक और सीईओ अग्निश्वर जयप्रकाश का कहना है, ‘हम अपना विस्तार काफी तेजी से कर रहे हैं। ड्रोन निर्माण और सेवाओं के साथ ही कंपनी ग्राहकों को डेटा एनालिटिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस ऐप्लीकेशंस मुहैया कराती है।’
आइडियाफोर्ज को पिछले महीने सीरीज बी की फंडिंग के तहत 2 करोड़ डॉलर मिले। वहीं ओम्नीप्रेजेंट रोबोट टेक को जीरोधा के सह संस्थापक निखिल कामत की निवेश कंपनी से फरवरी में पूंजी मिली जिसकी राशि का ब्योरा उपलब्ध नहीं है। सिन्हा ने कहा, ‘हमारे अधिकतर पूंजीगत खर्च नए उत्पाद तैयार करने और मौजूदा हल के प्रभाव में सुधार के लिए किए जा रहे हैं। कंपनी फंड का इस्तेमाल कार्यशील पूंजी और कारोबारी विस्तार के लिए भी करेगी। हमारा मकसद गौतम बुद्ध यूनिवर्सिटी में विनिर्माण एवं ड्रोन प्रशिक्षण केंद्र बनाना है।’

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First Published - May 28, 2022 | 12:10 AM IST

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