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चैंपियंस ट्रॉफी में देर से बोल्ड हुए क्रिकेट प्रसारक

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Last Updated- December 07, 2022 | 6:47 PM IST

क्रिकेट का प्रसारण करने वाली कंपनियों के लिए यह साल अभी तक अच्छा नहीं रहा है। उनके लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद् के आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी का आयोजन एक साल टालने के  फैसले ने इस कोढ़ में खाज का काम ही किया है।


साल की शुरुआत में हुई भारत- दक्षिण अफ्रीका शृंखला से भी नियो ने अच्छी कमाई की थी। लेकिन डीएलएफ  आईपीएल के बाद से सभी प्रसारकों को विज्ञापनों से होने वाली कमाई और दर्शकों की बेरुखी का सामना करना पड़ रहा है।

मीडिया में कंपनियों के लिए विज्ञापनों का समय खरीदने और कीमत तय करने वाली एजेंसियों के मुताबिक भारत-पाकिस्तान-बांग्लादेश शृंखला के दौरान नियो स्पोट्र्स पर 10 सैकेंड के विज्ञापन की कीमत 1.75 लाख रुपये से 1.8 लाख रुपये के बीच थी।

ईएसपीएन-स्टार स्पोट्र्स पर प्रसारित होने वाले एशिया कप के दौरान भी विज्ञापनों के लिए लगभग यही कीमत थी। चैनल इस शृंखला के लिए भारती एयरटेल, हैवल्स, फ्यूचर ग्रुप और मारुति समेत चार प्रायोजक ही जुटा पाया है। इस शृंखला के दौरान 10 सैकेंड के स्पॉट की कीमत 1.2 लाख रुपये से 1.5 लाख रुपये के बीच में थी।

सूत्रों ने बताया कि पहले इन चैनलों ने 10 सैकेंड के स्पॉट के लिए 2-2.5 लाख रुपये की मांग की थी जिसे विज्ञापकों ने नहीं माना। इसीलिए इन चैनलों को कम दाम में विज्ञापन स्पॉट बेचने पड़े। लेकिन आईपीएल के आधिकारिक प्रसारणकर्ता सेट मैक्स ने आईपएल के दौरान विज्ञापनों से ही लगभग 300 करोड़ रुपये की कमाई की थी।

आईपीएल में चैनल को 10 सेकंड के लिए लगभग 3 लाख रुपये मिले थे। सेमीफाइनल और फाइनल के दौरान यह कीमत बढ़कर 6-7 लाख रुपये तक पहुंच गई थी। ग्रुप एम की प्रबंध निदेशक शुभा जॉर्ज ने कहा, ‘आईपीएल जैसी बड़ी प्रतियोगिता के बाद ऐसे हालात होना लाजिमी है। ऐसा हर भव्य आयोजन के साथ होता है।’

मीडिया के सूत्रों के मुताबिक अगर आईपीएल का आयोजन नहीं हुआ होता तो क्रिकेट टूर्नामेंटों के दौरान चैनल 20 फीसदी ज्यादा रकम की मांग करते। भारत-श्रीलंका शृंखला के अधिकारिक प्रसारणकर्ता टेन स्पोट्र्स को भी इस श्रृंखला को प्रायोजित करने के लिए पांच प्रायोजक ही मिल पाए हैं। इसमें 10 सेकंड के स्लॉट की कीमत 1.8 लाख रुपये है।

ताज टेलीविजन इंडिया की महाप्रबंधक रुकिन किजलीबाश ने कहा, ‘इस समय बहुत ज्यादा क्रिकेट हो रही है और साथ में ओलंपिक खेल भी चल रहे थे। इससे भारत-श्रीलंका शृंखला से होने वाली कमाई पर फर्क पड़ा है। हालांकि अभी हम टीआरपी के आंकड़ों का इंतजार कर रहे हैं।’

अब चैंपियंस ट्रॉफी को अगले साल के लिए टाल दिया गया है। लेकिन इन कंपनियों को उम्मीद है कि अक्तूबर में होने वाली भारत- ऑस्ट्रेलिया सीरीज के लिए प्रसारकों को कई प्रायोजक और विज्ञापक भी मिलेंगे। नियो स्पोट्र्स ब्रॉडकास्ट के प्रमुख (मार्केटिंग और कम्युनिकेशंस) अभिषेक वर्मा ने बताया, ‘हाल के समय में भारत-ऑस्ट्रेलिया शृंखला ने दर्शकों को काफी आकर्षित किया है।

हमें उम्मीद है कि इस शृंखला के दौरान हमें काफी विज्ञापक मिलेंगे।’ इस शृंखला के बाद ही नवंबर-दिसंबर में भारत-इंग्लैंड शृंखला है। अगले साल चैंपियंस ट्रॉफी, डीएलएफ आईपीएल और ट्वेंटी-20 वर्ल्ड कप जैसे क्रिकेट के तीन बड़े टूर्नामेंट होने हैं।

ग्रे ग्लोबल ग्रुप के अध्यक्ष (दक्षिण पूर्वी एशिया) निर्वीक सिंह ने कहा, ‘बजट सीमित होगा और विज्ञापकों को इन तीनों में से किसी को चुनना होगा। डीएलएफ आईपीएल ने क्रिकेट को एक अलग स्तर पर पहुंचा दिया है।’

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First Published - August 26, 2008 | 11:35 PM IST

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