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IT कंपनियों की नजर जेनेरेटिव AI पर, बदलाव पर जोर

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TCS 50 से ज्यादा पीओसी और जेनएआई से जुड़ी परियोजनाओं में लगी हुई है।

Last Updated- September 04, 2023 | 10:10 PM IST
Nvidia

भारतीय आईटी सेवा कंपनियां जेनेरेटिव आर्टीफिशल इंटेलिजेंस (जेनएआई) में निवेश बढ़ा रही हैं, क्योंकि ग्राहक प्रूफ-ऑफ-कॉनसेप्ट (पीओसी) पर खर्च करने और इस तकनीक में संभावना तलाशने के लिए सेवा प्रदाताओं के साथ काम करने को उत्साहित हैं।

एवरेस्ट ग्रुप में पार्टनर (टेक्नोलॉजी) नितीश मित्तल का कहना है, ‘हम देख रहे हैं कि आईटी कंपनियों के ग्राहक अपने टेक्नोलॉजी बजट का 1-3 प्रतिशत हिस्सा जेनएआई में प्रयोग के लिए निर्धारित कर रहे हैं, जिससे आईटी सेवा प्रदाताओं के लिए इसका लाभ उठाने की संभावनाएं बढ़ रही हैं। ग्राहक जेनएआई के शुरुआती प्रभाव को लेकर आश्वस्त हैं।’

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विश्लेषकों का कहना है कि जेनएआई से आईटी कंपनियों को तुरंत राजस्व कमाने में मदद नहीं मिल सकती है। मित्तल का कहना है, ‘जेनएआई में बदलाव प्रदाताओं के लिए मार्जिन में मददगार साबित नहीं होगा, क्योंकि वे तुरंत इसका लाभ उठाने में सक्षम नहीं होंगे।’

हालांकि जेनएआई आईटी प्रदाताओं के लिए मार्जिन अनुकूल है, क्योंकि वे इसे ग्राहक परियोजनाओं के लिए समय की बचत के लिए भी इस्तेमाल कर रहे हैं। मित्तल ने कहा, ‘इसलिए, यह उन्हें समान कार्य पहले की तुलना में ज्यादा कारगर तरीके से करने में सक्षम बनाएगा। उदाहरण के लिए, शुरुआती परिणाम से संकेत मिलता है कि डेवलपर उत्पादकता 35 प्रश्तिात बढ़ सकती है, जिसकी वजह से टेक कंपनियों को बड़ी बचत करने में मदद मिलेगी।’

डेलॉयट द्वारा जारी ‘स्टेट ऑफ एआई इन इंडिया’ रिपोर्ट के अनुसार एआई में भरोसा बढ़ा है, क्योंकि आईटी क्षेत्र समेत विभिन्न व्यवसायों ने पिछले साल की तुलना में अपने एआई निवेश में वृद्धि दर्ज की है।

डेलॉयट इंडिया में पार्टनर (कंसल्टिंग) प्रशांत कड्डी का कहा है, ‘आईटी कंपनियां एआई इस्तेमाल में तेजी लाने के लिए कई कदम उठा रही हैं और एआई पहलों से लाभ हासिल कर रही हैं। स्पष्ट एआई विजन सुनिश्चित करने के लिए, सही एआई रणनीति के चयन, प्रभावी बदलाव प्रबंधन और एआई के तेजी से इस्तेमाल से इस तकनीक आधारित परिवेश विकसित करने में मदद मिलेगी।’

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हाल में, विप्रो ने अगले तीन साल के दौरान एआई क्षमताएं उन्नत बनाने के लिए विप्रो एआई360 की पेशकश पर 1 अरब डॉलर निवेश करने की प्रतिबद्धता जताई है। विप्रो एआई360 एक एआई-फर्स्ट इनोवेशन इकोसिस्टम है जिसका मकसद एआई को ग्राहकों से जुड़े हरेक प्लेटफॉर्म, टूल और समाधान में शामिल करना है।

नैस्डैक सूचीबद्ध कॉग्निजेंट टेक्नोलॉजी सॉल्युशंस ने पिछले महीने कहा कि वह 3 साल के दौरान जेनएआई में 1 अरब डॉलर का निवेश करेगी। कंपनी के मुख्य कार्याधिकारी रवि कुमार एस ने कहा, ‘हमारा मानना है कि कॉग्निजेंट जेनएआई अवसरों की मुख्य लाभार्थी होगी और हमारे पास 100 से ज्यादा सक्रिय एआई इंगेजमेंट हैं और सैकड़ों परियोजनाओं में हमारी एआई सेवाओं का इस्तेमाल किया जा रहा है।’

इस साल मई में, इन्फोसिस ने अपना टोपाज प्लेटफॉर्म पेश किया।

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First Published - September 4, 2023 | 10:10 PM IST

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