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तहजीब के शहर को भाई सूचना तकनीक

Last Updated- December 05, 2022 | 5:14 PM IST

महानगरों में प्रॉपर्टी की बढ़ती कीमतों से परेशान लोग अब मझोले शहरों की ओर रुख कर रहे हैं।


इसी कारण लखनऊ में भी बड़ी तादाद में प्रॉपर्टी से जुड़े प्रमुख कारोबारी रिहायशी और  कॉम्प्लेक्सों को बनाने की कवायद में जुटे हुए हैं। दिलचस्प यह है कि उनकी नजर खास आईटी क्षेत्र पर टिक गई है। इसके तहत वे ‘साइबर कॉम्प्लेक्स’ और ‘साइबर हब’ बनाने को ही तरजीह दे रहे हैं। ज्यादातर डेवलपर्स सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) कंपनियों के लिए उपयुक्त माहौल (अत्याधुनिक कार्यालयरिहाइश) देने में जुटे हैं।


तीर्थ हाउसिंग के निदेशक राहुल अग्रवाल ने बिजनेस स्टैंडर्ड को बताया कि महानगरों में प्रॉपर्टी का किराया बहुत ज्यादा है, वहीं रहन-सहन पर भी अच्छी-खासी रकम खर्च हो जाती है। यही वजह है कि कई अंतरराष्ट्रीय व भारतीय कंपनियां अपने कामकाज को लखनऊ जैसे थ्री टीयर शहरों में शिफ्ट कर रही हैं। दरअसल, इन शहरों में ऑफिस आदि का किराया भी कम है, वहीं प्रशिक्षित कर्मचारी भी आसानी से उपलब्ध हो जाते हैं।


आईटी और उससे संबद्ध अन्य कंपनियों को ध्यान में रखकर लखनऊ में ‘साइबर टावर’ का निर्माण किया जा रहा है, जहां आईटी कंपनियों को लीज पर जगह उपलब्ध कराई जाएगी।  कुल 11,000 वर्ग फीट में बन रहे इस टावर का निर्माण एक साल के अंदर पूरा हो जाएगा। लखनऊ की बात करें, तो यहां प्रति माह 30 से 60 रुपये वर्ग फीट के हिसाब से जगह मिल जाती है, जबकि महानगरों में यह किराया 200 से 300 रुपये प्रति वर्ग फीट है।


उधर, अंसल एपीआई (अंसल प्रॉपर्टी ऐंड इन्फ्रास्ट्रक्चर) अपने प्रस्तावित सुशांत गोल्फ सिटी के लिए लखनऊ-सुल्तानपुर रोड पर 52 एकड़ क्षेत्र में आईटी सेज विकसित कर रही है। लखनऊ में सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क भी विकसित किया जा रहा है, जिसे टाटा कंसल्टेंसी बना रही है।


आईटी हब बनने की ओर तेजी से अग्रसर है तहजीब का शहर
कम किराया और कुशल कर्मचारी की आस में महानगरों से मझोले शहरों की ओर रुख कर रही हैं आईटी कंपनियां

First Published - March 28, 2008 | 1:24 AM IST

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