प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो
हाल ही में शुरू हुआ नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा और शीघ्र संचालन के लिए तैयार नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा आदि नए उभरते हवाई अड्डे इसमें महत्त्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। क्योंकि इनके आसपास तमाम ब्रांडेड होटल अपनी श्रृंखलाएं स्थापित करने लगते हैं। इससे ब्रांडेड कमरों की मांग और आपूर्ति के बीच मौजूद बड़े अंतर को पाटने में मदद मिल रही है।
दिसंबर 2025 की मोतीलाल ओसवाल की रिपोर्ट के अनुसार, नवी मुंबई हवाई अड्डे के संचालन से इस क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों में तेज वृद्धि होने की उम्मीद है। क्योंकि इससे इस महत्त्वपूर्ण औद्योगिक और वाणिज्यिक केंद्र में बैठकों, प्रोत्साहन यात्राओं, सम्मेलनों और प्रदर्शनी जैसी गतिविधियों में बढ़ोतरी होगी। इसके अलावा लोनावाला व अलीबाग जैसे आसपास के तमाम पर्यटन स्थलों पर लोगों की आमद बढ़ेगी। इन सब का सीधा फायदा हॉस्पिटैलिटी सेक्टर को मिलेगा। इस हवाई अड्डे से बीते क्रिसमस के दिन ही यात्री उड़ानें शुरू हुई हैं।
रिपोर्ट में कहा गया है कि नवी मुंबई अभी आतिथ्य कारोबार शुरुआती दौर में है। इससे पूरी तरह भुनाया नहीं जा सका है। इस वक्त यहां प्रमुख होटलों के पास केवल 1,539 कमरे हैं। लेकिन हवाई अड्डा चालू होने के बाद और भी होटल यहां आने की योजना बना रहे हैं।
साम्ही ने नवी मुंबई में 700 कमरों के साथ अपने सबसे बड़े होटल की घोषणा की है और अगले तीन-चार वर्षों में 6.5 अरब रुपये के पूंजीगत व्यय का अनुमान जताया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि रेडिसन होटल ग्रुप ने हिल क्रेस्ट होटल्स ऐंड रिसॉर्ट्स के साथ साझेदारी में 35 कमरों का होटल बनाने की घोषणा की है। इसमें 2030 से परिचालन शुरू हो जाएगा। लेमन ट्री, शैले और पार्क होटल जैसी प्रमुख कंपनियों ने भी इस क्षेत्र में क्रमशः 400, 280 और 250 कमरों वाले होटल तैयार करने की योजना बनाई है।
होटल एसोसिएशन ऑफ इंडिया के महासचिव एमपी बेजबरुआ ने कहा कि नवी मुंबई के आसपास नियोजित एरोसिटी के साथ कई होटल और मिश्रित उपयोग वाली इमारतें खड़ी हो रही हैं। यही नहीं, कॉर्पोरेट यात्रा, कार्यक्रमों और ट्रांजिट मांग को पूरा करने के लिए बड़े होटलों की योजना बनाई जा रही है।
नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा अभी परिचालन के लिए खुला भी नहीं है और यहां तमाम नामी कंपनियां यहां अपने होटल स्थापित करने को लालायित हैं। दिल्ली स्थित बर्ड ग्रुप की हॉस्पिटैलिटी शाखा रोजेट होटल्स ऐंड रिसॉर्ट्स 2.6 एकड़ क्षेत्र में 246 कमरों और 10,000 वर्ग फुट की बैंक्वेट सुविधा के साथ नया स्मार्ट लग्जरी होटल विकसित कर रही है।
कंपनी के मुख्य कार्याधिकारी कुश कपूर ने कहा कि नए हवाई अड्डे पूरी तरह से हॉस्पिटैलिटी बाजारों के विकास को गति देते हैं। शैले होटल्स के मुख्य परिचालन अधिकारी गौरव सिंह ने कहा कि नोएडा अंतराष्ट्रीय हवाई अड्डे के पूरी तरह चालू होने के बाद यमुना एक्सप्रेसवे से जुड़ा ग्रेटर नोएडा का पूरा क्षेत्र प्रमुख हॉस्पिटैलिटी माइक्रो-मार्केट में बदल जाएगा।
देश की सबसे बड़ी हॉस्पिटैलिटी चेन इंडियन होटल्स ने दिसंबर में नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे के किनारे ताज होटल और ताज ब्रांडेड आवास परियोजना की घोषणा की है, जिसमें 150 कमरे और 74 लक्जरी आवास शामिल होंगे।
गौरव सिंह ने कहा कि वित्त वर्ष 2030 तक हवाई यात्रियों की संख्या 62 करोड़ से अधिक होने की उम्मीद है। इससे पूरे महानगर ही नहीं, आसपास के क्षेत्रों में होटल कमरों की मांग बढ़ेगी। नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा एनसीआर ही नहीं, पूरे पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए प्रमुख प्रवेश द्वार बनने जा रहा है।
रॉयल ऑर्किड होटल्स के अध्यक्ष अर्जुन बलजी ने कहा कि हम एरोट्रोपोलिस का उभार देख रहे हैं। नए हवाई अड्डे वाले शहर केवल ट्रांजिट का ही काम नहीं करते, बल्कि कॉर्पोरेट मुख्यालयों, बड़े प्रदर्शनी केंद्रों और लॉजिस्टिक्स हब के विकास का केंद्र बन रहे हैं।
रियल एस्टेट सेवा फर्म सीबीआरई के अध्यक्ष और मुख्य कार्याधिकारी अंशुमन मैगजीन ने कहा कि नए हवाई अड्डे अक्सर नए होटल बाजार को खड़ा करते हैं। हवाई अड्डा होटल अब केवल उड़ानों के बीच ठहराव तक सीमित नहीं हैं, बल्कि उच्च मूल्य वाले लक्जरी सेवा प्रदाता के रूप में उभर रहे हैं, जहां काम, अवकाश और कनेक्टिविटी एक साथ मिलती है। इसका बड़ा उदाहरण लंदन, न्यूयॉर्क और तोक्यो जैसे वैश्विक शहर हैं, जहां हवाई अड्डों के आसपास बड़े पैमाने पर शहरी और आर्थिक गतिविधियां फैल रही हैं।