facebookmetapixel
माघ मेले में बसंत पंचमी पर 3.2 करोड़ से ज्यादा श्रद्धालुओं ने किया संगम स्नान, कल्पवासियों की वापसी शुरूBudget 2026: सैलरीड टैक्सपेयर्स को क्या मिलेगी राहत? न्यू टैक्स रिजीम पर बड़ा फोकसBudget 2026: कैपेक्स और रोजगार पर जोर, टैक्स कलेक्शन व विनिवेश बने रहेंगे चुनौतीदेश की अर्थव्यवस्था का रिपोर्ट कार्ड! Budget से पहले आएगा इकोनॉमिक सर्वे, जानें क्या है इसकी अहमियतBudget 2026: अहम तारीखें, इकोनॉमिक सर्वे और लाइव कवरेज; बजट से जुड़ी हर जरूरी जानकारीMarket This Week: FIIs की बिकवाली और सुस्त नतीजों से सहमा बाजार, सेंसेक्स-निफ्टी 2.5% टूट; निवेशकों के ₹16 लाख करोड़ डूबेJSW Steel Q3 Results: मुनाफा तीन गुना से ज्यादा बढ़कर ₹2,400 करोड़ के पार, कुल आय ₹46,264 करोड़ परसुकन्या समृद्धि योजना के 11 साल पूरे! कैसे इसकी मदद से आप अपनी बेटी के लिए ₹72 लाख का फंड बना सकते हैं?Budget 2026: मैन्युफैक्चरिंग, डिफेंस से लेकर MSME तक; उद्योग जगत इस साल के बजट से क्या चाहता है?Cipla Q3FY26 Results: मुनाफा 57% घटकर ₹676 करोड़, अमेरिकी कारोबार में कमजोरी से झटका; शेयर 3.7% फिसले

MF Husain: गांव की मिट्टी से निकली पेंटिंग ने तोड़े सारे रिकॉर्ड, ₹118 करोड़ में हुई नीलामी

साल 1954 में बनी यह पेंटिंग लगभग 14 फीट लंबी है। इसमें हुसैन ने भारतीय गांव की ज़िंदगी के 13 अलग-अलग दृश्यों को दिखाया है।

Last Updated- March 20, 2025 | 7:25 PM IST
MF Husain

मशहूर भारतीय कलाकार मक़बूल फिदा हुसैन की ऐतिहासिक पेंटिंग Untitled (Gram Yatra) ने आधुनिक भारतीय कला के सभी पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए। यह पेंटिंग न्यूयॉर्क के क्रिस्टीज़ नीलामी घर में 118.7 करोड़ रुपये (13.75 मिलियन डॉलर) में बिकी। यह अब तक किसी आधुनिक भारतीय कला के लिए सबसे ऊंची कीमत है। इससे पहले अमृता शेरगिल की 1937 में बनी पेंटिंग The Story Teller को 61.8 करोड़ रुपये में बेचा गया था, जो सितंबर 2023 में रिकॉर्ड बना चुकी थी।

न्यूयॉर्क के रॉकफेलर सेंटर में जैसे ही नीलामी की हथौड़ी इस पेंटिंग की बिक्री के लिए गिरी, तालियों की गड़गड़ाहट गूंज उठी। इसे एक गुमनाम संस्था ने खरीदा।

क्रिस्टीज़ में साउथ एशियन मॉडर्न एंड कंटेम्पररी आर्ट के प्रमुख निशाद अवरी ने कहा, “यह ऐतिहासिक पल है और दक्षिण एशियाई आधुनिक कला बाजार की तेज़ी से बढ़ती लोकप्रियता को दिखाता है।” हुसैन की इससे पहले सबसे महंगी पेंटिंग Untitled (Reincarnation) थी, जो पिछले साल लंदन में करीब 26.8 करोड़ रुपये (3.1 मिलियन डॉलर) में बिकी थी।

पेंटिंग में गांव की कहानी

साल 1954 में बनी यह पेंटिंग लगभग 14 फीट लंबी है। इसमें हुसैन ने भारतीय गांव की ज़िंदगी के 13 अलग-अलग दृश्यों को दिखाया है। पेंटिंग के बीच में एक पुरुष और महिला बैलगाड़ी पर बैठे हैं, जो भारत के कृषि जीवन को दर्शाता है। इसके आसपास महिलाएं गाय का दूध दुहती, अनाज पीसती और बच्चों की देखभाल करती नज़र आती हैं। एक किसान की छवि भी दिखाई गई है, जो ज़मीन को ऊपर उठाते हुए देश की नींव का प्रतीक है।

पेंटिंग का सफर

यह पेंटिंग अपने आप में भी एक रोचक सफर तय कर चुकी है। 1954 में बनकर तैयार होने के बाद, यह भारत से नॉर्वे चली गई। नॉर्वे के डॉक्टर लियोन एलियास वोलोडार्स्की ने इसे खरीदा था। वे दिल्ली में विश्व स्वास्थ्य संगठन के लिए एक सर्जरी प्रशिक्षण केंद्र खोलने आए थे। बाद में उन्होंने यह पेंटिंग 1964 में ओस्लो यूनिवर्सिटी हॉस्पिटल को दान कर दी। अब इस पेंटिंग की नीलामी से मिली रकम अस्पताल में डॉक्टरों के प्रशिक्षण में खर्च की जाएगी।

हुसैन की कला में वैश्विक प्रभाव

इस पेंटिंग के दोबारा सामने आने से कला प्रेमियों में काफी उत्साह है। इसमें यूरोपीय और पूर्वी एशियाई कला शैलियों का असर दिखता है। 1952 में चीन यात्रा के दौरान हुसैन ने कलाकार शू बेइहॉन्ग और ची बाईशी से मुलाकात की थी। उनके ब्रशवर्क की झलक ग्राम यात्रा में मिलती है। 1953 में यूरोप जाकर उन्होंने पिकासो, मतीस, पॉल क्ली और मोदिग्लियानी जैसे कलाकारों के काम को भी करीब से देखा।

फिर भी, हुसैन की यह कृति भारतीय संस्कृति और गांव की मिट्टी से जुड़ी हुई है। निशाद अवरी कहते हैं, “अगर आप एक ऐसी पेंटिंग ढूंढ रहे हैं जो आधुनिक दक्षिण एशियाई कला को परिभाषित करे, तो यह वही है।”

First Published - March 20, 2025 | 7:20 PM IST

संबंधित पोस्ट